कर्नाटक ने लॉन्च किया KEO, राज्य द्वारा विकसित किया गया AI-रेडी पर्सनल कंप्यूटर
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने KEO के लॉन्च की घोषणा की है. इस उपकरण का उद्देश्य पूरे कर्नाटक में नागरिकों को सशक्त बनाना है.

Published : November 17, 2025 at 5:19 PM IST
बेंगलुरु: कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को KEO के लॉन्च की घोषणा की है. यह एक कॉम्पैक्ट, किफ़ायती, AI-रेडी पर्सनल कंप्यूटर है, जिसे पूरी तरह से राज्य में ही डिज़ाइन और विकसित किया गया है, ताकि डिजिटल पहुंच की कमी को पूरा किया जा सके. अधिकारियों ने बताया कि इस डिवाइस का उद्देश्य, ज्ञान-संचालित, किफायती, ओपन-सोर्स (KEO) को ज़मीनी स्तर पर इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग तक पहुंच बनाना और पूरे कर्नाटक में नागरिकों को सशक्त बनाना है.
इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बीटी विभाग द्वारा KEONICS (कर्नाटक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड) के सहयोग से विकसित KEO का औपचारिक खुलासा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा 18 नवंबर से शुरू होने वाले बेंगलुरु टेक समिट (BTS) 2025 के उद्घाटन समारोह में किया जाएगा.
इलेक्ट्रॉनिक्स, IT/BT और ग्रामीण विकास मंत्री ने BTS 2025 के पूर्व-कार्यक्रम उद्घाटन समारोह में कहा कि, "कर्नाटक अपना स्वयं का किफायती AI पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च कर रहा है. दुनिया में यह पहली बार है, जब किसी राज्य ने इतना साहसिक और क्रांतिकारी कदम उठाया है."
उन्होंने आगे कहा कि, "KEO कर्नाटक की भावना का प्रतीक है, जिसे स्थानीय स्टार्टअप्स और कन्नड़ लोगों द्वारा डिज़ाइन, विकसित और असेंबल किया गया है." प्रियांक ने कहा कि, "इस उपकरण को यह सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है कि हर छात्र, इंजीनियर, रचनाकार, नवप्रवर्तक और परिवार को न केवल शीर्ष स्तर पर, बल्कि जमीनी स्तर पर भी शक्तिशाली, बुद्धिमान कंप्यूटिंग तक पहुंच प्राप्त हो."
मंत्री ने कहा कि, "KEO डिजिटल डिवाइड के लिए कर्नाटक का व्यावहारिक उत्तर है. यह कोई लग्जरी डिवाइस नहीं, बल्कि समावेशी डिवाइस है. किफायती मास कंप्यूटिंग छात्रों, छोटे व्यवसायों और परिवारों को डिजिटल अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से भाग लेने का अवसर प्रदान करेगी."
एक बयान के अनुसार, KEO एक ओपन-सोर्स RISC-V प्रोसेसर और Linux-आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है, जो किफायती दाम पर संपूर्ण कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस प्रदान करता है. इसमें 4G, वाई-फाई, ईथरनेट, USB-A और USB-C पोर्ट, HDMI और ऑडियो सपोर्ट है, और यह लर्निंग, प्रोग्रामिंग और उत्पादकता टूल के साथ पहले से लोडेड आता है.
इस डिवाइस में एक ऑन-डिवाइस AI कोर भी शामिल है, जो AI अनुप्रयोगों को इंटरनेट एक्सेस के बिना स्थानीय रूप से चलाने में सक्षम बनाता है. इसमें BUDDH (बौद्ध) नामक एक AI एजेंट पहले से लोड है, जिसे कर्नाटक DSERT पाठ्यक्रम पर प्रशिक्षित किया गया है और जिसे कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी छात्रों की सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है.
पूरे शिखर सम्मेलन में KEO का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे छात्रों, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत के नेताओं और आगंतुकों को इस उपकरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा और राज्य भर में किफायती और व्यापक AI-रेडी कंप्यूटिंग को सक्षम बनाने में इसकी क्षमता को समझने का अवसर मिलेगा.
KEONICS के अध्यक्ष, शरत कुमार बचे गौड़ा ने कहा कि, "ओपन-सोर्स RISC-V स्टैक को अपनाकर, KEO सुलभ, स्थानीय रूप से अनुकूलनीय, घरेलू कंप्यूटिंग समाधानों के प्रति कर्नाटक की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है." उन्होंने कहा कि, "यह उपकरण स्कूलों, विश्वविद्यालयों, छोटे व्यवसायों, सरकारी कार्यालयों और घरों में लगाया जाएगा, जिससे डिजिटल शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के लिए रास्ते तैयार होंगे."
शरत ने आगे कहा कि, "KEO सभी जिलों में विकेन्द्रीकृत तकनीकी विकास का निर्माण करने और प्रत्येक नागरिक के लिए समान डिजिटल अवसर सुनिश्चित करने के कर्नाटक के मिशन का एक मुख्य स्तंभ है."
इलेक्ट्रॉनिक्स, IT और BT विभाग और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) द्वारा आयोजित बेंगलुरु टेक समिट 2025 का 28वां वर्जन 'Futurise' थीम के तहत चलेगा, जिसमें वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, निवेशकों, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को डीप-टेक, बायोटेक और हेल्थ-टेक, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप इनोवेशन में उभरती सीमाओं का पता लगाने के लिए एक साथ लाया जाएगा.

