diVine नाम से री-लॉन्च होगा पुराना शॉर्ट वीडियो ऐप Vine, इसमें नहीं चलेगी एल्गोरिद्म की मनमानी
Vine अब diVine बनकर लौट रहा है, जिसमें लाखों पुराने वीडियो वापस लाए जा रहे हैं. इस प्लेटफॉर्म पर AI वीडियोज़ बिल्कुल नहीं चलेंगे.


Published : November 14, 2025 at 7:13 PM IST
हैदराबाद: एक जमाना था, जब सिर्फ 6 सेकंड की वीडियो ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया था. उस तूफानी ऐप का नाम Vine था, जो साइज में तो छोटा था, लेकिन काफी क्रिएटिव था. अब उस ऐप का कमबैक हो रहा है. ट्विटर (नया नाम एक्स) के फाउंडर जैक डॉर्सी Vine ऐप को एक नए अवतार में लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं और इस बार इस ऐप का नाम diVine होगा. ट्विटर के पुराने सीईओ जैक डॉर्सी ने Vine को दोबारा ज़िंदा करने का प्रोजेक्ट शुरू किया है. इस ऐप का काम तो पुराना ही होगा लेकिन अंदाज नया होने वाला है.
सबसे दिलचस्प बात?
diVine सिर्फ एक री-लॉन्च नहीं है बल्कि ये Vine की पूरी खोई हुई दुनिया को वापस लाने की कोशिश है. इसकी टीम ने पुराने बैकअप से 1 लाख से ज्यादा Vine वीडियो रिकवर किए हैं. ये वो वीडियो हैं जो Vine बंद होने से ठीक पहले Archive Team ने सेव कर लिए थे. आम यूज़र इन 40-50GB बाइनरी फाइल्स को कभी खोल भी नहीं सकता था, लेकिन Evan Henshaw-Plath (उर्फ़ Rabble) ने इन्हें फिर से देखने लायक बना दिया है. ऐसे में जिन लोगों ने उस जमाने में पुरानी वीडियोज़ बनाई होंगी, उन्हें अब अपनी पुरानी वीडियो देखकर कई पुरानी यादों को ताज़ा करने का मौका मिलेगा.

आपको बता दें कि Evan Henshaw-Plath ट्विटर के शुरुआती कर्मचारियों में से एक थे. उन्हें टेक्नोलॉजिकल वर्ल्ड में 'Rabble' नाम से जाना जाता है. उन्हें टेक्नोलॉजी और इंटरनेट के लंबे इतिहास में काम करने का अनुभव है और वो ओपन-सोर्स प्रोजेट्क्स में विश्वास रखते हैं. diVine ऐप का फाउंडर-डेवलपर Rabble ही है. उन्होंने Vine के पुराने क्रिएटर्स के लिए प्रोफाइल रिकनस्ट्रक्शन भी किया है ताकि वो अपने पुराने Vine अकाउंट्स को वापस पा सकें और अगर चाहें तो नए वीडियोज़ को अपलोड कर सकें.
diVine की कुछ खास बातें
| फीचर | क्या खास है? |
| AI वीडियो बैन | diVine पर सिर्फ असली इंसानों के रियल वीडियो चलेंगे, कोई AI-जनरेटेड क्लिप नहीं |
| 1–2 लाख पुराने वीडियोज़ | Vine के लगभग 1 लाख से ज्यादा पुराने वीडियोज़ वापस आएंगे, जो पुराने क्रिएटर्स ने बनाए थे |
| पुराना क्रिएटर कंट्रोल | Vine क्रिएटर चाहे तो DMCA डालकर अपना वीडियो हटवा सकता है |
| डिसेंट्रलाइज़्ड टेक | इस ऐप को कोई बड़ी कंपनी कंट्रोल नहीं करेगी, यूज़र और क्रिएटर की फ्रीडम मिलेगी |
| बीटा फुल | iOS बीटा अलरेडी फुल है, यह ऐप अब App Store और Play Store अप्रूवल का इंतज़ार कर रहा है |
Vine ऐप की हिस्ट्री
आजकल सोशल मीडिया की दुनिया में Reels, Shorts और TikTok जो धमाल मचाया हुआ है, उसकी शुरुआत सालों पहले Vine ऐप ने ही की थी. यह वो प्लेटफॉर्म था, जिसे लोगों को सिखाया कि सिर्फ 6 सेकंड की वीडियो बनाकर भी अपनी क्रिएटिविटी को सोशल मीडिया के जरिए दुनिया के सामने दिखाया जा सकता है. इस ऐप को साल 2012 में Dom Hofmann, Rus Yusupov और Colin Kroll ने मिलकर बनाया था. यह एक ऐसा मोबाइल ऐप था, जिसमें लोग सिर्फ 6 सेकंड की शॉर्ट वीडियो शूट करके डाल सकते थे और वो अपने-आप लूप होती थी.
वाइन ऐप आम यूज़र्स के लिए लॉन्च भी नहीं हुआ था कि अक्टूबर 2012 में ट्विटर ने इसे खरीद लिया था क्योंकि उस वक्त ट्विटर ने सोचा था कि यह शॉर्ट वीडियो फॉर्म का भविष्य हो सकता है.उसके बाद जनवरी 2013 में इस ऐप को ट्विटर के पुराने सीईओ जैक डॉर्सी ने आईओएस डिवाइस के लिए भी लॉन्च किया और लॉन्च होते ही यह ऐप सुपरहिट हो गया था.
अब होगा री-लॉन्च
2015-16 तक वाइन की ग्रोथ अचानक रुक गई क्योंकि यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए शॉर्ट वीडियो क्रिएटर्स को मोनीटाइजेशन का ऑप्शन मिला. ट्विटर वाइन ऐप को सही दिशा नहीं दे पाया और अक्टूब 2016 में उसे बंद करने का ऐलान करना पड़ा. जनवरी 2017 में वाइन ऐप को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया और उसे सिर्फ एक Vine Camera नाम के एक बेसिक रिकॉर्डिंग ऐप में बदल दिया गया है.अब जैक डॉर्सी ने एक बार फिर इस ऐप को री-लॉन्च करने का फैसला किया है.
जैक डॉर्सी ने अपनी नॉन-प्रॉफिट संस्था 'and Other Stuff' के जरिए diVine ऐप को फंड किया है. डॉर्सी ने कहा, उन्होंने यह फंड इसलिए किया है ताकि क्रिएटिव इंजीनियर्स (जैसे Rabble) दिखा सकें कि बिना बड़े इनवेस्टर्स और ट्रेडिशनल बिजनेस मॉडल के भी कुछ बहुत पॉइंटफुल और लॉन्ग-टर्म सोशल ऐप्स बनाए जा सकते हैं.
Evan (Rabble) का मकसद सिर्फ एक नया ऐप बनाना नहीं है, बल्कि वो पुराना सोशल मीडिया वाइब वापस लाना है, जहां फीड में सिर्फ वही लोग दिखते थे जिन्हें यूज़र खुद फॉलो करता था, न कि एल्गोरिद्म की मनमानी चलती थी. इसमें ना कोई AI फेस स्वैप होगा और ना कोई फेक फिल्टर नहीं. इसमें सिर्फ असली इंसान दिखेंगे और उनकी क्रिएटिविटी दिखेगी.

