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Google Translate में Gemini AI अपडेट, अब मिलेगा टोन गाइडेंस और कॉन्टेक्स्ट समझाने वाला फीचर

Google Translate में Gemini AI अपडेट से अब टोन गाइडेंस, कई विकल्प और संदर्भ समझाने वाला स्मार्ट फीचर मिलेगा.

The new Gemini AI update in Google Translate will now help with tone, context, and choosing the right words.
Google Translate में नया Gemini AI अपडेट अब टोन, संदर्भ और सही शब्द चुनने में मदद करेगा. (Google)
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By ETV Bharat Tech Team

Published : February 27, 2026 at 4:39 PM IST

3 Min Read
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हैदराबाद: गूगल ने अपने लोकप्रिय ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म गूगल ट्रांसलेट में नए एआई फीचर्स जोड़ दिए हैं. इन अपडेट्स के बाद अब सिर्फ शब्दों का सीधा ट्रांसलेशन नहीं मिलेगा, बल्कि भाषा का मतलब, टोन और सही कॉन्टेक्स्ट भी समझाया जाएगा. कंपनी ने बताया कि ये बदलाव जेमिनी के मल्टीलिंगुअल एआई मॉडल की मदद से किए गए हैं, जिससे ट्रांसलेशन पहले से ज्यादा स्मार्ट और उपयोगी हो गया है.

गूगल ब्लॉग के मुताबिक, अब ट्रांसलेट किसी भी वाक्य के लिए एक ही रिजल्ट नहीं दिखाएगा. अगर कोई मुहावरा या बोलचाल की लाइन डालते हैं, तो ऐप कई अलग-अलग विकल्प सुझाएगा. हर विकल्प के साथ यह भी बताया जाएगा कि उसे किस तरह के माहौल में इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा.

उदाहरण के तौर पर अगर कोई अंग्रेजी वाक्य “It’s raining cats and dogs” टाइप करता है, तो ऐप उसका शाब्दिक अनुवाद नहीं करेगा, बल्कि अलग-अलग कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से सही विकल्प बताएगा. साथ ही यह भी समझाएगा कि कौन सा विकल्प औपचारिक यानी फॉर्मल बातचीत में सही है और कौन सा दोस्तों के बीच.

Understand एंड Ask ऑप्शन

इस अपडेट में "Understand" नाम का एक नया ऑप्शन जोड़ा गया है. इस पर क्लिक करने पर यूज़र को चुने गए ट्रांसलेशन के पीछे की बारीकियां यानी भाषा का टोन, बोलने का तरीका, औपचारिक या अनौपचारिक माहौल और सामने वाले शख्स के हिसाब से शब्द कैसे बदलते हैं - ये सबकुछ समझ आएगा और इन सभी चीजों की जानकारी भी मिलेगी.

इसके अलावा गूगल ट्रांसलेशन में "Ask" नाम का एक नया फीचर भी जोड़ा गया है. अगर किसी यूज़र को किसी खास देश या बोली के मुताबिक अनुवाद चाहिए, तो वो सीधे ऐप से सवाल पूछ सकता है. जैसे किसी वाक्य को ज्यादा प्रोफेशनल बनाना हो या किसी खास क्षेत्र की शैली में ढालना हो, तो ऐसे काम में आस्क फीचर मदद करेगा.

कंपनी का कहना है कि ये फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होंगे, जो ऑफिस मीटिंग, पढ़ाई या रोजमर्रा की बातचीत में सही टोन का इस्तेमाल करना चाहते हैं. फिलहाल, यह सुविधा भारत और अमेरिका में एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम वाले डिवाइस पर उपलब्ध करा दी गई है. इसके अलावा जल्द ही इस फीचर को वेब वर्ज़न पर भी लॉन्च किया जाएगा.

इसका मतलब साफ है कि अब गूगल ट्रांसलेशन सिर्फ एक नॉर्मल ट्रांसलेशन टूल नहीं रहा बल्कि एक गाइडर का भी काम करेगा, जो सही शब्द चुनने में और भाषा को बेहतर बनाने में मदद करेगा.