Google, Gemini AI को कर रहा अपडेट, मिलेगा मानसिक स्वास्थ्य सहायता फीचर्स का सपोर्ट
Google अपने Gemini AI के लिए अपडेट्स जारी कर रहा है. इससे यूज़र्स को मानसिक स्वास्थ्य सहायता से ज़्यादा तेज़ी से जोड़ने में मदद मिलेगी.

Published : April 9, 2026 at 1:40 PM IST
हैदराबाद: टेक दिग्गज Google अपने Gemini AI के लिए अपडेट्स जारी कर रहा है, जो यूज़र्स को मानसिक स्वास्थ्य सहायता से ज़्यादा तेज़ी से जोड़ने में मदद करेंगे. Google से मिली जानकारी के अनुसार, ये बदलाव इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि वे इस बात की पहचान कर सकें कि कोई व्यक्ति कब परेशानी में हो सकता है.
इसके बाद, उसे वेरिफाइड रिसोर्स की ओर गाइड कर सकें, जिनमें संकटकालीन हेल्पलाइन भी शामिल हैं. इसके साथ ही, Google ने दुनिया भर में मानसिक स्वास्थ्य सहायता सेवाओं का विस्तार करने के लिए फंडिंग की जानकारी दी है. इस अपडेट में कई चीज़ें शामिल की गई हैं.
संकटकालीन सहायता तक पहुंच
सबसे पहले Google, यूज़र्स के लिए ज़रूरत पड़ने पर मदद ढूंढना आसान बनाने के लिए अपने Gemini AI को अपडेट कर रहा है. Gemini से चैट करते हुए अगर उसे यह पता चलता है कि कोई मुश्किल में है, तो चैटबॉट ज़रूरी सपोर्ट रिसोर्स के लिंक के साथ 'मदद उपलब्ध है' प्रॉम्प्ट दिखाने लगेगा.
ज़्यादा गंभीर मामलों में, जैसे कि खुद को नुकसान पहुंचाने के संकेत या आत्महत्या के विचार आने पर, Google Gemini क्राइसिस हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए एक 'वन-टच' विकल्प भी दिखाएगा. इससे यूज़र्स सीधे सपोर्ट सर्विस को कॉल, चैट या टेक्स्ट कर सकेंगे. इस विकल्प को बातचीत के दौरान हर समय दिखाया जाता है, ताकि इसे इस्तेमाल करना आसान हो.
ग्लोबल हेल्पलाइन के लिए फंडिंग
कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार, Google की परोपकारी शाखा, Google.org ने अगले तीन सालों में 30 मिलियन डॉलर की फंडिंग की घोषणा की है. Google ने कहा कि इस ऑर्गनाइजेशन लक्ष्य संकटकालीन हेल्पलाइन को अपनी पहुंच बढ़ाने और अपनी प्रतिक्रिया क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करना है.
इसके अलावा, कंपनी ReflexAI के साथ अपनी साझेदारी का भी विस्तार कर रही है. इसमें 4 मिलियन डॉलर की फंडिंग और ReflexAI के ट्रेनिंग टूल्स के भीतर Gemini AI का इस्तेमाल शामिल किया गया है. इस पहल में उन संगठनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी सहायता भी शामिल होगी, जो संवेदनशील बातचीत को संभालते हैं.
संवेदनशील स्थितियों में Gemini कैसे करेगा प्रतिक्रिया
Google ने बताया कि वह इस कन्वर्सेशन को बेहतर बना रहा है कि Gemini मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातचीत को कैसे संभालता है. इस सिस्टम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह पेशेवर देखभाल की जगह लेने के बजाय, यूज़र्स को असल दुनिया में मदद से जोड़ने को प्राथमिकता दे.
यह हानिकारक व्यवहार को बढ़ावा देने से बचेगा और इसे इस तरह से प्रशिक्षित किया गया है कि यह गलत धारणाओं को पुष्ट न करे. इसके बजाय, यह यूजर्स को सत्यापित जानकारी की ओर निर्देशित करेगा और आवश्यकता पड़ने पर पेशेवर सहायता लेने का सुझाव देगा.
कम उम्र के यूजर्स के लिए सुरक्षा उपाय
Google ने Gemini में खास तौर पर कम उम्र के यूज़र्स के लिए कुछ सुरक्षा उपाय बताए हैं. इन उपायों का उद्देश्य यह पक्का करना है कि जवाब सही रहें और उनमें कोई भी संवेदनशील या नुकसान पहुंचाने वाला विषय शामिल न हो.
इनमें 'पर्सोना प्रोटेक्शन' भी शामिल है, जो Google Gemini को इंसान की तरह व्यवहार करने या खुद को एक साथी के तौर पर पेश करने से रोकता है. इस चैटबॉट को इंसानी खूबियों का दावा करने या खुद को एक असली इंसान के तौर पर दिखाने की मनाही है.
इसके अलावा, चैटबॉट को बदमाशी, उत्पीड़न या अन्य नुकसानदायक व्यवहार को बढ़ावा देने से रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं. Google ने कहा कि ये सुरक्षा उपाय लगातार बेहतर होते रहेंगे, क्योंकि कंपनी इस कन्वर्सेशन को और बेहतर बना रही है कि Gemini अलग-अलग स्थितियों में कैसे जवाब देता है.
इसका व्यापक लक्ष्य एक सुरक्षित डिजिटल माहौल बनाए रखना है, जहां कम उम्र के यूज़र्स बिना किसी नुकसानदायक बातचीत के संपर्क में आए, सीख सकें और चीज़ों को जान सकें. यह अपडेट मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में Google के चल रहे काम का एक हिस्सा है. कंपनी ने कहा कि Gemini जैसे AI टूल्स जानकारी और सहायता तक पहुंच को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन इनका मकसद पेशेवर मदद की जगह लेना नहीं है.

