ETV Bharat / technology

Google ने भारत में लॉन्च किया Gemini Spark, बैकग्राउंड में खुद निपटाएगा आपके काम!

Google ने भारत में Gemini 3.6 Flash पर आधारित पर्सनल AI-एजेंट Gemini Spark लॉन्च किया है, जो Gmail, Docs और Sheets में बैकग्राउंड टास्क करेगा.

Gemini Spark will seek user permission before performing essential tasks like spending money or sending emails, ensuring users retain full control.
Gemini Spark पैसे खर्च करने या ईमेल भेजने जैसे जरूरी कामों से पहले यूज़र से अनुमति लेगा, यूज़र्स के पूरे कंट्रोल में रहेगा. (Image Credit: Google)
author img

By ETV Bharat Tech Team

Published : July 29, 2026 at 4:32 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

हैदराबाद: गूगल ने अपने पर्सनल एआई एजेंट जेमिनी स्पार्क (Gemini Spark) को भारत में लॉन्च कर दिया है. इस साल मई में हुई गूगल गूगल I/O कीनोट के दौरान इस एजेंट को पहली बार पेश किया गया था.

उस वक्त कंपनी ने कहा था कि यह फीचर इस साल के आखिर तक यूज़र्स के लिए उपलब्ध हो जाएगा. अब बुधवार को गूगल ने इसे भारत में लॉन्च कर दिया है, जो जल्द ही देश में पेड गूगल एआई यूज़र्स के लिए उपलब्ध होगा.

Gemini Spark कैसे काम करता है?

Gemini Spark गूगल के एआई मॉडल Gemini 3.6 Flash पर आधारिक है. हालांकि, गूगल ने इस एआई असिस्टेंट को जब पहली बार पेश किया था, तब ये Gemini 3.5 मॉडल पर चलता था. कंपनी के मुताबिक, यह फीचर Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध हो चुका है, जबकि Google AI Pro सब्सक्राइबर्स को यह अगले कुछ हफ्तों में मिलेगा.

यह एक पर्सनल एआई एजेंट है, जो Gmail, Docs और Sheets जैसे Google Workspace टूल्स में एजेंटिक फीचर्स लेकर आता है, और यूज़र्स बिना किसी सेटअप प्रोसेस के इसे इन प्लेटफॉर्म्स से कनेक्ट कर सकते हैं.

Gemini Spark गूगल का एक ऐसा एआई असिस्टेंट मॉडल है, जो अपने यूज़र्स की तरफ से बैकग्राउंड में काम करता रहता है. यहां तक कि जब यूज़र सो रहा होता है या उसका फोन लॉक हो या लैपटॉप लॉक हो, तब भी जेमिनी स्पार्क आपके काम को करता रहता है. इस कारण गूगल इसे "24/7 पर्सनल AI एजेंट" कहकर पेश कर रहा है. हालांकि, यूज़र्स के पास इसे कभी भी ऑफ करने और यह तय करने का पूरा कंट्रोल रहेगा कि यह किन ऐप्स से कनेक्ट हो सकता है.

हाई-स्टेक्स टास्क से पहले लेगा परमिशन

गूगल का कहना है कि जेमिनी स्पार्क पैसे खर्च करने या यूज़र की तरफ से ईमेल जैसे हाई-स्टेक्स टास्क करने से पहले यूज़र से परमिशन मांगेगा. कंपनी के मुताबिक, इसका मकसद यूज़र्स को डेली-लाइफ के डिजिटल कामों से राहत देना है, जो आमतौर पर काफी टाइम लेने वाले काम होते हैं.

उदाहरण के तौर पर, फ्लाइट और होटल बुकिंग होते ही जेमिनी स्पार्क अपने-आप उसकी डिटेल्स ट्रैवल आइटिनरी में जोड़ सकता है. इसी तरह, यह यूज़र की दिलचस्पी के मुताबिक लोकल इवेंट्स ढूंढकर उनकी डिटेल्स Google Doc फाइल में अपने आप जोड़ सकता है. इसके अलावा यह थर्ड-पार्टी ऐप्स से जानकारी निकालकर यूज़र को खास टॉपिक्स पर अलर्ट भी भेज सकता है, और मीटिंग नोट्स व जरूरी ईमेल्स की समरी खुद तैयार कर सकता है.