AI Impact Summit 2026: 'भारत को अपने AI मॉडल बनाने होंगे, सिर्फ कंज्यूमर बनकर नहीं चलेगा': PSA
AI Impact Summit 2026 में अजय सूद ने भारत को आत्मनिर्भर और सुरक्षित AI मॉडल विकसित करने की जरूरत बताई.


Published : February 16, 2026 at 8:41 PM IST
सुरभि गुप्ता की रिपोर्ट
हैदराबाद: AI Impact Summit 2026 के मौके पर देश के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद ने साफ कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा. उन्होंने ईटीवी भारत से बातचीत में जोर देकर कहा, "हम सिर्फ यूज़र या कंटेंट कंज़्यूमर बनकर नहीं रह सकते. हमें अपने खुद के AI मॉडल्स बनाने होंगे, क्योंकि हमारा डेटा अलग है और उसे समझने के लिए अपने समाधान जरूरी हैं."
भारत में हो रहा AI Impact Summit 2026 ग्लोबल साउथ का पहला बड़ा एआई सम्मेलन है. अजय सूद ने इसे उभरते देशों की बढ़ती महत्वाकांक्षा का प्रतीक बताया. उनके मुताबिक यह सम्मेलन दिखाता है कि भारत जैसे देश चाहते हैं कि AI सुरक्षित हो, सबके लिए हो और समाज के व्यापक हित में काम करे. सूद ने कहा कि इस समिट का मूल विचार "People, Planet, Purpose" है. उन्होंने समझाया, "People का मतलब है AI सबके लिए हो. Planet का मतलब है कि AI का विकास पर्यावरण को ध्यान में रखकर हो, क्योंकि इसकी ऊर्जा खपत काफी ज्यादा है. Purpose का सवाल यह है कि क्या AI सच में लोगों की जिंदगी बेहतर बना रहा है या सिर्फ सुविधा बढ़ा रहा है."
AI संप्रभुता पर दिया ज़ोर
उन्होंने AI संप्रभुता यानी AI Sovereignty की जरूरत पर भी जोर दिया. उनका कहना था कि अगर भारत विदेशी AI मॉडल्स पर निर्भर रहेगा, जो ज्यादातर गैर-भारतीय डेटा पर प्रशिक्षित हैं, तो देश की जरूरतों के मुताबिक समाधान नहीं मिल पाएंगे. इस वजह से सरकार की AI मिशन पहल (India AI Mission) का उद्देश्य स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करना और अलग-अलग मंत्रालयों के जरिए समावेशी AI इकोसिस्टम बनाना है.
सूद ने यह भी कहा कि नए इनोवेशन्स के साथ मजबूत सुरक्षा मानक जरूरी हैं. "AI को जनहित में काम करना चाहिए. ‘Do no harm’ इसका मूल सिद्धांत होना चाहिए. हमें इनोवेशन को बढ़ावा देना है, लेकिन साथ ही सुरक्षा के मजबूत गार्डरेल भी तय करने होंगे." AI Impact Summit 2026 को दुनिया के सबसे बड़े एआई आयोजनों में से एक बताया जा रहा है.
16 से 20 फरवरी तक चल रहे इस कार्यक्रम में हजारों वक्ता, सैकड़ों सेशन्स और बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. इस समिट के साथ AI Impact Expo भी हो रहा है, जिसमें टेक कंपनियां, स्टार्टअप, शोध संस्थान और सरकारी विभाग अपनी परियोजनाओं को पेश कर रहे हैं. इस बार का आयोजन नीति चर्चा के साथ-साथ इंडस्ट्री और आम लोगों की भागीदारी को भी जोड़ रहा है. अजय सूद का संदेश साफ है कि भारत एआई की दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहता, बल्कि जिम्मेदार, सुरक्षित और आत्मनिर्भर एआई मॉडल के साथ ग्लोबल मंच पर अपनी अलग पहचान बनाना चाहता है.

