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LearniX ने पेश किया KrishGuru AI मॉडल, इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी होगी पढ़ाई

LearniX का KrishGuru AI शिक्षक और लैब की कमी दूर करने का दावा करता है, जो ऑफलाइन-ऑनलाइन दोनों मोड में काम करता है.

Jitesh Jain, Managing Director of LearniX
जितेश जैन, लर्निक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Tech Team

Published : February 18, 2026 at 7:40 PM IST

4 Min Read
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सुरभि गुप्ता की रिपोर्ट

नई दिल्ली: भारत की शिक्षा व्यवस्था काफी लंबे समय से कई चुनौतियों से जूझ रही है. उनमें से दो चुनौती सबसे बड़ी है. पहली - शिक्षकों की भारी कमी, दूसरी - स्कूलों और कॉलेजों में आधुनिक लैब और टेक्निकल स्ट्रक्चर की कमी. खासकर ग्रामीण और आधी-अधूरी शहरी इलाकों में ये समस्याएं और भी गंभीर हो जाती है. ऐसे समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बेस्ड एक नया सॉल्यूशन सामने आया है, जो शिक्षा के तरीके को बदलने का दावा कर रहा है.

ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए LearniX के मैनेजिंग डायरेक्टर जितेश जैन ने कहा कि देश इस वक्त दो बड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा, "पहली समस्या - ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी. दूसरी समस्या - लैब इंफ्रास्ट्रक्चर की है. हमारी शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक से लैस लैब्स ही नहीं हैं."

LearniX has developed KrishGuru AI
LearniX ने KrishGuru AI विकसित किया है (ETV Bharat)

ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों में काम करने वाला AI मेंटर

इन दोनों समस्याओं को एक साथ हल करने के उद्देश्य से LearniX ने KrishGuru AI नाम का एक AI बेस्ड मेंटर डेवलप किया है. जैन के मुताबिक, यह भारत का पहला ऐसा एआई मेंटर है, जो ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में काम करता है.

उन्होंने बताया, "KrishGuru AI को भारत की शिक्षा सोच के अनुरूप तैयार किया गया है. इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बताए गए पंचकोश फ्रेमवर्क पर ट्रेन किया गया है. यह छात्रों को शारीरिक, मानसिक, प्राणिक, आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर सीखने में मदद करता है."

इस सिस्टम की एक खास बात इसकी लागत और एक्सेस है. जैन ने कहा, "अगर कोई छात्र कितने भी सवाल पूछे, तो उसमें कोई API कॉस्ट नहीं आती. यह पूरी तरह स्टैंडअलोन टेक्नोलॉजी है, जो दुनिया में अपनी तरह की इकलौती टेक्नोलॉजी है." उन्होंने यह भी दावा किया कि प्लेटफॉर्म को भारत सरकार से पेटेंट और कई कॉपीराइट मिल चुके हैं.

AI के माध्यम से कक्षाएं संचालित करना
Conducting classes through AI (ETV Bharat)

बिना इंटरनेट भी पढ़ाई की सुविधा

KrishGuru AI को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह CBSE,IB और IGCSE जैसे सभी बड़े एजुकेशन बोर्ड्स को सपोर्ट करता है. जैन के मुताबिक, "आप किसी भी बोर्ड से जुड़ा कोई भी सवाल पूछ सकते हैं. इसमें सब कुछ शामिल है."

तकनीकी स्तर पर LearniX का दावा है कि उसने लगभग चार टेराबाइट ग्लोबल एजुकेशनल कंटेंट को सिर्फ 878 MB में समेट दिया है. इसका मतलब यह है कि यह सिस्टम लगातार इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी काम कर सकता है, जो ग्रामीण भारत के लिए बेहद जरूरी है.

Sudarshan Labs से थ्योरी और इंडस्ट्री का कनेक्शन

एआई मेंटर के साथ-साथ LearniX ने सुदर्शन लैब्स की शुरुआत भी की है. ये 15 AI-सिमुलेटेड लैब्स हैं, जिनका मकसद पढ़ाई को इंडस्ट्री से जोड़ना है. जैन ने बताया, "हमारे पास रोबोटिक्स, IoT, वैदिक गणित, जियोग्राफी, हिस्ट्री, सिविक्स और AI मैन्युफैक्चरिंग जैसी लैब्स हैं. यहां पहले सेल्फ लर्निंग होती है, फिर प्रैक्टिकल एप्लिकेशन." उनका दावा है कि इस मॉडल से 16 साल का छात्र भी स्किल के आधार पर बेहतर रोजगार के लिए तैयार हो सकता है.

Sudarshan Labs helps student without internet connectivity
सुदर्शन लैब्स ने बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्टूडेंट की मदद की (ETV Bharat)

किफायती मॉडल और विस्तार की योजना

LearniX ने अपने प्रोडक्ट्स के लिए हाइब्रिड प्राइसिंग मॉडल अपनाया है.

जैन ने कहा, "स्कूल और संस्थानों के लिए करीब 3 लाख रुपये का सब्सक्रिप्शन है, जिसमें सभी लैब्स और KrishGuru AI शामिल हैं. वहीं, व्यक्तिगत छात्रों के लिए करीब 50 हजार रुपये में लाइफटाइम डिवाइस उपलब्ध है."

कंपनी अभी तक 50 से ज्यादा संस्थानों में अपने मॉडल को टेस्ट कर चुकी है. फिलहाल यह महाराष्ट्र में एक्टिव है और जल्द ही पंजाब, दिल्ली-NCR, गुजरात, राजस्थान और दक्षिण भारत में विस्तार की योजना है.

Conducting lessons in Physics through AI platform
AI प्लेटफॉर्म के ज़रिए फ़िज़िक्स की क्लास चलाना (ETV Bharat)

AI for Bharat की दिशा में कदम

LearniX की पैरेंट कंपनी Alan Scott Learnix Pvt Ltd की स्थापना 2025 में हुई थी. इसका फोकस उन स्कूलों पर है, जहां इंटरनेट की सुविधा सीमित या बिल्कुल नहीं है.

जैन ने कहा, "हमारा प्लेटफॉर्म तीन स्तरों पर काम करता है. एकेडमिक्स, प्रतियोगी परीक्षाएं और स्किलिंग. हमारा मकसद AI for Bharat की सोच को जमीन पर उतारना है."

हालांकि, कंपनी को अभी तक शिक्षा मंत्रालय से कोई फंडिंग नहीं मिली है. इस पर जैन ने कहा,"हम पहले इसका असर दिखाना चाहते हैं. लोगों का रिस्पॉन्स पॉजिटिव है और हमें भरोसा है कि यह टेक्नोलॉजी भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगी."