आगरा में 125 गज जमीन के लिए सगे भाई की हत्या; अमरोहा में कैंटीन संचालक को मारी गोली
छत्ता ACP शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि नगला किशनलाल निवासी मृतक भूरा (45) कई बार जेल जा चुका था.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 12:11 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 2:35 PM IST
आगरा/अमरोहा: 125 गज की पुश्तैनी जमीन के विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या कर दी. वारदात के बाद छोटा भाई फरार हो गया. मृतक ट्रांस यमुना थाने का हिस्ट्रीशीटर था. घटना आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र नगला किशनलाल में सोमवार रात करीब 8:30 बजे की है.
वहीं, अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र में शराब ठेके पास स्थित कैंटीन पर गोलीबारी की गई. कुछ युवकों ने कैंटील संचालक की कनपटी पर गोली मार दी है. गंभीर घायल कैंटीन संचालक को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है.
आगरा के छत्ता ACP शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि नगला किशनलाल निवासी भूरा (45) राजमिस्त्री था. वह 7 भाइयों में चौथे नंबर का था. उसकी छोटे भाई सत्तो से लड़ाई चल रही थी. दोनों के परिवार नगला में रहते हैं. मगर, मूलत: फिरोजाबाद जिले के टूंडला थाना क्षेत्र के गांव नगला जाट के रहने वाले हैं.
रास्ते में हुआ था विवाद: ACP शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि सोमवार रात मृतक भूरा अपने छोटे भाई सत्तो के साथ घर लौट रहा था. संभवत: दोनों नशे में थे. किसी बात पर घर से कुछ दूर पर दोनों भाईयों में झगड़ा हुआ और मारपीट होने लगी.
छोटे भाई सत्तो ने सब्बल से भूरा के सिर पर प्रहार किया, जिससे भूरा वहीं जमीन पर गिर पड़ा. इसके बाद भी सत्तो नहीं रुका. उसने बड़े भाई भूरा पर ईंट से हमला बोला और उसके सिर पर कई प्रहार किए.
दोनों भाइयों में विवाद और चीख-पुकार सुनकर भीड़ जमा हो गई. लोगों ने शोर मचाया. भीड़ जुटती देखकर हत्यारोपी सत्तो मौके से भाग गया. सूचना पर परिजन भी मौके पर आ गए. पुलिस भी पहुंच गई. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम भेज दिया.
झगड़े की वजह 125 गज जमीन: ACP शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि दोनों भाइयों के परिवार एक ही घर में रहते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच 125 गज के पुश्तैनी प्लाट को लेकर विवाद था. हालांकि अभी मृतक भूरा के परिजन बात करने की स्थिति में नहीं है.
कब्रिस्तान से काट लाया था सिर: पुलिस को पता चला है कि मृतक भूरा तंत्र-मंत्र में बहुत विश्वास करता था. पड़ोसियों को तंत्र-मंत्र के नाम पर डराता था. 8 साल पहले किसी बाबा के कहने पर फाउंड्री नगर कब्रिस्तान में दफनाई किशोरी का सिर काट लाया था. इस वजह से जेल गया था.
ट्रांस यमुना का हिस्ट्रीशीटर: ACP शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि भूरा के खिलाफ पहले से 9 मामले दर्ज हैं. इसमें 2002 में युवक के अपहरण के बाद हत्या में जेल जाने का मामला शामिल है. मगर कुछ दिन बाद ही बाहर आ गया. 2003 में एक और हत्या को अंजाम दिया.
जेल गया और बाहर आने के बाद चोरी और मारपीट करने लगा. अगस्त 2025 में तमंचा मिलने पर फिर जेल गया और जमानत पर बाहर आया. वह एत्मादउद्दौला और अब ट्रांस यमुना थाना का हिस्ट्रीशीटर था. फरार आरोपी सत्तो पर भी 2016 और 2024 में दो केस दर्ज हुए थे.
अक्सर होता था झगड़ा: ACP शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में यह पता चला है कि मनोहर सिंह के सात बेटे और तीन बेटियां हैं. सभी शादीशुदा हैं. इसमें सुभाष, महेश, यशपाल, भूरा, धर्मेंद्र, सत्तो और शिशुपाल हैं.
सत्तो और भूरा अक्सर साथ होने पर परिवार में झगड़ा करते थे. भूरा की पत्नी कृष्णा शादियों में पूड़ी बनाने का काम करती है. वह किसी तरह 12 वर्षीय बेटे धीरज और 11 वर्षीय बेटी प्रतिज्ञा का पालन कर रही है.
अमरोहा के कैंटीन में फायरिंग: अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र के गांव कुमराला निवासी भूपेंद्र उर्फ भोला की कैंटीन तिगरी मार्ग पर पक्के पुल के पास शराब के ठेके के नजदीक है. सोमवार रात करीब 10 बजे भूपेंद्र अपनी कैंटीन पर थे. तभी वहां कुछ युवक पहुंचे और किसी बात को लेकर भूपेंद्र से उलझ गए.
पीड़ित का आरोप है कि युवकों में से ने भूपेंद्र की कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली चला दी. गोली लगने से भूपेंद्र लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े. आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल भूपेंद्र को तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया. वहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है.
थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला गोली मारने का नहीं, बल्कि मारपीट का लग रहा है. कैंटीन संचालक घायल है, लेकिन चोट की प्रकृति की जांच की जा रही है. पुलिस मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है.
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