रूसी ऑयल टैंकर में फंसा हिमाचल का युवक, अमेरिका ने जहाज पर किया था कब्जा
अमेरिका ने 'मैरिनेरा' नाम के ऑयल टैंकर को जब्त किया है. अमेरिका का आरोप है कि ये जहाज वेनेजुएला से तेल ले जा रहा था.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 11, 2026 at 1:42 PM IST
धर्मशाला: अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने 7 जनवरी को उत्तरी अटलांटिक महासागर से 'मैरिनेरा' नाम के ऑयल टैंकर को जब्त किया है. इस टैंकर में कांगड़ा जिले के पालमपुर का युवक भी सवार था. टैंकर के कुल 28 सदस्यीय क्रू में शामिल रिक्षित चौहान नगर निगम वार्ड नंबर-7 सिद्धपुर (पालमपुर) का रहने वाला है. परिजन चार दिनों से बेटे के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी न मिलने के कारण गहरी चिंता में हैं.
जानकारी के अनुसार, रिक्षित चौहान ने 1 अगस्त 2025 को मर्चेंट नेवी में बतौर कैडेट तीसरी बार इस रूसी ऑयल टैंकर में ज्वाइन किया था. परिजनों को उम्मीद थी कि वो 15 फरवरी तक घर लौट आएगा. नियमित तेल आपूर्ति के तहत यह टैंकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था. इसी दौरान अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने आइसलैंड के पास उत्तरी अटलांटिक महासागर में इस टैंकर को कब्जे में ले लिया. अमेरिका का आरोप है कि ये जहाज वेनेजुएला से तेल ले जा रहा था और उसने अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन किया.
28 क्रू मेंबर में से तीन भारतीय
बताया जा रहा है कि जहाज में सवार 28 सदस्यों में 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं. भारतीयों में केरल, गोवा और हिमाचल प्रदेश के पालमपुर निवासी रिक्षित चौहान शामिल हैं. घटना की सूचना मिलते ही गांव और रिश्तेदारों में चिंता का माहौल है, लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं.
7 जनवरी को हुआ था अंतिम संपर्क
रिक्षित के पिता रणजीत सिंह ने बताया कि 'बेटे से 7 जनवरी को भारतीय समयानुसार शाम करीब पांच बजे अंतिम बार संपर्क हुआ था. उस समय बेटे ने कुशलक्षेम बताया था और आगे संपर्क की संभावना कम होने की बात कही थी. बाद में 10 जनवरी को जानकारी मिली कि जहाज को अमेरिकी नौसेना ने कब्जे में ले लिया है. बेटे को मर्चेंट नेवी में भेजने वाली एजेंसी से संपर्क किया, जहां से जहाज के कब्जे में लिए जाने की पुष्टि हुई. बेटा पिछले तीन वर्षों से मर्चेंट नेवी में कार्यरत है. प्रदेश और केंद्र सरकार से अपील की है कि बेटे सहित अन्य भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं.'
मां की आंखों से नहीं थम रहे आंसू
बेटे के अपहरण और संपर्क टूटने से रिक्षित की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार के अन्य सदस्य और चचरे भाई ने भी केंद्र सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा है कि रक्षित समेत सभी भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जाए. परिजनों को उम्मीद है कि भारत सरकार इस मामले में कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप कर जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी, ताकि उनके लाड़ले और अन्य भारतीय नागरिक सकुशल अपने घर लौट सकें.

