बजरी ट्रॉली की टक्कर से युवक की मौत, ग्रामीणों ने दिया धरना, कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में हुआ समझौता
बूंदी जिले के सुमेरगंजमंडी नाके व चंबल ढिबरी क्षेत्र में भारी मात्रा बजरी का अवैध खनन और परिवहन हो रहा है.

Published : December 9, 2025 at 3:20 PM IST
बूंदी: जिले के इंद्रगढ़ क्षेत्र में बजरी से भरी ट्रॉली से कुचलकर एक युवक की मौत हो गई. हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की और शव लेने से इनकार कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि सुमेरगंजमंडी नाके व चंबल ढिबरी क्षेत्र में अवैध बजरी का धंधा खुलेआम चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती. दिन भर चले धरने के बाद दोपहर को कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल, विधायक सीएल प्रेमी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष महावीर मीणा सहित अन्य नेता धरने पर पहुंचे. उनकी मौजूदगी में प्रशासन और ग्रामीणों में बातचीत हुई. इसमें सहमति बन गई. बाद में परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमत हुए. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द किया. उसके बाद धरना समाप्त हुआ.
इंद्रगढ़ थाना प्रभारी रामलाल मीणा ने बताया कि सोमवार की देर रात नवलपुरा के पास महेंद्र राज मीणा अपने गांव लौट रहे थे. तभी अवैध बजरी से लदी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी और कुचल दिया. महेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई. चालक घटना के बाद वाहन लेकर फरार हो गया. महेंद्र दो छोटे बच्चों के पिता और परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे. उनकी अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है.
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ये है ग्रामीणों की मांगें: हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन इंद्रगढ़ अस्पताल परिसर में इकट्ठा हुए और शव लेने से इनकार कर दिया. वे मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा, मृतक की पत्नी को तुरंत सरकारी नौकरी और पूरे इंद्रगढ़ क्षेत्र में अवैध बजरी के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. तनाव को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल परिसर में भारी जाप्ता तैनात कर दिया. तहसीलदार रामभरोस मीणा और थाना प्रभारी रामलाल मीणा ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया.

इन मांगों पर बनी सहमति: दोहपर बाद प्रशासन और ग्रामीणों में हुई वार्ता में वन विभाग के फोरेस्टर मनोज शर्मा को निलंबित करने, मृतक के परिजनों को 10 लाख की सहायता देने जैसी मांगों पर सहमति बनी. इसके बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमत हुए. इससे पहले अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे परिजनों के समर्थन में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल, विधायक सीएल प्रेमी ओर अन्य कांग्रेस नेता मौके पर पहुंचे. पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने प्रशासन पर अवैध बजरी माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगाया. उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और उसकी पत्नी को नौकरी देने सहित सभी मांगों को उचित ठहराया.

