"राष्ट्र माता ही नहीं, युगों-युगों से गौ माता विश्व माता है"; बाबा रामदेव बोले- युद्ध जल्द खत्म होने की उम्मीद
मेरठ में शनिवार को योग गुरु बाबा रामदेव ने मीडिया से की बातचीत.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 14, 2026 at 6:32 PM IST
मेरठ : योग गुरु बाबा रामदेव शनिवार को मेरठ पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राष्ट्र माता ही नहीं, युगों-युगों से गौ माता विश्व माता है. सभी साधु-संत और सरकारों को सकारात्मक दिशा में कार्य करना चाहिए. गाय की उपयोगिता को लेकर देश भर में एक व्यापक स्तर पर जनआंदोलन चले. उन्होंने कहा कि इस समय हम 21वीं सदी में हैं. ऐसे में इस तरह से खून खराबा और लोगों की हत्याएं यह घोर अपराध है.
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या समाधान नहीं है, खाड़ी देशों में जो हालात बने हुए हैं ये बेहद ही चिन्ता का विषय है. उन्होंने कहा कि मेरठ में सुधांशु महाराज इन दिनों आए हुए हैं, ऐसे में हमारी जो सनातन गुरु शिष्य परम्परा से जो हमारी शिक्षा व्यवस्था और चिकित्सा व्यवस्था चल रही है, उसको कैसे आगे बढ़ाया जाए? और यह जो शिक्षा की गुलामी, चिकित्सा की गुलामी और सांस्कृतिक गुलामी से देश को मुक्ति मिले इसके लिए एक बड़े अभियान में पतंजलि योग पीठ और विश्व जागृति मिशन साथ में मिलकर काम कर रहे हैं.
मोनालिसा के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि हम तो बाबा जी आदमी हैं, कोई ब्याह करे, कोई छोड़े हमको क्या लेना है. खाड़ी देशों के हालात को लेकर बाबा रामदेव ने कहा कि इजरायल, ईरान और इराक के बीच जिस तरह से एक दूसरे के ऊपर बमबारी कर रहे हैं, निर्दोष लोगों की हत्याएं हो रही हैं, जैसे एक तरह से थर्ड वर्ल्ड वॉर जैसी स्थिति बन गई है. गैस, पैट्रोल आदि को लेकर पैनिक बन गया है. खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ लोग फंसे हैं, जो वहां कार्य करते हैं. ये सभी के लिए चिन्ता का विषय है, इसके लिए समाधान निकालना चाहिए. युद्ध किसी समस्या का हल नहीं होता.
योग से संवाद से आपस में एक दूसरे के साथ एक दूसरे की स्वायत्तता, स्वाधीनता और स्वतंत्रता का ख्याल रखते हुए देश आगे बढ़े, इस समय हम 21वीं सदी में हैं. ऐसे में इस तरह से खून खराबा और लोगों की हत्याएं यह घोर अपराध है. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर बाबा रामदेव ने कहा कि गाय सिर्फ राष्ट्र माता नहीं है, पूरे विश्व की माता है और गौ आधारित हमारी कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था थी, धर्म और जीवनी व्यवस्था थी. ऐसे में सभी साधु-संत और सरकारों सभी को सकारात्मक दिशा में कार्य करना चाहिए.
बाबा रामदेव ने कहा कि वह समझते हैं कि गाय की उपयोगिता को लेकर देश भर में एक व्यापक स्तर पर जनआंदोलन चले कि गाय की उपयोगिता कैसे बढ़ाएं. हर व्यक्ति गाय की सेवा में कैसे योगदान दें. उन्होंने कहा कि हम स्वयं भी एक लाख गायों का पालन करते हैं. उन्होंने कहा कि शहरों में अभी चिन्ता का विषय है, उन्हें लगता है कि गांवों में अभी वैकल्पिक व्यवस्था पूरी है. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि देश अभी संभल जाएगा और युद्ध भी जल्द ही खत्म होने की उम्मीद है.

