गाजियाबाद में अगले 4 दिन भारी बारिश, तूफान और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
प्रशासन ने लोगों को पुराने और जर्जर भवनों, कच्ची दीवारों और कमजोर निर्माण से दूर रहने की सलाह दी है.

Published : July 7, 2026 at 7:29 PM IST
नई दिल्ली/नोएडा: गाजियाबाद में अगले चार दिन मौसम कहर बरपा सकता है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गाज़ियाबाद द्वारा चार से 10 जुलाई तक आंधी तूफान, वज्रपात, ओलावृष्टि और व्यापक वर्षा की आशंका जताते हुए एडवाइजरी जारी की गई है. लगातार खराब मौसम की संभावना को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है.
प्रशासन ने कहा है कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. अपर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के मुताबिक, मौसम विभाग लखनऊ की चेतावनी के आधार पर जिले में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना है. इसको देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, नागरिकों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है.
प्रशासन ने लोगों को पुराने और जर्जर भवनों, कच्ची दीवारों और कमजोर निर्माण से दूर रहने की सलाह दी है. आंधी तूफान के दौरान टीन शेड के नीचे खड़े न होने, बिजली के खम्भों और खुले बिजली के तारों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है. निर्माण स्थलों पर लगे टीन शेड और अन्य स्थाई ढांचों को मजबूती से बांधने और पर्याप्त दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
एडवाइजरी में कहा गया है कि खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से बचें. यदि अत्यंत आवश्यक ना हो तो घरों के भीतर ही रहे. तेज बारिश और आंधी के समय पेड़ों के नीचे शरण लेना भी खतरनाक हो सकता है, इसलिए खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है. बच्चे बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखना और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है.
किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी
किसानों के लिए प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी जारी की है. खेतों में पहले से कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखना और भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान खेतों में न जाने की अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके. प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से मौसम संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की गई है. मौसम की सटीक जानकारी के लिए मौसम संबंधी मोबाइल ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई है.
जिला प्रशासन में स्पष्ट किया है कि अगले चार दिनों तक सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है. नागरिक यदि दिशा निर्देशों का पालन करेंगे तो संभावित प्राकृतिक आपदा के दौरान जन धन के नुकसान को काफी हद तक काम किया जा सकता है.
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