सावधान! मानसून की एंट्री के साथ हिमाचल के इन 10 जिलों में भारी बारिश आंधी-तूफान का येलो अलर्ट, 50 KM की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं
मोसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में बारिश, आंधी-तूफान, बिजली कड़कने का येलो अलर्ट जारी किया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : July 1, 2026 at 8:01 AM IST
|Updated : July 1, 2026 at 2:07 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री हो चुकी है. इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश इलाकों में 1 जुलाई से 4 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है. ऐसे में अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली कड़कने का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. 2 और 3 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिले में भारी से बहुत भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है.
हिमाचल में मानसून की दस्तक
हिमाचल में मानसून ने दस्तक दे दी है ओर बारिश का दौर शुरू हो हो गया है. पिछले 24 घंटे से प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर बारिश हो रही है. राजधानी शिमला में सहित प्रदेश के अधिकतर हिस्सो में सुबह से बारिश हो रही है. मौसम विभाग की ओर से आगामी हर से 5 दिन बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसमें खासकर शिमला सिरमौर और कुछ निचले हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है.
हालांकि मौसम विभाग की ओर से इस बार मानूसन में कम बारिश की आशंका जताई है. भारी बारिश के मद्देनजर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और मडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों तथा संवेदनशील इलाकों से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी है.
— Meteorological Centre Shimla (@himachalmausam) June 30, 2026
हिमाचल के 10 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार 1 जुलाई को प्रदेश में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान आंधी-तूफान, बि जली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. 6 जुलाई तक किन्नौर और लाहौल स्पीति जिले में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार (1 जुलाई को) ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन 10 जिलों में एक-दो जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. किन्नौर और लाहौल स्पीति जिले में कोई चेतावनी नहीं है.
अगले 5-7 दिनों तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने कहा, "इस बार मानसून अपने तय समय से करीब 5 दिन की देरी से पहुंचा है, लेकिन आगामी 5 से 7 दिनों तक इसके बेहद सक्रिय रहने की संभावना है. मौसम की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सिरमौर, शिमला, मंडी और कांगड़ा सहित 5 प्रमुख जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर व सोलन जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है, जबकि कांगड़ा जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है, जहां अधिकतम वर्षा लगभग 10 सेंटीमीटर तक रिकॉर्ड की गई."
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, आज (बुधवार, 1 जुलाई को) मैदानी एवं निचले पर्वतीय क्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं. वहीं, मध्य पर्वतीय क्षेत्र में भी अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं, उच्च पर्वतीय क्षेत्र में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के आसार हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार (2 जुलाई को) मैदानी एवं निचले पर्वतीय क्षेत्र अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. मध्य पर्वतीय क्षेत्र में भी अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं, उच्च पर्वतीय में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी की संभावना है.
हिमाचल में सामान्य से कम बारिश
| जिला | बारिश कम दर्ज (फीसदी में) |
| सिरमौर | 54 % |
| लाहौल-स्पीति | 53 % |
| कुल्लू | 45% |
| मंडी में | 41% |
| कांगड़ा में | 35% |
| बिलासपुर में | 33% |
| चंबा | 28% |
| ऊना | 28 % |
| हमीरपुर | 27% |
| सोलन | 17% |
| शिमला | 6% |
| किन्नौर | 7% अधिक |
हिमाचल में जून में 33% बारिश की कमी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 1 से 29 जून तक 63.8 MM बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 95.4 MM होती है. इस तरह से इस साल प्रदेश में जून के महीने में 33 फीसदी बारिश कम दर्ज की गई है. हैरानी की बात यह है कि प्रदेश के 12 में से 11 जिलों में किन्नौर को छोड़कर बारिश कम दर्ज की गई है. किन्नौर में 7 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है. सबसे अधिक बारिश की कमी सिरमौर जिले में दर्ज की गई है, जहां इस साल 54 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा लाहौल-स्पीति में 53 फीसदी, कुल्लू में 45 फीसदी, मंडी में 41 फीसदी, कांगड़ा में 35 फीसदी, बिलासपुर में 33 फीसदी, चंबा और ऊना में 28-28 फीसदी, हमीरपुर में 27 फीसदी, सोलन में 17 फीसदी और शिमला जिले में 6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है.
बरतें ये सावधानी
- भारी बारिश के बीच पेड़ों के नीचे शरण न लें.
- कांक्रीट के फर्श पर न लेटें और कांक्रीट की के सहारे के खड़े न हों.
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकालकर रखें.
- करंट पहुंचाने वाली सभी उपकरणों से दूर रहें और पानी वाली जगहों से बाहर निकाल कर रख दें.
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