Yearender 2025 : पढ़ाई से लेकर खेल तक सरगुजा के होनहारों का दबदबा, यूपीएससी और सीजीपीएससी में भी छात्र चयनित
साल 2025 सरगुजा के लिए काफी सुखद रहा है. इस साल खेल के साथ-साथ पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सरगुजा छाया रहा.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 30, 2025 at 12:27 PM IST
|Updated : December 30, 2025 at 12:41 PM IST
सरगुजा : साल 2025 विदा होने को है. पूरा देश नए साल के स्वागत की तैयारियों में जुटा है. अंबिकापुर में भी इसकी तैयारियां जोरों पर है.लेकिन बीत रहे साल में कुछ ऐसे यादगार लम्हें हैं, जिन्होंने इस जिले का मान बढ़ाया है. आईए जानते हैं उन होनहारों के बारे में, जिन्होंने अपनी मेहनत के बूते जिले का नाम रोशन किया.
कार्फबॉल चैंपियनशिप में सरगुजा रही रनरअप
जनवरी 2025 में 20वीं राष्ट्रीय कार्फबॉल चैम्पियनशिप पंजाब के जालंधर में आयोजित हुई. इस प्रतियोगिता में सरगुजा के पांच बच्चे खेले और उप विजेता रहे. इस टीम में सरगुजा से रूद्राक्षी जैन, संजना मिंज, ऋत्विक राज गुप्ता, आयुष बारी और रजनी कांता ने अपना बेहतर प्रदर्शन दिखाया और लगातार खेलते हुए प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचे और उप विजेता रहे.

यूपीएससी में सरगुजा का परचम
अप्रैल के महीने में यूपीएससी के परिणाम घोषित हुए. देश के सबसे बड़े एग्जाम में भी सरगुजा के दो छात्रों ने अपना स्थान बनाया. अंबिकापुर के केशव गर्ग और शची जायसवाल का चयन हुआ. केशव गर्ग को 496 वीं रैंक और शचि जायसवाल को 654 वीं रैंक मिली. शची ने यह सफलता अपने सेकेंड अटैम्पट में हासिल की है. शची बचपन से पढ़ाई में ब्रिलिएंट स्टूडेंट रही हैं. उन्होंने क्लास 1 से 8 वीं तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय अंबिकापुर से पूरी की है. शची ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक होलीक्रॉस कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की. 12 वीं की पढ़ाई के बाद शची ने दिल्ली का रुख किया. उन्होंने अपना ग्रेजुएशन दौलत राम कॉलेज दिल्ली से करने के साथ ही पोस्ट ग्रेजुएशन जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी से पूरा किया. अभी वर्तमान में वे जेएनयू से अपनी पीएचडी कर रहीं हैं.

बतौली निवासी केशव गर्ग ने 10 वीं कक्षा तक की पढ़ाई डीपीएस स्कूल अंबिकापुर से की. उसके बाद कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई, उन्होंने केपीएस भिलाई से पूरी की. केशव 12वीं पास करने के बाद बी टेक कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के लिए भोपाल चले गए. साल 2017 से 2021 तक एलएनसीटी भोपाल से उन्होंने बीटेक की पढ़ाई पूरी की. इस दौरान अंतिम वर्ष में परीक्षा के दो सप्ताह पहले ही पिता विनोद गर्ग का निधन हो गया. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बीटेक की परीक्षा में सफलता हासिल की. बड़ी बात ये है कि केशव के भाई चंद्रकांत गर्ग भी पढ़ाई में काफी अच्छे हैं, लेकिन पिता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी बड़े भाई पर आ गई और उन्होंने अपनी पढ़ाई का त्याग करते हुए अपने छोटे भाई केशव गर्ग की पढ़ाई को सपोर्ट किया. यही वजह है कि केशव ने भी लक्ष्य निर्धारित कर यूपीएससी में सफलता हासिल की. यूपीएससी में 496 वां रैंक हासिल करने वाले केशव गर्ग ने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की.

नेशनल नेटबॉल टीम में साइकिल मैकेनिक की बेटी शबनम का चयन
16 साल की उम्र में शबनम का चयन नेशनल नेटबॉल टीम में हुआ. हालांकि टीम का सफर सिर्फ क्वॉर्टर फाइनल तक ही था.लेकिन इस टीम में जगह बनाने के लिए शबनम ने जो मेहनत की, वो आसान काम नहीं. शबनम के परिवार में 10 सदस्य हैं, जिनके पालन पोषण की जिम्मेदारी उनके पिता के जिम्मे है. पिता निजाम खान एक साधारण साइकिल मैकेनिक हैं,जो साइकिल बनाकर पति-पत्नी समेत 8 बच्चों का पालन पोषण करते हैं. घर की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है. इसके बावजूद पिता ने शबनम की ख्वाहिशों को कभी दबाने की कोशिश नहीं की. शबनम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर की छात्रा हैं. वह 11वीं क्लास में हैं.
सीबीएसई बोर्ड में सरगुजा जिला अव्वल
मई में सीबीएसई बोर्ड के परिणाम आए और सरगुजा के सीतापुर विकासखण्ड का परीक्षा परिणाम इस बार सरगुजा जिले में अव्वल रहा, जिसमें उलकिया की मेधावी छात्र दीपिका लकड़ा ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में 96.67 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में दसवां स्थान हासिल किया. कक्षा 10वीं की छात्रा महिमा कुजूर ने 95.67 प्रतिशत के साथ जिले में टॉप किया. दूसरा स्थान भी सीतापुर से ही रहा, जिसमें कक्षा 10वीं के संजय पटेल ने 94.5 प्रतिशत के साथ पूरे सरगुजा में दूसरा स्थान प्राप्त किया. सरगुजा जिले से 12वीं में कुल 7,627 स्टूडेंट परीक्षा में शामिल हुए, इनमें 6,452 उत्तीर्ण हुए जबकि 10वीं कक्षा में 10 हजार 5 सौ 33 परीक्षार्थियों में 8 हजार 8 सौ 91 उत्तीर्ण रहे. सरगुजा संभाग में 10वीं और 12वीं में बेटियों ने फिर बाजी मारी. प्रथम, द्वितीय और तृतीय से उत्तीर्ण होने वालों में छात्रों की अपेक्षा छात्राएं ही आगे रही हैं.
नेशनल लेवल पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन
जुलाई में 21वीं सब- जूनियर राष्ट्रीय कॉर्फबॉल चैंपियनशिप चेन्नई तमिलनाडु में 24 से 27 जुलाई तक आयोजित की गई. जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य की सब-जूनियर टीम में सरगुजा जिले से रुद्राक्षी जैन, संजना मिंज, रीत्विक राज गुप्ता, आयुष बारी शामिल थे. कॉर्फबॉल नेशनल के लिए सब जूनियर टीम को सिल्वर मेडल और नेशनल नेटबॉल चैंपियनशिप के लिए ब्रॉन्ज मेडल मिला. बिना संसाधन के मुफ्त की ट्रेनिग के दम पर सरगुजा से निकले इन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.सरगुजा की ही बेटी शिवानी सोनी ने आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में वुडबाल खेलते हुए प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया.


अंडा ठेला लगाने वाली की बिटिया ने लाया मेडल
अगस्त के महीने में गरीब परिवार की बेटी खुशबू गुप्ता के कमाल किया और राष्ट्रीय नेटबॉल प्रतियोगिता के लिए चुनी गई. यह प्रतियोगिता हरियाणा में आयोजित की गई थी, जिसमें खुशबू ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. खुशबू गुप्ता की उम्र 21 साल है. वह बीकॉम फाइनल ईयर में पढ़ रही हैं. उनके पिता नरेश गुप्ता अंडे का ठेला लगाकर पत्नी और तीन बेटियों का पालन पोषण करते थे. वह कैंसर की बीमारी से ग्रस्त थे. 14 नवम्बर 2024 को उनकी मौत हो गई. पिता की मौत के बाद बेटियों पर पहाड़ टूट पड़ा. अपनी पढ़ाई, खेल का खर्चा और परिवार का पेट पालना एक बड़ी चुनौती थी. लेकिन नरेश गुप्ता की तीनों बेटियों ने हिम्मत नहीं हारी. सबने मिलकर एक दूसरे का साथ दिया और पिता के साथ देखे सपने को पूरा करने बेटियां निकल पड़ीं. खुशबू ने इससे पहले भी कई मेडल हासिल किए हैं. खुशबू अब तक 5 नेशनल खेल चुकी हैं और लगातार तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है.

सीजीपीएससी में भी सरगुजा के होनहार रहे आगे
नवम्बर के महीने में भी सरगुजा के होनहारों ने अपने झंडे गाड़े .सरगुजा के प्रसून गुप्ता ने सीजीपीएससी में 36 वां रैंक हासिल किया और डीएसपी बने. चंचल पैकरा ने सीजीपीएससी में एसटी वर्ग में टॉप किया है. चंचल पैकरा की ओवरऑल रैंकिंग 204 है. बड़ी बात ये है कि चंचल के पिता सब्जी बेचते हैं और इस छोटे से काम से उन्होंने बेटी को पढ़ाया है. मयंक मंडावी ने एसटी कैटेगरी में 210वीं रैंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और डिप्टी कलेक्टर के लिए चयनित हुए.


राष्ट्रीय खेलों के लिए सरगुजा के खिलाड़ियों का चयन
साल का अंतिम महीना दिसम्बर भी सरगुजा के होनहारों के लिए उपलब्धियों से भरा रहा. राज्य स्तरीय बास्केटबाल प्रतियोगिता में सरगुजा की बालिका टीम ने रायपुर और दुर्ग जैसे संभागों को पछाड़ते हुए प्रतियोगिता का फाइनल जीता. इसके साथ ही गतका जैसे खेल के राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए सरगुजा से दो खिलाड़ियों का चयन हुआ. सुष्मिता चौहान और शिवरतन का चयन राष्ट्रीय गतका प्रतियोगिता के लिए हुआ और इन्होंने भी ब्रोंज मेडल हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है.

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