Yearender 2025: विकास, संघर्ष और बदलावों का गवाह बना कवर्धा
2025 कवर्धा के लिए विकास की नई उम्मीदें लेकर आया, लेकिन इसके साथ ही कई दर्दनाक घटनाएं, सामाजिक तनाव और प्रशासनिक चुनौतियां भी सामने आईं.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 29, 2025 at 1:02 PM IST
कवर्धा: छत्तीसगढ़ का कबीरधाम जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है. पहाड़, जंगल, झरने, नदियां और वन्यजीव जिले की पहचान हैं. यहां के किसान मुख्य रूप से धान और गन्ने की खेती करते हैं, जबकि सहकारी शक्कर कारखाने जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं.
जानिए कवर्धा जिले में इस साल की बड़ी खबरें-
1. स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि: मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
2025 की सबसे बड़ी उपलब्धि कवर्धा को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलना रही. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गोठिया गांव में 40 एकड़ भूमि पर 306 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन किया. इस मेडिकल कॉलेज से कबीरधाम के साथ-साथ बेमेतरा, मुंगेली, खैरागढ़ और राजनांदगांव जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों से जिला अस्पताल में बिस्तरों की संख्या 100 से बढ़ाकर 220 की गई, सीटी स्कैन मशीन लगी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हुई.

2. भोरमदेव कॉरिडोर: पर्यटन को नई पहचान
करीब एक हजार वर्ष पुराने भोरमदेव मंदिर को “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” कहा जाता है. वर्ष 2025 में केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी मिली. इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. होटल, गाइड, हस्तशिल्प और परिवहन व्यवसाय को सीधा फायदा होगा.

3. संभाग की पहली फॉरेंसिक लैब
कवर्धा में संभाग की पहली फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला की स्थापना की गई. इससे अब अपराध जांच में रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. कबीरधाम के साथ बेमेतरा, मुंगेली और खैरागढ़-छुईखदान-मंडई जिलों के मामलों की जांच यहीं होगी, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज होगी.

4. सिंचाई परियोजनाएं: किसानों को राहत
कृषि प्रधान जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कई योजनाओं को मंजूरी मिली. जगमड़वा और घठोला जलाशय, सूतियापाट नहर निस्तारण, बकेला डायवर्सन और रेंगाखार डेम नवीनीकरण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं. इनसे हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है.

5. शिक्षा में नई पहल: नालंदा परिसर
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कवर्धा और पंडरिया में नालंदा परिसर का निर्माण शुरू हुआ. कवर्धा के छिरपानी कॉलोनी में 4.41 करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला डिजिटल लाइब्रेरी बन रही है, जिसमें AI टूल्स, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल स्टडी सामग्री उपलब्ध होगी.
6. पंडरिया में सामाजिक पहल
पंडरिया विधायक भावना बोहरा की ओर से छात्राओं के लिए 8 निशुल्क बसें शुरू की गईं, जिससे ग्रामीण छात्राओं को राहत मिली. इसके अलावा 8 निशुल्क एम्बुलेंस सेवा भी शुरू की गई, जिससे जरूरतमंदों को मदद मिल सकी.

7. 24 साल बाद सहकारी शक्कर कारखानों में नया बदलाव
भोरमदेव और सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखानों में 24 वर्षों बाद नए शेयरधारक बनाए गए. इससे नए गन्ना किसानों को कारखानों से जुड़ने का मौका मिला और सहकारी व्यवस्था को मजबूती मिली.

8. सड़क हादसों ने झकझोरा
11 जुलाई को कुकदूर थाना क्षेत्र में एक वाहन के 60 फीट गहरी खाई में गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई. 5 अक्टूबर को चिल्फी घाट में हुए भीषण हादसे में 5 लोगों की जान चली गई. एक बच्ची के जन्मदिन के दिन हुआ अंतिम संस्कार पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना.

9. नक्सल मुक्त घोषित हुआ कबीरधाम
कभी नक्सल प्रभावित माने जाने वाले कबीरधाम जिले को 2025 में नक्सल मुक्त घोषित किया गया. मोस्ट वांटेड नक्सलियों के आत्मसमर्पण और पुलिस की सक्रियता से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई.
10. 8 साल बाद हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा
2017 में हुए सूर्यवंशी डॉक्टर दंपत्ति हत्याकांड का 8 साल बाद खुलासा हुआ. इसके बाद एक वर्ष में 14 पुराने हत्याकांड सुलझाकर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की.

11. वन्यजीव और मानव संघर्ष
चार बायसन और एक तेंदुए के शिकार की घटनाओं ने वन विभाग की लापरवाही उजागर की. चिल्फी क्षेत्र में बाघ द्वारा मानव पर हमले की पहली घटना ने वन्यजीव प्रबंधन पर सवाल खड़े किए.
12. हाईवे जाम से लोग परेशान
रायपुर–जबलपुर नेशनल हाईवे 30 पर चिल्फी घाटी में बार-बार जाम लगने से यात्री और व्यापारी परेशान रहे. सड़क चौड़ीकरण की मांग और तेज हो गई है.
13. अपराध और सामाजिक घटनाएं
अंधविश्वास के चलते नवजात की हत्या का मामला सामने आया, जिसमें आरोपी मां को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा जिले में नकली शराब फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ.
14. कामठी गांव झंडा विवाद
कामठी गांव में झंडा और मंदिर को लेकर आदिवासी और हिंदू पक्षों के बीच विवाद हुआ. घटना में पुलिस अधिकारी और ग्रामीण घायल हुए. स्थिति महीनों तक तनावपूर्ण रही. फिलहाल माहौल शांत है, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ.
15. सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक: जनवरी से अक्टूबर 2025 तक-
- सड़क हादसे: 303
- मौतें: 159
- घायल: 369
वर्ष 2025 कवर्धा के लिए विकास, उपलब्धियों और नई योजनाओं का वर्ष रहा, लेकिन साथ ही सामाजिक जागरूकता, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार की जरूरत भी सामने आई. यह साल जिले के इतिहास में उपलब्धियों और चुनौतियों दोनों के लिए याद किया जाएगा.

