Yearender 2025 -बालोद के लिए उपलब्धियों भरा साल , नेशनल अवॉर्ड से हुआ सम्मान, अपराध अब भी बड़ी चुनौती
बालोद जिले के लिए साल 2025 नई पहचान लेकर आया. जिले को बाल विवाह मुक्त अभियान और जल संचयन के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 30, 2025 at 6:10 PM IST
बालोद : साल 2025 विदा होने में कम समय बचा है.बालोद जिले के लिए साल 2025 खट्टी मीठी यादों से भरा रहा. साल 2025 बालोद जिले को राष्ट्रीय पटल पर ले जाने वाला रहा. पुराने अफसरों के प्रयास और वर्तमान कलेक्टर की मेहनत जनता के सहयोग अधिकारी कर्मचारियों की मेहनत से बालोद ने जल संचयन और बाल विवाह के क्षेत्र में राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाई. 2025 में कुछ दर्दनाक हादसे भी हुए,जिसमें कुछ लोग हमेशा के लिए विदा हो गए.
राष्ट्रीय पुरस्कार का सम्मान
छत्तीसगढ़ का बालोद जिला जल संचयन और जनभागीदारी के क्षेत्र में देश भर में मिसाल बना. जल संरक्षण के लिए किए गए नवाचार और व्यापक प्रयासों के लिए बालोद को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला. बालोद जिले को भारत सरकार की ओर से प्रथम ‘जल संचयन जनभागीदारी (JSJB) 1.0 अवार्ड’ के तहत देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला चुना गया. यह सम्मान नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय-जनभागीदारी समारोह में मिला. इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बालोद जिले को प्रमाण पत्र और प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया, इसके लिए ये एक दिन का सफर नहीं रहा लंबे समय से चल रहे इस अभियान का आउटपुट 2025 में निकला.

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' (27 अगस्त 2024 से शुरू) का हिस्सा रहा. जिले की सभी 436 ग्राम पंचायतों और 9 शहरी निकायों का सत्यापन किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र दिए गए. यह सफलता प्रशासन, जन प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आम जनता के सहयोग से मिली है.
चर्चा में रहा धान घोटाला
बालोद का धान घोटाला दिसंबर माह में प्रकाश में आया. जिसने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी. राज्य सरकार को बालोद जिले से करीबन 9 करोड़ 97 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है. जिले के धोबनपुरी और जगतरा संग्रहण केंद्र में वर्ष 2024-25 में भंडारित धान एवं उसके उठाव का कार्यालय के उपलब्ध ऑनलाइन रिकार्ड के आधार पर जांच किए जाने पर 43 हजार 235 क्विंटल धान कम मिला. धान का मूल्य 9 करोड़ 97 लाख 24 हजार 836 रुपए हैं. इतनी बड़ी मात्रा में धान का शॉर्टेज पाए जाने पर जिला विपणन अधिकारी टिकेंद्र राठौर ने धोबनपुरी संग्रहण केंद्र प्रभारी व्यास नारायण ठाकुर और जगतरा संग्रहण केंद्र प्रभारी क्षेत्र सहायक राणा रन्ती देव सिंह वर्मा के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई हैं. शिकायत पर पुलिस ने दोनों केंद्र प्रभारियों पर बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध पंजीबद्व किया हैं.
बालोद के बीजेपी नेताओं का बढ़ा कद
प्रदेश में बीजेपी सरकार आने के बाद भी संगठन बीते 15 वर्षों से एक भी विधानसभा चुनाव जीतने में कामयाब नहीं हो पाई है. बालोद जिले के तीन सीटों में कांग्रेस के विधायक हैं. सरकार बनने के बाद जब आयोग निगम मंडल और प्रमुख पदों की बारी आई तो बीजेपी के नेताओं को शीर्ष पद मिला. जिसमें संवैधानिक और राजनीतिक पद भी शामिल हैं. बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता यज्ञ दत्त शर्मा को कैबिनेट मंत्री दर्जा के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उपज संघ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया. वहीं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत जैन को प्रदेश में महामंत्री का दायित्व मिला. सिलसिला यहीं नहीं रुका दिसंबर महीने में छत्तीसगढ़ में सभी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति की गई. जिसमें नरेश यदु को उपाध्यक्ष के पद से नवाजा गया.
बालोद में मिली नकदी, बाद में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सौंपा
बालोद जिले में अक्टूबर महीने में एक बड़ी घटना चर्चा में आई जो सीधे हवाला कनेक्शन की ओर इशारा कर रही थी. बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग स्थित पड़कीभाठ बायपास के पास पुलिस ने संदिग्ध कार को रोका. कार की तलाशी के दौरान सीट के नीचे एक सीक्रेट चैंबर मिला. चैंबर में ताला लगा हुआ था, जिसे खोलने पर पुलिस को 500 और 100 रुपए के नोटों के बंडल में कुल 3 करोड़ रुपए नकद मिले. यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई.कैश गिनने के लिए बालोद पुलिस ने एसबीआई बैंक से नोट गिनने की मशीन मंगवाई थी. बाद में इस मामले को आयकर विभाग को सौंप दिया गया. लेकिन कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि बालोद में हवाला का कोई कनेक्शन है या फिर गैर कानूनी रूप से किसी अवैध व्यापार का यह पैसा हो सकता है.
अच्छी बारिश से तीन बार छलका तांदुला
छत्तीसगढ़ में इस बार अच्छी बारिश हुई. लेकिन वाटर सिटी के नाम से मशहूर बालोद जिले के लिए मॉनसून सुकून वाला रहा.अच्छी बारिश की वजह से एक सुखद नजारा जो साल में एक बार मुश्किल से देखने को मिलता है,इस बार तीन बार देखने को मिला.इस बार तांदुला जलाशय तीन बार छलका.जिसे देखने के लिए पर्यटकों का हुजूम उमड़ा.
अपराध में नहीं आई कमी
साल 2025 जिले के लिए अपराध और हादसों के लिहाज़ से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा. पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस साल अब तक 24 हत्याएं दर्ज हुईं.जो जिला गठन के बाद सबसे अधिक हैं. इसी के साथ 502 सड़क हादसों में 202 लोगों की मौत और 567 लोग घायल हुए.पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि अधिकांश हत्याएं चरित्र शंका, रुपए के विवाद और आपसी रंजिश के कारण हुईं.
हत्या : 24
दुष्कर्म : 69
चोरी : 185
लूट : 5
दहेज प्रताड़ना : 4
दहेज मृत्यु : 1
धोखाधड़ी : 49
तहसीलदार भी लुटेरों से नहीं बच सके
साल में एक कहानी ये भी सामने आई 23 मार्च को बालोद की सड़कों पर फिल्मी स्टाइल में वारदात हुई. चार युवकों ने तहसीलदार आशुतोष शर्मा से 6500 रुपए और एटीएम कार्ड लूट लिए. घटना के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने चारों आरोपियों को धर दबोचा.
शिक्षिका बरखा वासनिक हत्याकांड
22 मार्च को दल्लीराजहरा के मानपुर रोड पर दो महिलाएं स्कूटी से गिरीं.घटना देखने वाले लोगों को लगा यह हादसा है, लेकिन इस एक्सीडेंट के पीछे था कत्ल की कहानी थी. मृतिका बरखा वासनिक की हत्या उनके पति शीशपाल वासनिक ने कराई थी, जो भिलाई-3 में विद्युत विभाग में इंजीनियर हैं. पुलिस को शुरू में हादसा लगा, लेकिन मृतिका की बहन प्रियंका डाहार की जिद पर हत्या की जांच खुली. शीशपाल ने अपनी पत्नी के खिलाफ 60 हजार में सुपारी दी थी. यह मामला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में रहा और महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठा गया.
बहू और प्रेमी ने ससुर को दिया करंट
16 जुलाई की रात खड़ेनाडीह गांव में हत्या हुई. ये वारदात किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी. गीता निर्मलकर और उसके प्रेमी लेखराम निषाद ने मिलकर ससुर मनोहर निर्मलकर को करंट लगाकर मौत की नींद सुला दिया. दोनों के बीच प्रेम संबंध का पता मनोहर को लग गया था,जिसके बाद बहू ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया.
2025 की कहानी — सबक और सवाल
साल 2025 ने बालोद को कई सवालों के साथ छोड़ा है. क्या समाज में बढ़ रही घरेलू हिंसा और व्यक्तिगत द्वेष अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं? क्या सड़क सुरक्षा अब भी लापरवाही का शिकार है? इन सबके बीच एक बात स्पष्ट रही कि पुलिस और प्रशासन ने लगभग हर बड़ी वारदात का खुलासा किया. अपराधियों को पकड़ भी लिया, लेकिन अपराध को कम करना अब भी एक चुनौती है.बालोद ने 2025 को विदा तो किया लेकिन जो जख्म लोगों को मिले वो शायद कई साल तक ताजा रहे.
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