यमुना जल परियोजना: दिल्ली बैठक में एमओयू के प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति; डोटासरा ने कसा तंज- कितनी बार करेंगे MOU
इस परियोजना के जरिए राजस्थान को पानी नहरों की बजाय पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से पहुंचाने का प्रस्ताव है. इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.

Published : June 23, 2026 at 8:35 PM IST
नई दिल्ली/जयपुर: राजस्थान के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण मानी जा रही यमुना जल परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में मंगलवार को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण प्रगति हुई. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ उच्चस्तरीय बैठक में भाग लिया, जहां परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई और मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) के महत्वपूर्ण बिंदुओं को अंतिम रूप दिया गया. बैठक में किशाऊ बांध परियोजना समेत अन्य जल संसाधन संबंधी विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ. इधर, बैठक को लेकर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने तंज कसा कि ढाई साल से भाजपा सरकार सिर्फ एमओयू का खेल खेल रही है.आखिर कितनी बार एमओयू होगा.
बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि यमुना जल परियोजना को पारंपरिक मॉडल के बजाय आधुनिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. परियोजना के तहत पानी को नहरों के बजाय पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से पहुंचाने का प्रस्ताव है. इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, पानी की बर्बादी कम होगी और वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनाई जा सकेगी. बैठक में किशाऊ बांध परियोजना पर भी चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस परियोजना से जुड़े छह राज्यों के विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनने की दिशा में प्रगति हुई है और शीघ्र ही उससे संबंधित एमओयू की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी. इससे राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों को लाभ मिलने की संभावना जताई गई.
जल प्रबंधन तंत्र को नई मजबूती मिलेगी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना जल परियोजना राजस्थान के लिए केवल जल आपूर्ति की योजना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम है. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है और इससे लाखों लोगों को राहत मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र और हरियाणा सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित जल परियोजनाओं को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गति मिली है और राजस्थान को उसके हिस्से का पानी दिलाने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है. मुख्यमंत्री के अनुसार परियोजना लागू होने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर जल उपलब्धता मिलेगी, उद्योगों को भी फायदा होगा और आमजन तक पेयजल पहुंच मजबूत होगी, साथ ही राज्य के जल प्रबंधन तंत्र को नई मजबूती मिलेगी.
जल सुरक्षा के व्यापक एजेंडे से जुड़ी योजना: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि रेणुका, लखवार और किशाऊ जैसी परियोजनाओं के जरिए राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के लोगों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा. बैठक में वर्षा जल को संरक्षित कर राजस्थान तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई.
आखिर यमुना जल पर कितनी बार MoU होगा? ढाई साल से भाजपा सरकार सिर्फ MoU का खेल खेल रही है।
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) June 23, 2026
आज मुख्यमंत्री भजनलाल जी के बयान से एक बात स्पष्ट हो गई है कि जिस 17 जून 2024 के MoU का वे बार-बार जिक्र करते रहे, वो सिर्फ कागजों और भाषणों तक सीमित था। मुख्यमंत्री जी को बताना चाहिए क्या… pic.twitter.com/O5C6CjtjZa
डोटासरा बोले- कितनी बार करोगे एमओयू: प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में भाजपा सरकारों पर तंज कसा और कहा आखिर कितनी बार एमओयू होगा. उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयान से यह बात स्पष्ट हो गई है कि जिस 17 जून 2024 के एमओयू का वे बार-बार जिक्र कर रहे हैं, वह सिर्फ कागजों और भाषणों तक सीमित था. मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि क्या विधानसभा के पटल पर जिस एमओयू का हवाला दिया गया, बयानबाजी की गई क्या वह सब कुछ झूठ था. अगर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब फिर नया एमओयू होगा तो पहले वाला क्या था. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री राजस्थान को ऊपरी पानी देने की बात कर रहे हैं. यह राजस्थान के हितों के साथ एक और समझौते की तैयारी हो रही है.

