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विश्व की अनोखी जूतेमार होली, जानें लॉट साहब के जुलूस पर क्यों टूट पड़ते हैं शाहजहांपुर वाले

जो लोग लॉट साहब के साथ भैसा गाड़ी पर सवार होते हैं, वह रास्ते भर लॉट साहब पर झाड़ू और जूते बरसाते रहते हैं.

Jootamar Holi
शाहजहांपुर में लॉट साहब पर झाड़ू और जूते बरसाते रहते हैं. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 2, 2026 at 11:37 AM IST

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Updated : March 2, 2026 at 11:48 AM IST

6 Min Read
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शाहजहांपुर: देश भर में होली का पर्व मनाने की अलग-अलग परंपराएं हैं. कहीं फूलों से होली खेली जाती है, तो कहीं लठ्ठमार होली होती है, लेकिन शाहजहांपुर की होली विश्व की सबसे अनोखी होली है. यहां जूतेमार होली खेली जाती है. यहां एक शख्स को अंग्रेज अफसर बनाकर भैंसा गाड़ी पर बैठाया जाता है और उसे लॉट साहब का नाम देकर उसे जूतों को माला पहनाई जाती है और रस्ते भर जुलूस में शामिल लोग उस पर जूते चप्पलों की बौछार करते हैं.

इसके साथ जो लोग लॉट साहब के साथ भैसा गाड़ी पर सवार होते हैं, वह रास्ते भर लाट साहब पर झाड़ू और जूते बरसाते रहते हैं.

विश्व की अनोखी परंपरा: शाहजहांपुर में लॉट साहब पर झाड़ू और जूते बरसाते रहते हैं. (ETV Bharat)

लॉट साहब का ये जुलूस होली के दिन 4 मार्च को निकलेगा. परंपरा के अनुसार ये जुलूस सुबह 9 बजे निकलेगा और 12 बजे संपन्न होगी.

बताते हैं कि यह परंपरा तकरीबन 300 वर्ष पुरानी है. यहां के लोग अंग्रेजों द्वारा किए गए अत्याचारों पर अपना आक्रोश लॉट साहब के जुलूस के रूप में निकलते हैं. इस जूतेमार होली के लिए शाहजहांपुर प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं.

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विश्व की अनोखी जूतेमार होली. (ETV Bharat (File))

इसमें लॉट साहब का जुलूस चौक क्षेत्र स्थित फूलमती मंदिर से लाट साहब को मत्था टेकने के बाद शुरू होकर चौक कोतवाली आता है, जहां पर तैनात कोतवाल लाट साहब को सलामी देने के साथ इनाम भी देते है.

विशेषज्ञों के अनुसार यह अनोखी परंपरा, अंग्रेजी शासन के दौरान गवर्नर जरनल को लॉट साहब के नाम से खिताब दिया जाता था और अब यह जुलूस अंग्रेज शासकों के जुल्म-ज्यादती के खिलाफ आक्रोश के प्रतीक के तौर पर हर साल शाहजहांपुर में निकाला जाता है.

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शाहजहांपुर में अनोखी होली. (ETV Bharat (File))

जुलूस में लॉट साहब को बैलगाड़ी पर तख्त डाल कर बिठाया जाता है और सिर पर हेलमेट भी पहनाया जाता है, ताकि चोट न लगे. इसके साथ ही उनके ऊपर झाड़ू से हवा भी की जाती है और होरियारे लोग लाट साब की जय बोलते हुए उन्हें जूते मारते हैं. इसके बाद जुलूस शहर के कई मार्गों से गुजरता हुआ जुलूस घंटा-घर पहुंचता है और वहां से दोबारा चौक क्षेत्र में जाकर सम्पन्न हो जाता है.

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शाहजहांपुर में विश्व की अनोखी होली खेली जाती है. (ETV Bharat (File))

शहर में निकलता है दो जगहों से लॉट साहब का जुलूस

शाहजहांपुर में दो जगह लॉट साहब का जुलूस निकलता है. पहला चौक कोतवाली क्षेत्र से दूसरा थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र से. दोनों जुलूसों हुड़दंगियों के कारण पुलिस विभाग काफी सक्रिय रहता है.

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की व्यापक स्तर पर ड्यूटी लगाई जाती है. जनपद के अधिकारियों की छुट्टी निरस्त कर दी जाती है. कई जगह सेक्टर मैजिस्ट्रेट के रूप में जनपद के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाती है.

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शाहजहांपुर में विश्व की अनोखी होली खेली जाती है. (ETV Bharat (File))

जुलूस के मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढक दिया जाता है. जुलूस मार्ग न बदले इस कारण व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग कराई जाती है. जनपद के अलावा कई जनपदों से फोर्स के साथ पैरामिलेट्री बुलाकर तैनात की जाती है.

पिछले साल से अधिक पुलिस फोर्स की होगी तैनाती

बता दें कि जिले में गत वर्ष जुलूस के दौरान विवाद भी हुआ था. ऐसे में बड़े लॉट साहब के जुलूस के लिए इस बार फोर्स भी ज्यादा मांगी गई. गत वर्ष 26 इंस्पेक्टर दूसरे जिलों से आए थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़ाकर 30 कर दी गई. गत वर्ष 130 उपनिरीक्षक बाहर से आए थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़ाकर 150 पहुंच गई.

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शाहजहांपुर में विश्व की अनोखी होली खेली जाती है. (ETV Bharat (File))

बीते साल हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल 550 की संख्या में तैनात थे. 300 होमगार्ड दूसरे जिलों से आए थे, जबकि इस बार हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल की संख्या 600 कर दी गई है. होमगार्ड 300 ही तैनात रहेंगे.

इसके अलावा गत वर्ष डेढ़ प्लाटून पीएसी तैनात की गई, जबकि इस बार दो कंपनी पीएसी और ढाई कंपनी पैरामिलिट्री रहेगी. इसके साथ ही गत वर्ष डेढ़ प्लाटून बाहर से आरएएफ आएगी. क्यूआरटी की तीन टीमें इस बार रहेगी. इसके अलावा एएसपी व छह सीओ भी रहेंगे.

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शाहजहांपुर में विश्व की अनोखी जूतेमार होली. (ETV Bharat (File))

आपको बता दें कि यहां होली से लगभग 15 दिन पहले लॉट साहब बनने वाले व्यक्ति को बुलाकर उसकी खूब खातिरदारी की जाती है, फिर उसे भैंसा गाड़ी पर बैठा कर हेलमेट पहनाने के बाद जूते और चप्पलों से पिटाई की जाती है. रंग से सराबोर करते हुरियारे चीखते-चिल्लाते हुए लाट साहब पर चप्पलों एवं जूतों की बौछार करते हैं.

लॉट साहब का ये जुलूस होली के दिन 4 मार्च को निकलेगा. परंपरा के अनुसार ये जुलूस सुबह 9 बजे निकलेगा और 12 बजे संपन्न होगी.

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शाहजहांपुर में जूतेमार होली. (ETV Bharat (File))

प्रशासन द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द को कायम रखने के उद्देश्य से बड़े एवं छोटे लॉट साहब के रूट पर पड़ने वाली लगभग छोटी बड़ी 92 मस्जिदों को पॉलिपैक से कवर्ड किया गया है.

साथ ही रूट के दोनों और गलियों को लकड़ी की बल्लियों से बैरिकेडिंग लगाकर बन्द किया जा रहा है. जुलूस की तैयारियों का डीएम-एसपी द्वारा भ्रमण कर लगातार जायजा लिया जा रहा है. इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को समय से तैयारियां पूर्ण करने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है.

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि खुफिया विभाग की टीम धार्मिक स्थलों की निगरानी करेगी और ड्रोन के जरिए भी धार्मिक स्थलों की निगरानी की जाएगी. मुस्लिम धर्म गुरुओं के साथ पीस मीटिंग के जरिए उनकी सहमति ले ली गई है. फिलहाल प्रशासन का दावा है कि धार्मिक स्थल सुरक्षित हैं और शांतिपूर्ण ढंग से होली मनायी जाएगी.

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शाहजहांपुर में अनोखी जूतेमार होली. (ETV Bharat (File))

गौर करें तो शाहजहांपुर पूरे देश में अकेला एक ऐसा शहर है, जहां मस्जिदों को पूरी तरीके से तिरपाल से ढक दिया जाता है. प्रशासन का मानना है कि यहां निकलने वाली अनोखी जूतेमार होली का जुलूस भी शांतिपूर्ण ढंग से निकल जाए. और धार्मिक स्थल भी सुरक्षित रहे. इसलिए ऐसा किया जाता है. फिलहाल एक तरफ जिला प्रशासन अपनी तैयारी को पूरी कर चुका है, तो वहीं मुस्लिम समुदाय मस्जिद ढके जाने से बेहद नाराज नजर आता है.

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Last Updated : March 2, 2026 at 11:48 AM IST