विश्व टीबी दिवस: जनभागीदारी से टीबी उन्मूलन की दिशा में झारखंड के प्रयास तेज, राज्य की 455 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
विश्व टीबी दिवस के मौके पर रांची में कार्यक्रम आयोजित किया गया है. इस दौरान अधिक जोखिम वाले समूह की जांच की जाएगी.

Published : March 24, 2026 at 9:45 AM IST
रांची: हर वर्ष 24 मार्च को विश्व स्तर पर विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है. यह दिन जर्मन वैज्ञानिक रॉबर्ट कोच द्वारा टीबी के जीवाणु की खोज की याद में मनाया जाता है. इस वर्ष विश्व तपेदिक दिवस का थीम 'Yes! We Can End TB–Led by Bharat, Powered by Janbhagidari' रखा गया है.
इसका उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से टीबी उन्मूलन को तेज करना है. टीबी उन्मूलन कार्यक्रम झारखंड के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ कमलेश कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि देशभर के साथ-साथ झारखंड सरकार द्वारा राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (National Tuberculosis Elimination Programme) चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश से टीबी का उन्मूलन करना है. कार्यक्रम के तहत टीबी के मरीजों को समय पर जांच, मुफ्त इलाज और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
2025 में 9.49 लाख संदिग्ध मरीजों की हुई जांच
डॉ कमलेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 में झारखंड में बड़ी संख्या में मरीजों की जांच हुई. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राज्य में 9,49,254 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिसमें 67,049 टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया गया. राज्य में टीबी उपचार की सफलता दर लगभग 90 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 85 प्रतिशत से अधिक है.
राज्य में मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा
राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों में टीबी की जांच और उपचार की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है. टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के स्टेट नोडल अधिकारी के अनुसार राज्य में 389 बलगम जांच केंद्र, 41 CB-NAAT जांच केंद्र, दो अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (रांची और धनबाद) और 177 True-nat मशीनों के माध्यम से प्रखंड स्तर पर टीबी जांच की सुविधा लोगों को पहुंचाई जा रही है. इन सुविधाओं के जरिए ड्रग सेंसिटिव और ड्रग रेजिस्टेंट टीबी की पहचान और इलाज किया जा रहा है.

मरीजों को पोषण सहायता
टीबी मरीजों को इलाज के दौरान प्रति माह 1000 रुपये की पोषण सहायता भी दी जा रही है. इसके अलावा 'निक्षय मित्र' पहल के तहत मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराई जा रही है. अब तक 1,14,739 फूड बास्केट वितरित किए जा चुके हैं.
455 पंचायतें घोषित टीबी मुक्त
राज्य में अब तक 455 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है. साथ ही सभी पंचायतों में टीबी फोरम का गठन किया गया है ताकि समुदाय स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता फैले और इसको जड़ से समाप्त करने में आपसी सहयोग को और बढ़ाया जा सके.

विशेष अभियान के तहत लोगों की जांच की जाएगी
NHM के झारखंड स्टेट अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने टीबी दिवस के दिन होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि टीबी के जोखिम समूह के बीच विश्व टीबी दिवस के अवसर पर विशेष अभियान चलाकर उन लोगों की जांच की जाएगी जो अधिक जोखिम वाले समूह में आते हैं.
इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, पुराने टीबी मरीज, टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोग, डायबिटीज और एचआईवी से प्रभावित व्यक्ति, नशा करने वाले व्यक्ति, खनन क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों के निवासी इनकी एक्स-रे के माध्यम से स्क्रीनिंग कर टीबी के संभावित मामलों की जल्द पहचान की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग और NHM झारखंड के अभियान निदेशक ने राज्यवासियों से अपील की कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को समय से हासिल करने के लिए जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग की भावना से काम करें.
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