Miyazaki है दुनिया का सबसे महंगा आम, अब ट्रीमैन बस्तर में कर रहे खेती
बस्तर में विश्व के महंगे आमों में शुमार मियाजाकी मैंगो की खेती हो रही है. पेश है सुनील कश्यप की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : June 5, 2026 at 2:59 PM IST
बस्तर: नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर की नई पहचान से जुड़ी कहानियां सामने आ रही है. यहां की मिट्टी में अब बारुद और बम की गंध नहीं बल्कि महंगे आमों की खुशूब फैल रही है. बस्तर में विश्व के सबसे महंगे आम मियाजाकी की सफल पैदावार हो रही है. इस सफल पैदावार ने बस्तर में नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं.
बस्तर की जमीन पर मियाजाकी आम
जिस आम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है. वह आम अब बस्तर की मिट्टी में फलने लगा है. यह सब बस्तर के ट्री मैन संपत झा ने कर दिखाया है. उन्होंने बस्तर को नई पहचान दिलाई है. तीन साल की अथक मेहनत के बाद बस्तर की जमीन पर मियाजाकी आम की खूब पैदावार हो रही है.
तीन साल की मेहनत लाई रंग
बस्तर के ट्री मैन संपत झा का कहना है कि कुछ वर्ष पहले भारी कीमत चुकाकर मियाजाकी आम का पौधा राजमेन्द्री से अपने बगीचे में लगाया था. उस समय कई लोगों ने इसे महज एक प्रयोग माना था. तीन साल की देखरेख और मेहनत के बाद पौधे में फल आना शुरू हो गया है. इसकी खेती और रखरखाव में विशेष तकनीक और देखभाल की आवश्यकता होती है.

यह उपलब्धि न केवल बागवानी के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है. बल्कि किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बड़ा स्रोत भी बन सकती है. बस्तर की जलवायु, मिट्टी और पर्याप्त वर्षा मियाजाकी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए अनुकूल साबित हो सकती है. यदि बड़े स्तर पर इसकी खेती सफल होती है तो बस्तर क्षेत्र के किसान पारंपरिक फसलों के साथ ही इस प्रीमियम फल से भी बेहतर आमदनी अर्जित कर सकेंगे- संपत झा, किसान, बस्तर

मियाजाकी आम से बदलेगी बस्तर की अर्थव्यवस्था
मियाजाकी आम की खेती करने वाले किसान संपत झा ने इसे बस्तर के किसानों के लिए फायदेमंद बताया है. उन्होंने कहा कि बस्तर के किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो मियाजाकी आम बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है. यह खेती युवाओं को आधुनिक बागवानी की ओर आकर्षित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकती है. जानकारी के अनुसार इस आम की पैदावार जबलपुर में बड़ी मात्रा में होती है. जगदलपुर में इसकी सुरक्षा में करीब 50 लाख रुपये खर्च कर मियाजाकी आम की खेती की जाती थी.

कभी जंगलों और पारंपरिक खेती के लिए पहचाने जाने वाला बस्तर अब विश्व के सबसे महंगे आम की खेती के जरिए नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है. यदि यह प्रयोग बड़े स्तर पर सफल होता है तो आने वाले वर्षों में बस्तर देश के प्रमुख प्रीमियम फल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल हो सकता है- संपत झा, किसान, बस्तर
क्या है मियाजाकी आम की खासियत ?
मियाजाकी आम की उत्पत्ति जापान के मियाजाकी प्रांत में हुई है. तभी से इस आम का नाम मियाजाकी आम पड़ गया. यह आम अपने आकर्षक गहरे लाल रंग, अत्यधिक मिठास और उच्च पोषण मूल्य के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. फल का वजन सामान्यत 350 से 900 ग्राम तक होता है. मियाजाकी आम में शर्करा की मात्रा सामान्य आमों की तुलना में अधिक होती है, जिससे इसका स्वाद बेहद मीठा होता है. मियाजाकी आम में एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.

दुनिया का सबसे महंगा आम है मियाजाकी आम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत कई बार 2 लाख से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक दर्ज की गई है. जिसके कारण इसे दुनिया का सबसे महंगा आम कहा जाता है. इस आम की पौष्टिकता और टेस्ट ने इसे अलग पहचान दिलाया है. इसी वजह से यह आम सबसे महंगे दरों पर बिकता है. एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड के साथ साथ इसकी मिठास इस आम की कीमत को बढ़ाने का काम करता है.


