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विश्व प्रसिद्ध फागुन मेला की तैयारी पूरी, पहले से व्यवस्थित होगा आयोजन, विदेशी पर्यटकों का लगेगा जमावड़ा

दंतेवाड़ा में विश्व प्रसिद्ध फागुन मेला की तैयारियां पूरी हो चुकी है.इस बार जिला प्रशासन और मंदिर कमेटी ने मिलकर विशेष प्लान बनाया है.

big fair organized in courtyard of Maa Danteshwari
विश्व प्रसिद्ध फागुन मेला की तैयारी पूरी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 17, 2026 at 12:26 PM IST

5 Min Read
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दंतेवाड़ा : बस्तर के विश्व प्रसिद्ध फागुन मेला की तैयारी पूरी हो चुकी है.विश्व प्रसिद्ध फागुन मेला हर साल बस्तर की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का अनूठा संगम पेश करता है. इस बार फागुन मेला पहले से भी ज्यादा भव्य और व्यवस्थित करने की तैयारी है. मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने मिलकर 2026 के फागुन मेला के लिए व्यापक तैयारी की है. लगातार बैठकों और समीक्षा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, ताकि मेले में दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.


प्राकृतिक आपदा के बाद नई चुनौतियां

साल 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के कारण दंतेवाड़ा को जोड़ने वाला बाईपास पुलिया क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद से भारी वाहनों का आवागमन दंतेश्वरी मंदिर मार्ग से होने लगा.इस बदली व्यवस्था के कारण भीड़ के साथ यातायात की चुनौतियां बढ़ गई. इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन और मंदिर कमेटी ने इस साल फागुन मेला सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की है.

पारंपरिक स्थल पर ही निभाई जाएंगी रस्में


मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने तय किया है कि फागुम मेला की संभी पारंपरिक रस्में उसी जगह पर होगी जहां पहले से होती आ रही है. बस्तर की विरासत से जुड़ी ये रस्में मेले की आत्मा हैं, जिन्हें उनके मूल रूप में ही पूरा कराया जाएगा. नौ दिनों तक चलने वाले इन आयोजनों में स्थानीय परंपराओं, देव-धर्म और बस्तरिया संस्कृति का दिव्य स्वरूप देखने को मिलेगा.

big fair organized in courtyard of Maa Danteshwari
मां दंतेश्वरी के प्रांगण में लगेगा बड़ा मेला (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
व्यापारियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं
इस बार बाहर से आने वाले व्यापारियों के लिए प्रशासन ने 10×10 फीट का चिह्नित स्थान आवंटित करने का निर्णय लिया है.प्रत्येक दुकान के लिए बिजली व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि व्यापारी निर्बाध रूप से अपना कारोबार कर सकें.मेले में बड़ी संख्या में व्यापारी आते हैं, इसलिए सुव्यवस्थित दुकान क्षेत्र मेले के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.


आकाश झूला, सर्कस और बच्चों के झूले नए स्थान पर


मेले में भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने इस साल एक बड़ा बदलाव किया है. आकाश झूला, सर्कस, प्रदर्शनी तथा बच्चों के झूले को दंतेश्वरी मंदिर परिसर से दूर दंतेवाड़ा ऑडिटोरियम के पीछे ट्रांसफर किया गया है. इससे मंदिर क्षेत्र का दबाव कम होगा और लोग बिना अवरोध पूजा-अर्चना और रस्मों में शामिल हो सकेंगे.

विश्व प्रसिद्ध फागुन मेला की तैयारी पूरी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
पार्किंग व्यवस्था और भी सुदृढ़भीड़ को डायवर्ट करने और वाहन व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पार्किंग के लिए दंतेवाड़ा हाईस्कूल को चिह्नित किया है. यहां वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है.नई जगह व्यवस्थित पार्किंग होने के कारण जाम की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी. पार्किंग से लेकर दुकान क्षेत्र तक आने-जाने के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं.यातायात पुलिस की विशेष योजनायातायात पुलिस ने मेले के लिए एक विस्तृत नक्शा तैयार किया गया है, जिसमें दर्शाया गया है कि इस बार मेला किन क्षेत्रों में लगेगा, दुकानें किस स्थान पर होंगी और पार्किंग कहां होगी. इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि स्थानीय लोग और पर्यटक किसी भी प्रकार की उलझन में न पड़ें. मेले को शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल, यातायात विभाग, नगर पालिका, टेंपल कमेटी और सर्व समाज के लोग सक्रिय भूमिका निभाएंगे. सुरक्षा, सफाई, व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के लिए टीमें गठित की गई हैं.मंदिर के प्रधान पुजारी जिया महाराज ने आम जनता से अपील की है कि वे स्थिति को समझते हुए प्रशासन का सहयोग करें.

फागुन मेला सभी का है और इसे शांति, अनुशासन एवं श्रद्धा के साथ मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है. श्रद्धालुओं से आग्रह है कि वे यातायात मार्गों और व्यवस्थाओं का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार का अव्यवस्था न उत्पन्न हो- परमेश्वर नाथ जिया ,मंदिर पुजारी



विदेशी पर्यटकों के लिए भी स्वागत की तैयारी

हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक दंतेवाड़ा पहुंचेंगे. इसके मद्देनजर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने विशेष व्यवस्था की है, ताकि किसी भी पर्यटक को कठिनाई न हो. आवागमन, ठहराव, सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए पर्यटन केंद्र और सूचना काउंटर स्थापित किए जाएंगे. बस्तरिया संस्कृति, हस्तशिल्प और भोजन का आनंद उठाने के लिए विशेष पंडाल भी लगाए जाएंगे.


बस्तर की सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा प्रदर्शन

फागुन मेले के दौरान नौ दिनों तक मंदिर प्रांगण में पारंपरिक रस्में मध्य रात्रि के बाद संपन्न होती हैं. इन्हें देखने के लिए श्रद्धालु और पर्यटक हर साल बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. यहां बस्तर की सांस्कृतिक परंपराएं, लोक नृत्य, अनुष्ठान और पौराणिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी एक बड़ा उदाहरण है.


प्रशासन और मंदिर कमेटी ने मिलकर 2026 फागुन मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने की पूरी तैयारी कर ली है. श्रद्धालु और पर्यटक इस बार अधिक बेहतर व्यवस्था, सुलभ मार्ग और सांस्कृतिक विविधता के साथ मेले का आनंद ले सकेंगे. यह मेला बस्तर की पहचान है और हर वर्ष इसकी भव्यता पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित करती है.

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