विश्व नारियल दिवस पर जानिए नारियल का अंकगणित, डॉक्टर की जुबानी समझिए इसके अनोखे राज
विश्व नारियल दिवस पर ईटीवी भारत ने नारियल के फायदों को लेकर डॉक्टर और लोगों से बातचीत की है. अविनाश शर्मा की रिपोर्ट

Published : September 2, 2026 at 9:18 PM IST
|Updated : September 2, 2026 at 11:07 PM IST
पंचकूला: कोरोना काल और उसके बाद से देश के विभिन्न राज्यों, शहरों और गांवों तक नारियल की डिमांड लगातार बढ़ रही है. कोरोना के बाद से तो नारियल की डिमांड दोगुनी हो गई है, क्योंकि हर उम्र वर्ग के लोग स्वस्थ शरीर के लिए अपनी दिनचर्या में नारियल पानी को शामिल कर चुके हैं. लेकिन हम आपको आज यह सब क्यों बता रहे हैं, इसका कारण आज, 2 सितंबर को विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है. ईटीवी भारत ने दशकों से नारियल का कारोबार कर रहे ट्राइसिटी के बड़े व्यापारियों, छोटे दुकानदारों, फुटकरों और नारियल पानी पीने के फायदे के बारे में डॉक्टर से बातचीत की. आप भी जानें कि उन्होंने नारियल की खपत, भाव और फायदों के बारे में क्या कहा.
कोरोना के बाद नारियल की मांग बढ़ी: दशकों से नारियल पानी का कारोबार कर रहे व्यापारी इरफान ने बताया कि कोरोना काल के बाद से नारियल की मांग में काफी तेजी आई है. जहां पहले नारियल का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा बिकता था, वहीं अब 60-70% तक बिक्री बढ़ गई है. उन्होंने बताया कि कोरोना के दौर में डॉक्टरों और अन्यों द्वारा नारियल पानी पीने के अनेक फायदे बताए गए, जैसे- इम्यूनिटी अच्छी बनना. साथ ही हर आयु वर्ग के लोग नारियल पानी पीते हैं, जिससे इसकी डिमांड में काफी तेजी आई.
बाजार में तीन क्वालिटी का नारियल: इरफान ने बताया कि बाजार में तीन प्रकार का नारियल बिकता है. पहला सबसे अच्छी क्वालिटी का नारियल बड़ा और गोल होता है, जिसमें काफी मात्रा में पानी होता है. जबकि दूसरे नंबर की क्वालिटी के नारियल में पानी और मलाई मिक्स होती है. तीसरे नंबर की क्वालिटी का नारियल छंटाई वाला होता है, क्योंकि उसमें मलाई अधिक और पानी कम होता है. कोरोना से पहले अच्छी क्वालिटी का एक नारियल 35-40 रुपए का बिकता था, जबकि दूसरे नंबर की क्वालिटी का नारियल 20-25 रुपये का बिक जाता था. गौर करने वाली बात यह है कि कोरोना से पहले तीसरे नंबर की क्वालिटी का नारियल बाजार में आता ही नहीं था. बताया कि चालू वर्ष में नारियल की अच्छी बिक्री हुई है. इरफान ने बताया कि दक्षिण भारत से पहुंचने वाला नारियल अच्छी क्वालिटी का है और गुजरात से आने वाला नारियल भी काफी मात्रा में बिक रहा है.
ट्राईसिटी में इन राज्यों से पहुंचता है नारियल: व्यापारी इरफान ने बताया कि चंडीगढ़ समेत ट्राईसिटी में आने वाला नारियल गुजरात, बंगाल, आंध्रप्रदेश, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक से पहुंचता है. सभी राज्यों से रोजाना नारियल के कई ट्रक ट्राईसिटी की सबसे बड़ी चंडीगढ़ सेक्टर 26 स्थित सब्जी एवं फल मंडी में पहुंचते हैं. नारियल की सबसे अधिक खपत चंडीगढ़ और पंजाब के जिलों में अधिक है लेकिन हरियाणा में नारियल की खपत कम है, जिसका कारण प्रदेश में मंडियों की संख्या कम होना बताया.
ऐसे पहचानें नारियल की क्वालिटी: इरफान के अनुसार अलग-अलग क्वालिटी के नारियल की पहचान की जा सकती है. जैसे बैंगलोर से आने वाला नारियल गोल और बड़े आकार का होता है. गुजरात वाला नारियल हरे रंग का होता है और थोड़ा स्किन कलर भी रहता है. जबकि तीसरे दर्जे का नारियल छंटाई के बाद वाला होता है. उन्होंने बताया कि अच्छी क्वालिटी के बड़े नारियल एक कट्टे में करीब 20 ही आ पाते हैं. उन्होंने बताया कि वर्तमान में बाजार में तीनों क्वालिटी का नारियल पहुंच रहा है, जो तमिलनाडु, गुजरात और बेंगलुरु से लाया जा रहा है.
रोजाना नारियल के रेट में बदलाव: नारियल के रेट को लेकर इरफान ने बताया कि रेट में रोजाना बदलाव होता है. सभी राज्यों से पहुंचने वाला नारियल प्रति पीस के हिसाब से खरीदा जाता है और आगे भी प्रत्येक पीस के अनुसार ही बिकता है. उन्होंने बताया कि कोरोना काल से पहले बेंगलुरु के नारियल की सबसे ऊंची लोडिंग प्रति नारियल 27 रुपये जाती थी. उस समय गुजरात और कोलकाता का नारियल भी आता था लेकिन भाव इससे भी कम रहता था. इसके बाद बेंगलुरु से भी नारियल आने लगा और डिमांड भी बढ़ने लगी. नतीजतन गुजरात से प्रति नारियल की मौजूदा कीमत 55-56 रुपये और बेंगलुरु से प्रति नारियल 53-55 रूपये के भाव से गाड़ी लोड हो रही है. इसके बाद बाजार में यही नारियल थोक व्यापारियों/दुकानदारों करीब 67-68 रूपये का मिलता है. फिर दुकानदार रेहड़ी-फड़ी और फुटकर वाले अपना कमीशन काटकर आगे ग्राहक को बेचते देते हैं, जो 80-100 रूपये तक बिक रहा है. क्योंकि नारियल आगे से आगे पहुंचने से ट्रांसपोर्ट खर्च, मंडी फीस और अन्य प्रकार के खर्च शामिल होते हैं.
थोक में प्रति नारियल 60 रूपये: नारियल का कारोबार करने वाले दूसरे व्यापारी रोहित ने बताया कि वह वर्ष 2016 से व्यापार कर रहे हैं. 2 सितंबर को थोक में अच्छी क्वालिटी का प्रति नारियल का भाव 60-65 रूपये रहा. रोहित नारियल गुजरात से लाकर ट्राईसिटी की सबसे बड़ी फल मंडी में थोक में बेचते हैं. मौजूदा समय में गुजरात के नारियल में पानी की अधिक मात्रा रहती है. रोहित ने भी कहा कि कोरोना के बाद से नारियल की मांग काफी अधिक बढ़ गई है, क्योंकि नारियल पानी पीने के फायदे ही फायदे हैं. कोरोना से पहले जहां एक महीने में नारियल के चार-पांच ट्रक लगते थे, वहीं कोरोना के बाद इनकी संख्या बढ़कर करीब 10-11 हो गई है. जबकि एक ट्रक में 10 हजार से 14 हजार तक नारियल तक होते हैं.
डॉक्टर ने क्या कहा ? : ईटीवी भारत ने पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित सिविल अस्पताल के एमडी (मेडिसिन) डॉक्टर अश्विनी भटनागर से भी बातचीत की. उन्होंने हर आयु वर्ग के लिए नारियल पानी पीने के फायदे बताए. साथ ही यह भी बताया कि किस तरह की बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को नारियल पानी नहीं पीना चाहिए. उन्होंने सभी को विश्व नारियल दिवस की शुभकामनाएं दी. उन्होंने बताया कि अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीज और रक्तचाप अनियंत्रित होने के मरीज भी उपचार के लिए पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि नारियल पानी में करीब 92-95% वॉटर कंटेंट होता है और विशेष खासियत यह है कि इसके इलेक्ट्रोलाइट्स में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है. नतीजतन पोटेशियम शरीर में ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा जैसे डायरिया के मरीज हों, जिन्हें उल्टी लगी हो, उन्हें नारियल पानी का सेवन करने का परामर्श दिया जाता है. कहा कि डेंगू के सीजन में भी कम पानी पीने वाले लोगों को ओपीडी में नारियल पानी, ओआरएस लेने और खान-पान संतुलित रखने का परामर्श दिया जाता है.
नारियल पानी पीने के फायदे :
| हाइड्रेशन | इसमें प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) को दूर करता है. |
| पाचन क्रिया | ये पेट की गर्मी, गैस और एसिडिटी को शांत करके पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है. |
| वजन नियंत्रण | इसमें कम कैलोरी होती है, जिससे यह वजन घटाने में मदद करता है. |
| ब्लड प्रेशर | इसमें मौजूद पोटेशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है. |
| त्वचा और बाल | इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को चमकदार बनाते हैं और बालों को स्वस्थ रखते हैं. |
इन बीमारियों से ग्रस्त मरीज करें परहेज: डॉ. अश्वनी भटनागर ने बताया कि नारियल के पानी में पोटेशियम की मात्रा अधिक होने के चलते किडनी के रोगियों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि किडनी के रोगियों के रक्त में पोटेशियम की मात्रा पहले ही अधिक होती है. ऐसे रोगियों के लिए नारियल पानी के सेवन से पहले चिकित्सकीय परामर्श लेना अधिक उचित है, क्योंकि ऐसा नहीं करने से साइड इफेक्ट का खतरा बढ़ता है.
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