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8वीं पास महिला ने आलू से किया 5.05 करोड़ का कारोबार, एमपी से कर्नाटक-गुजरात तक फैला कारोबार

देवास की चिंतामणि पाटीदार की कहानी महिलाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं. 5 साल पहले शुरू किया चिप्स का करोबार करोड़ों में पहुंचा.

CHINTAMANI PATIDAR DIDI CHIPS
8वीं पास महिला ने आलू से किया 5.05 करोड़ का कारोबार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 9:12 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट: विश्वास चतुर्वेदी

भोपाल: मध्य प्रदेश में स्थित देवास जिले के दत्तोतर गांव की चिंतामणि पाटीदार की कहानी आत्मनिर्भर भारत की मिसाल है. महज आठवीं तक पढ़ी चिंतामणि कभी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं. लेकिन आज वही महिला 5.05 करोड़ रुपये टर्नओवर वाली कंपनी की चेयरमैन डायरेक्टर हैं. चिंतामणि ने मात्र 10,000 रुपये से अपने व्यापार की शुरुआत की और 5 वर्षों में अपने हौसले, मेहनत और नेतृत्व क्षमता के बल पर 'दीदी चिप्स' को एक मजबूत ब्रांड बना दिया.

स्व-सहायता समूह में जुड़ने के बाद बनाई कंपनी

ईटीवी भारत से बातचीत में चिंतामणि पाटीदार ने बताया कि "जुलाई 2017 में कृष्णा स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में नया मोड़ आया. जब उन्होंने मजदूरी को छोड़कर व्यापार में कदम रखा. इसके 4 साल बाद वर्ष 2021 में भारत सरकार की किसान उत्पादक कंपनी योजना के तहत विजयागंज मंडी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन किया." चिंतामणि इसमें पहले डायरेक्टर बनीं लेकिन अब वह चेयरमैन डायरेक्टर के रूप में करोड़ों के टर्नओवर वाली कंपनी का नेतृत्व कर रही हैं.

एमपी से कर्नाटक-गुजरात तक फैला चिप्स का कारोबार (ETV Bharat)

इसलिए ब्रांड का नाम दीदी चिप्स

बता दें कि देवास जिले के दत्तोतर क्षेत्र में आलू की अच्छी पैदावार होती है. पहले किसान 10 रुपये किलो में आलू बेचते थे. अधिकारियों की सलाह पर चिंतामणि ने सोचा कि यदि इसी आलू से चिप्स बनाकर बेचा जाए तो आय कई गुना बढ़ सकती है. इसके बाद एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज संस्था के सहयोग से आलू चिप्स यूनिट स्थापित की गई. चिंतामणि ने बताया कि "दीदी चिप्स नाम इसलिए रखा गया क्योंकि इस ब्रांड के पीछे मेहनत करने वाली सभी महिलाएं थीं. आज इस प्लांट में 20 से 25 महिलाओं को सीधा रोजगार मिला है. करीब 100 महिलाओं को उन्नत आलू बीज उपलब्ध कराए गए और 125 कृषकों का निःशुल्क मृदा परीक्षण भी कराया गया."

भारत सरकार से मिली 11.72 लाख रुपये की इक्विटी

दीदी चिप्स का कारोबार अब केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है. बल्कि यह कंपनी कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र तक अपना उत्पाद पहुंचा रही है. कुल टर्नओवर 5.05 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. आज कंपनी से 608 से अधिक शेयरधारक जुड़ चुके हैं. भारत सरकार से 11.72 लाख रुपये की इक्विटी सहायता भी प्राप्त हुई है. मजदूर से मालिक बनी चिंतामणि पाटीदार आज न सिर्फ अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं.

सफलता के इस सफर में संघर्ष भी कम नहीं थे

चिंतामणि बताती हैं कि "उनका गांव शहर से 3 किलोमीटर दूर है. पहले रोज 6 किलोमीटर पैदल चलकर आना-जाना पड़ता था. सामाजिक झिझक और सीमित शिक्षा भी चुनौती थी. लेकिन परिवार ने हौसला दिया कि आगे बढ़ो, हम साथ हैं." चिंतामणि ने मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव का आभार जताया. उनका कहना है कि समूह से जुड़कर उन्हें अपनी पहचान मिली.