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अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से की शिकायत,उग्र आंदोलन की चेतावनी

अवैध शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं ने मोर्चा खोला है. महिलाओं ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

Womens against illegal liquor
अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 6, 2026 at 7:00 PM IST

4 Min Read
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बलौदाबाजार : बलौदाबाजार जिले के ग्राम सिनोधा की महिलाएं हाथों में ज्ञापन लेकर कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं. महिलाओं का आरोप है कि उनके गांव में अवैध शराब की बिक्री उनकी शांति ,सुरक्षा और भविष्य को निगल रही है. ये महिलाएं खुद को अब सिर्फ गृहिणी नहीं मानतीं. इन्होंने अपने गांव को शराब मुक्त बनाने के लिए महिला कमांडो का गठन किया है,जो अब प्रशासन से सीधे टकराने को तैयार है.

सिनोधा गांव की महिलाएं हुईं एकजुट

सुहेला तहसील क्षेत्र के ग्राम सिनोधा में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री जारी है. प्रशासनिक कार्रवाई के दावों के बावजूद गांव में कोचिए शराब बेच रहे हैं. महिलाओं का कहना है कि दिन-रात शराब की बिक्री से गांव का माहौल बिगड़ चुका है. शराब पीकर गाली-गलौच, मारपीट और महिलाओं से अभद्र व्यवहार आम बात हो गई है. इन सब चीजों से परेशान होकर गांव की महिलाओं ने पंचायत और महिला समूहों के साथ मिलकर महिला कमांडो दल बनाया. शुरुआत में उन्होंने शराब बेचने वालों को समझाइश दी, गांव में बैठकें कीं, सामाजिक दबाव बनाया, लेकिन जब इसका कोई असर नहीं हुआ, तो उन्होंने अब प्रशासन का दरवाजा खटखटाया.

Memorandum to stop illegal liquor sale
अवैध शराब के खिलाफ महिला शक्ति का ऐलान-ए-जंग (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

“हम डरेंगे नहीं” – महिला कमांडोज का संदेश

कलेक्ट्रेट पहुंचे महिला कमांडो सदस्यों ने आरोप लगाया कि अवैध शराब बेचने वाले अब उन्हें खुलेआम धमकियां दे रहे हैं. महिलाओं का कहना है कि, शराब कोचिए जान से मारने की धमकी दे रहे हैं.

Female commandos complained to collector
महिला कमांडोज ने कलेक्टर से की शिकायत (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

गांव में महिलाओं और बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. घरेलू हिंसा और झगड़े बढ़ गए हैं. युवाओं का भविष्य अंधेरे में जा रहा है. अब हम चुप नहीं बैठेंगे. यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हम उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगी-आशा आगरे, पंच

पुलिस पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में हथबंद थाना पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. महिलाओं और ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी वे अवैध शराब बेचने वालों की सूचना पुलिस को देते हैं, तो पुलिस कुछ ही देर में आरोपियों को छोड़ देती है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे शराब माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं. उन्होंने चार लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि इन पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो.

अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

अवैध शराब का सबसे ज्यादा असर घर-परिवार और बच्चों पर पड़ रहा है. कमाई शराब में उड़ रही है, घरों में रोज झगड़े हो रहे हैं और बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है. गांव का सामाजिक माहौल पूरी तरह बिगड़ चुका है. रात होते ही गांव में शराबियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे डर का माहौल बन जाता है- सुरेन्द्र कुमार चतुर्वेदी, ग्रामीण

ठोस कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

सिनोधा की महिलाएं सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं हैं.यह उस सामाजिक संकट की तस्वीर है, जो ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के कारण गहराता जा रहा है.प्रशासन के लिए यह एक बड़ी परीक्षा है कि वह केवल कार्रवाई के आंकड़े पेश करता है या जमीनी स्तर पर बदलाव भी लाता है.कलेक्टोरेट से लौटते वक्त महिलाओं ने साफ कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है. यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी.

जब गांव की महिलाएं बनीं ढाल, फिर उठी आवाज

एक समय था, जब छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में गुलाबी गैंग का नाम सुनते ही शराब कोचियों और बदमाशों के हाथ कांप जाते थे. हाथों में डंडा, चेहरे पर डर नहीं बल्कि आत्मविश्वास और आंखों में साफ संदेश कि गांव बिगड़ने नहीं देंगे.लेकिन वक्त बदला, सरकारें बदलीं और धीरे-धीरे गुलाबी गैंग का चलन भी खत्म होता चला गया.अवैध शराब फिर से गांवों की गलियों में लौट आई.

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