जमुई में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं ने पहली बार डीएम-एसपी को बांधी राखी
जमुई में पहली बार नक्सल प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को राखी बांधी. रिपोर्ट- राजेश कुमार

Published : August 29, 2026 at 10:11 AM IST
जमुई: बिहार के जमुई जिले के पूर्व अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों गुरमाहा, चोरमारा, मुसहरीटांड, कुमरतरी, बीचलाटोला और जमुनियाटांड की महिलाओं ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पहली बार जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल को राखी बांधी. समाहरणालय के संवाद कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में इन महिलाओं ने प्रशासन के प्रति अपना विश्वास व्यक्त किया.
वर्षों तक नक्सल दहशत का शिकार: भीमबांध जंगल के अंदर बसे इन गांवों में लंबे समय तक नक्सलियों का आतंक छाया रहा. बाहरी लोगों का पहुंचना लगभग असंभव था. ग्रामीण मुख्यधारा से पूरी तरह कटे हुए थे. प्रशासन और शहरी क्षेत्रों से संपर्क रखने में भी वे हिचकते थे, क्योंकि नक्सलियों के कोप का डर हमेशा बना रहता था. नक्सली जिसकी बात कहते, वही करना पड़ता था.
नक्सल समस्या लगभग समाप्त: धीरे-धीरे स्थिति बदल गई है. नक्सलवाद की कमर टूट गई और समस्या लगभग समाप्त हो गई है. प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास की मजबूत डोर बंधने लगी. वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में 25 वर्षों बाद इन गांवों के मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ. ग्रामीणों ने लोकतंत्र के पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लिया.

पहली बार तिरंगा फहराया, राष्ट्रगान गाया: वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुरमाहा में पहली बार योग शिविर लगाया गया. गांव में राशन वितरण शुरू हुआ और 25 वर्षों बाद तिरंगा फहराया गया. उसी मैदान पर जहां कभी नक्सली अपना झंडा लहराते थे, वहां ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ मिलकर बेखौफ राष्ट्रगान गाया, तिरंगे को सलामी दी और भारत माता के जयकारे लगाए.

जिला मुख्यालय पहुंची महिलाएं: रक्षाबंधन के दिन इन सुदूर गांवों की महिलाएं बड़ी संख्या में पहली बार जिला मुख्यालय आईं. उन्होंने जिलाधिकारी नवीन, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा. यह क्षण प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बन गया.
जिलाधिकारी का भावुक बयान: जिलाधिकारी नवीन ने कहा, “ये हमारे लिए बहुत ही भावुक क्षण है. आज रक्षाबंधन के पावन पर्व पर वहां की महिलाओं ने प्रशासन के प्रति अपना विश्वास जताया है. पूरा जिला प्रशासन तहे दिल से इन ग्रामीण महिलाओं का धन्यवाद करता है.” उन्होंने गांवों के लिए जरूरी मूलभूत सुविधाएं जल्द बहाल करने का वादा किया.

"ग्रामीणों और प्रशासन के बीच विश्वास की डोर को और मजबूती से रखा जाएगा. वर्ष 2025 में पहली बार मतदान और अब कई कार्यक्रमों के माध्यम से संवाद जारी है. प्रशासन ग्रामीणों के साथ खड़ा है और जल्द ही पूरे इलाके में बड़ा बदलाव दिखेगा."-नवीन, जिलाधिकारी, जमुई
नए युग की शुरुआत: गुरमाहा, चोरमारा और मुसहरीटांड जैसे वर्षों तक अति नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों की महिलाओं का जिला मुख्यालय आकर डीएम-एसपी को राखी बांधना प्रशासन की बड़ी सफलता और ग्रामीणों के बढ़ते अटूट विश्वास का प्रमाण है.
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