रुद्रप्रयाग: शिवानंदी में सूखे जलस्रोत, पेयजल की जबरदस्त किल्लत, महिलाओं ने वाटर टैंक पर चढ़कर किया प्रदर्शन
शिवानंदी के ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे सुरंग निर्माण के बाद उनके प्राकृतिक जलस्रोत सूख गए तो मकानों में दरारें आ गई हैं

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 2, 2026 at 5:27 PM IST
रुद्रप्रयाग: जनपद के ग्राम सभा शिवानंदी में पेयजल संकट अब विकराल रूप ले चुका है. ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे सुरंग निर्माण कार्य के बाद गांव के वर्षों पुराने प्राकृतिक जलस्रोत पूरी तरह सूख गए हैं. इस कारण पूरे क्षेत्र में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. समस्या से त्रस्त ग्रामीण बृहस्पतिवार को पेयजल टैंकों पर बर्तन लेकर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन व निर्माण एजेंसी के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया.
पेयजल के लिए परेशान शिवानंदी के ग्रामीण: ग्रामीणों का कहना है कि जिस प्राकृतिक स्रोत से दशकों से गांव की पेयजल व्यवस्था संचालित होती थी, वह सुरंग निर्माण के बाद अचानक समाप्त हो गया. इसके चलते लोगों को पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना करीब आधा किलोमीटर दूर अलकनंदा नदी से पानी लाकर घरों की जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं.
प्राकृतिक जलस्रोत से पानी आना हुआ बंद: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुरंग निर्माण के बाद कई मकानों में भी दरारें पड़ने लगी हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है. उनका कहना है कि एक ओर घर असुरक्षित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जीवनदायिनी जलधाराएं भी खत्म होती जा रही हैं. इससे पूरे गांव का भविष्य संकट में पड़ गया है.
वाटर टैंक पर चढ़कर किया प्रदर्शन: प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी से तत्काल वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने, सूख चुके जलस्रोतों की वैज्ञानिक जांच कराने, क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर उचित मुआवजा देने तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे.
डीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश: इस संबंध में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि-
ग्रामीणों की समस्या प्रशासन के संज्ञान में है. संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. जलता को भरोसा दिलाते हैं कि जल्द ही समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे.
-विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी-
प्रदर्शन में ये लोग रहे शामिल: प्रदर्शन में हरीश चंद्र, नरेंद्र, राहुल, रजत, सतीश, मनोज, लक्ष्मी देवी, नीमा देवी, रेखा देवी, उर्मिला देवी, शशि देवी, सीमा देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे. ग्रामीणों का कहना था कि विकास कार्यों की कीमत उनके अस्तित्व और मूलभूत अधिकारों से नहीं चुकाई जा सकती.
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