वसूली के लिए आ रही है महिला ब्रिगेड, सागर में नगर निगम टैक्स वसूलने का यूनिक आईडिया
आर्थिक बदहाली से गुजर रही नगर निगम ने कर वसूली के लिए बनाई महिला ब्रिगेड, शहर में घूम घूमकर होगी टैक्स वसूली

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 12:36 PM IST
सागर : देश की 100 स्मार्ट सिटी में शामिल सागर शहर का नगर निगम इन दिनों आर्थिक बदहाली से जूझ रही है. आलम ये है कि दीपावली पर तीन महीने से वेतन ना मिलने पर कर्मचारियों ने कामकाज बंद कर दिया था. अब एक बार फिर वहीं हालात बनते नजर आ रहे हैं. पिछले दो महीने से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है, ऐसे में कर्मचारी हड़ताल की चेतावनी दे रहे हैं. दूसरी ओर नगर निगम की माली हालत ऐसी है कि वो कर्मचारियों को वेतन देने सरकार से अनुदान राशि एडवांस में देने की मांग कर रही है. ऐसे में नगर निगम ने अपनी बकाया वसूली के लिए अब यूनिक आईडिया निकाला है.
कर वसूली करेगी महिला ब्रिगेड
सागर नगर निगम के आयुक्त राजकुमार खत्री ने नगर निगम द्वारा वसूले जाने वाले सभी प्रकार के टैक्स के लिए महिला ब्रिगेड तैयार कर दी है. जलकर, संपत्ति कर, कचरा प्रबंधन शुल्क और नगर निगम की दुकानों का किराया सहित अन्य सभी तरह के बकाया करों की तय लक्ष्य के हिसाब से वसूली करने पहली बार महिला ब्रिगेड दल का गठन किया गया है. गठित महिला ब्रिगेड दल नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी के निर्देशन में वसूली का काम करेगा.

महिला ब्रिगेड में कौन-कौन शामिल?
महिला ब्रिगेड दल में जयलक्ष्मी श्रीवास्तव, विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव,पूजा श्रीवास्तव, श्रीमती नीरज जादौन, श्रीमती स्वदेश राजा बुंदेला, आभा सेन,कंचन राजपूत, आशी गौतम और रेणुका यादव को नियुक्त किया गया है. राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी को इसमें सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. वहीं सहायक आयुक्त तबस्सुम खान को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो निगम आयुक्त को रोजाना की कर वसूली प्रगति से अवगत कराएंगी.
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ईटीवी भारत से चर्चा में निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया, '' निगम के अंतर्गत महिला और पुरुष कर्मचारी दोनों ही कार्यरत हैं. वसूली के कई सारे मद होते हैं, जिन्हें अच्छे से समझती हैं. इस तरह कर वसूली से महिलाओं के आत्मविश्वास में भी बढोत्तरी होगी. इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए निगम ने नवाचार किया है. हम महिलाओं के माध्यम से विशेष मद में जैसे बाजार बैठकी मद में उन्हें लगा रहे हैं.''
निगम चलाने के लिए ये जरूरी
निगम में कर्मचारियों के वेतन की किल्लत को लेकर किए सवाल पर आयुक्त ने कहा, '' स्वाभाविक रूप से निगम एक स्वायत्त संस्थान है, जिसमें वेतन सहित कई सारे खर्च ऐसे होते हैं, जिन्हें नगर निगम को अपने स्तर पर करना होता है. इसके लिए वित्त की व्यवस्था करना आवश्यक होता है. निगम द्वारा लगाए करों के माध्यम से ये व्यवस्था हो पाती है. चूकिं मार्च भी आने वाला है और काफी वसूली शेष है इसलिए हमनें महिलाओं को कमान सौंपी है.

