उत्तराखंड में यहां हाथी ने महिला को सूंड से उठाकर पटका, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
जंगल में लकड़ी लेने गई महिला पर हाथी का हमला, सूंड से उठाकर पटकने के बाद छोड़ा, अस्पताल में चल रहा उपचार

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 10, 2026 at 9:34 PM IST
रामनगर: उत्तराखंड में मानव–वन्यजीव संघर्ष का एक और मामला सामने आया है. जहां रामनगर के टेड़ा गांव में जंगल से लकड़ी लेने गई एक महिला पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया. इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे उपचार के लिए रामनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जानकारी के मुताबिक, घटना शनिवार शाम की है. जहां रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज के अंतर्गत टेढ़ा गांव की सीमा देवी (उम्र 43 वर्ष) तीन अन्य महिलाओं के साथ टेढ़ा के जंगल में लकड़ी लेने गई थीं. इसी दौरान जंगल में अचानक सामने आए एक हाथी ने सीमा देवी पर हमला कर दिया.
हाथी ने सूंड से उठाकर जमीन पर पटका, चिंघाड़ सुनकर डर गईं अन्य महिलाएं: बताया जा रहा है कि हाथी ने महिला को अपनी सूंड में उठाकर जमीन पर जोर से पटक दिया, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के समय साथ में मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाने की कोशिश की, लेकिन हाथी की चिंघाड़ सुनकर वे भी डर गईं.

हाथी के पीछे मुड़ते ही घिसटते हुए बच निकली महिला: घायल सीमा देवी ने बताया कि हाथी जब उसके ऊपर पैर रखने वाला था, तभी उसने भगवान का नाम लिया और हाथ जोड़ दिए. महिला के अनुसार, जैसे ही हाथी पीछे की ओर मुड़ा, वो घिसटते हुए आगे बढ़ी और तभी हाथी ने उसे छोड़ दिया.
हाथी ने कुछ दूरी तक किया पीछा: महिलाओं ने किसी तरह जंगल से भागकर सड़क तक पहुंचकर अपनी जान बचाई. घायल सीमा देवी ने बताया कि हाथी कुछ दूरी तक पीछे-पीछे दौड़ता हुआ सड़क तक भी आ गया था. इसके बाद ग्रामीणों की मदद से महिला को रामनगर के संयुक्त अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है.
वन विभाग ने शुरू की हाथी की निगरानी: उधर, घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी की निगरानी शुरू कर दी गई है. वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने की अपील की है. वहीं, इस घटना के बाद ग्रामीण काफी डरे हुए हैं.
"शीतकाल के दौरान हाथियों की गतिविधियां ज्यादा रहती हैं. ऐसे में ग्रामीणों को जंगल जाने से बचना चाहिए. फिलहाल, मौके पर गश्त बढ़ा दी गई है. ताकि, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके."- ध्रुव मर्तोलिया, डीएफओ
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