चौबट्टाखाल में महिला पर गुलदार का जानलेवा हमला, एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर
जिलाधिकारी पौड़ी के निर्देश पर एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 10, 2025 at 5:53 PM IST
|Updated : December 10, 2025 at 6:59 PM IST
पौड़ी/चपंवात: उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. आज पौड़ी ज़िले के चौबट्टाखाल विधानसभा के ग्राम देवराड़ी में गुलदार ने एक महिला पर जानलेवा हमला किया. चंपावत जिले के बाराकोट क्षेत्र में भी तेंदुए के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है.
पौड़ी में आज गुलदार ने एक महिला पर हमला किया. हमले के दौरान स्थानीय युवा अंकित कंडारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर बहादुरी दिखाते हुए महिला को गुलदार के चंगुल से छुड़ाया. गंभीर रूप से घायल महिला को पहले ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक उपचार दिया गया. महिला की हालत नाज़ुक होने पर जिलाधिकारी पौड़ी के निर्देश पर एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है.जहां चिकित्सकों की टीम उसका इलाज कर रही है. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
इससे पहले पौड़ी जिले में बढ़ रही गुलदार की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. विभाग अब स्थानीय स्वयंसेवकों को भी अपनी टीम में शामिल करेगा. जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा सके. मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) गढ़वाल धीरज पांडेय ने बताया गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में एनाइड, ड्रोन और कैमरा ट्रैप के माध्यम से लगातार गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने जंगल जाने से पहले महिलाओं से अपील की है कि वह अपनी जानकारी वन कर्मियों को जरूर दें, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके. उन्होंने कहा स्थिति गंभीर हुई तो स्कूलों के समय में परिवर्तन किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में वन कर्मी बच्चों को स्कूल आने-जाने में सहयोग करेंगे.
पांच सालों में गुलदार ने 27 लोगों को मारा
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गढ़वाल वन प्रभाग की पौड़ी रेंज नागदेव, पोखड़ा, पश्चिमी अमेली रेंज दमदेवल, पूर्वी अमेली थलीसैंण, दीवा रेंज धुमाकोट व पैठाणी रेंज में इस साल गुलदार के हमले से पांच की मौत और 25 लोग घायल हुए. विभाग के मुताबिक गुलदार के हमले में इस साल पहली मौत पूर्वी अमेली रेंज में दो जून को हुई. इसके अलावा 12 सितंबर व 13 नवंबर को पोखड़ा रेंज में दो और 20 नवंबर व चार दिसंबर को पौड़ी रेंज में गुलदार ने दो को मार डाला. वहीं वर्ष 2020 में चार की मौत व 12 घायल हुए. 2021 में छह मौत व 25 घायल हुए. 2022 में सात की मौत व 21 घायल, 2023- 24 में पांच की मौत और 22 घायल हुए.
चंपावत जिले के बाराकोट क्षेत्र में मंगलवार तड़के तेंदुए के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई. 45 वर्षीय देव सिंह अधिकारी घर के बाहर नित्यकर्म के लिए गए थे. तब तेंदुए ने उनपर हमला बोल दिया. जिसमें उनकी मौत हो गई.घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए.एक माह के भीतर बाराकोट क्षेत्र में तेंदुए के हमले में यह दूसरी मौत है.आक्रोशित ग्रामीणों ने घटना पर जबरदस्त रोष व्यक्त करते हुए वन विभाग से तेंदुए को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग की है.
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