पारिवारिक विवाद में सास की हत्या, बहू को अपनी 2 साल की बेटी को लेकर जाना पड़ा जेल, जानिए क्यों
दिनेशपुर में पति-पत्नी के विवाद ने लिया भयावह रूप, बहू ने मायके पक्ष संग मिलकर सास की हत्या, चर्चाओं में बेटी के साथ जेल जाना

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 20, 2026 at 7:50 PM IST
रुद्रपुर: उधम सिंह नगर के दिनेशपुर में पारिवारिक विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया. पति से कहासुनी के बाद बहू ने मायके वालों को बुलाया, जहां मारपीट के दौरान 70 वर्षीय सास की मौत हो गई. पुलिस ने पत्नी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन चर्चा दो वर्षीय मासूम बच्ची का भी मां के साथ जेल जाना बना हुआ है.
बता दें कि उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर के वार्ड नंबर 4 में मंगलवार देर रात एक पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया. बताया जा रहा है कि प्रसन्नजीत साह का अपनी पत्नी सुरभि से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. कहासुनी बढ़ने पर सुरभि ने अपने मायके फोन कर घटना की जानकारी दी. आरोप है कि कुछ ही देर में मायके पक्ष से पांच लोग प्रसन्नजीत के घर पहुंच गए.
मारपीट में सास की गई थी जान: घर पहुंचते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई. आरोप है कि सुरभि और उसके मायके वालों ने मिलकर प्रसन्नजीत और उसकी 70 वर्षीय मां संध्या साह के साथ मारपीट की. मारपीट के दौरान संध्या साह गंभीर रूप से घायल हो गईं.
आसपास के लोगों के सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक वृद्धा की मौत हो चुकी थी. घटना के बाद पुलिस ने सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया. प्रसन्नजीत साह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुरभि, सास सुजाता, साली दिशा, साला अमन और साले के दो दोस्तों सुमित व पीयूष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया. बुधवार को सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.

मां के साथ 2 साल की बच्ची भी गई जेल: एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है. उसमें एक आरोपी महिला जिसने न्यायालय में अनुरोध किया कि उसकी दो साल की बच्ची है, उसे भी उनके साथ भेजा जाए. जिस पर न्यायालय ने ले जाने की परमिशन दे दी.
एसपी सिटी ने बताया कि उनके परिवार एवं रिश्तेदारों ने काफी समझाया, लेकिन बच्ची नहीं मानी. इसके बाद न्यायालय में आरोपी ने अनुरोध किया, जिसे न्यायालय ने निवेदन स्वीकार कर लिया और बच्ची को मां के साथ भेज दिया. बच्ची मां से दूर होने के लिए तैयार नहीं हुई, जिसको देखते हुए न्यायालय ने उनका अनुरोध स्वीकार कर बच्ची को मां के साथ भेज दिया.
इस पूरी घटना से आरोपित पत्नी सुरभि के साथ उसकी दो वर्षीय बेटी को भी जेल जाना पड़ा. ऐसे में मासूम बच्ची का सलाखों के पीछे जाना नगर और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
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