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हजारीबाग में जंगली हाथियों ने फिर मचाया उत्पात, 24 घंटे के अंदर 7वीं मौत, क्षेत्र में धारा 163 लागू

हजारीबाग में जंगली हाथी ने एक और महिला को मार डाला, जिससे हमले में मरने वालों की संख्या सात हो गई.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 14, 2026 at 10:17 AM IST

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हजारीबाग: जिले में जंगली हाथियों ने फिर कहर बरपाया है. हाथियों के एक झुंड ने दो लोगों को कुचल दिया, जिससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि एक युवक घायल हो गया. घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है. दो दिन के अंदर हाथी हमले में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है.

दरअसल, देर शाम लगभग 9 बजे के आसपास पांच हाथियों का झुंड चुरचू प्रखंड के बेहरा पंचायत के कजरी के भुरकुंडा टोला में घुस गया और एक कच्चे घर को अपना निशाना बना लिया. जहां सो रही महिला को उसने कुचल दिया. जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान फुल मनी देवी के रूप में हुई है. वहीं, उसके पति राजेश मुर्मू हाथी को देख पीछे के रास्ते से बाहर निकाला. लेकिन उसे भी हाथी ने अपने चपेटे में ले लिया. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. फिलहाल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

सदर एसडीओ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि चुरचू प्रखण्ड अंतर्गत गोंदवार क्षेत्र में हाथी हमले की यह अत्यंत दुखद घटना घटित है, जिसमें अब तक सात लोगों की जान चली गई. घटना के बाद गोंदवार एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र होने की सूचना प्राप्त हुई है. इसे देखते हुए धारा 163 लगाया गया है. यह निषेधाज्ञा प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल पर लागू नहीं होगा. साथ ही शव यात्रा, शादी–विवाह एवं अन्य आवश्यक सामाजिक कार्यों को इस आदेश से मुक्त रखा गया है. निषेधाज्ञा 13 फरवरी 2026 से अगले आदेश तक लागू रहेगा.

हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने हाथी हमले की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक की. पदाधिकारी ने बताया कि स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है. जिला प्रशासन द्वारा हाथियों के आक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं. वन विभाग, पुलिस प्रशासन एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को सतर्क एवं सक्रिय रहने को कहा गया है.

वर्तमान में हाथियों का आवागमन बहेरा पंचायत के कजरी क्षेत्र में है. चनारो, तापीन, पिपरा एवं पिंडरा क्षेत्रों को भी अलर्ट में रखने का निर्देश दिया जा रहा है. इन क्षेत्रों के संबंधित मुखिया, जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों एवं प्रखंड अधिकारियों को तत्काल सूचित कर आवश्यक सावधानियां बरतने हेतु निर्देशित किया गया है. जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के समीप न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें.

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