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गिरिडीह में खून चढ़ाने में देरी से महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा, लैब टेक्नीशियन पर हुई कार्रवाई

गिरिडीह में समय पर महिला को खून नहीं चढ़ पाया. इस कारण उसकी मौत हो गई. मामले में सिविल सर्जन ने कार्रवाई की है.

Woman Died in Giridih
मरीज के परिजन से घटना की जानकारी लेती पुलिस. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : May 22, 2026 at 7:10 PM IST

4 Min Read
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गिरिडीह: अस्पतालों में जांच और प्रक्रिया कभी-कभी मरीजों के लिए आफत बन जाती है. एक ऐसा ही मामला गिरिडीह में सामने आया है, जहां जांच की प्रक्रिया में देरी के कारण एक महिला की मौत हो गई. मामला सदर अस्पताल और ब्लड बैंक से जुड़ा है.

मृत महिला की पहचान गिरिडीह के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के फूलची निवासी 50 वर्षीय मीणा देवी के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि ब्लड बैंक के द्वारा सदर अस्पताल को ब्लड उपलब्ध कराने में विलंब और फिर अस्पताल में जांच प्रक्रिया में देरी के कारण मरीज की मौत हुई है. वहीं घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

घटना की जानकारी देते परिजन और सिविल सर्जन का बयान. (वीडियो-ईटीवी भारत)

महिला की मौत के बाद हंगामा

वहीं घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ब्लड बैंक कर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराते हुए जांच शुरू कर दी है.

घटना के संबंध में मृत महिला के पति धीरेन राय ने बताया कि उनकी पत्नी लंबे समय से खून की कमी से जूझ रही थी. गुरुवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने मरीज को तत्काल ब्लड चढ़ाने की सलाह दी थी. इसके बाद परिजनों ने खुद रक्तदान कर ब्लड बैंक में खून जमा कराया. परिजनों का आरोप है कि ब्लड बैंक कर्मियों ने उन्हें बताया कि रक्त की जांच रांची में कराई जाएगी और शुक्रवार सुबह तक ब्लड उपलब्ध करा दिया जाएगा.

ब्लड प्रोसेसिंग और मैचिंग में लगा दिए दो घंटे

मृतका के पति धीरेन राय ने बताया कि अस्पताल के पास ही घर होने के कारण वह पत्नी को रात में घर ले गए थे. शुक्रवार की सुबह जब वे ब्लड लेने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे तो उनसे मरीज का ब्लड सैंपल लाने को कहा गया. परिजनों ने तुरंत मरीज का सैंपल लाकर जमा कराया, लेकिन इसके बावजूद ब्लड प्रोसेसिंग और मैचिंग के नाम पर करीब दो घंटे तक उन्हें इंतजार कराया गया.

परिजनों का कहना है कि इस दौरान उन्होंने कई बार ब्लड बैंक कर्मियों से गुहार लगाई कि मरीज की हालत गंभीर है और जल्द से जल्द खून उपलब्ध कराया जाए. बावजूद इसके कोई तत्परता नहीं दिखाई गई. आरोप है कि समय पर ब्लड नहीं मिलने के कारण महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई.

परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. कई लोग अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली. पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

लैब टेक्नीशियन की सेवा होगी समाप्तः सिविल सर्जन

इधर, घटना की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्लड बैंक इंचार्ज से जवाब तलब किया है. प्रारंभिक जांच में लैब टेक्नीशियन की लापरवाही सामने आने की बात कही गई है. सिविल सर्जन ने बताया कि ब्लड मैचिंग की प्रक्रिया में करीब दो घंटे की देरी हुई थी. जिसके कारण समय पर मरीज को रक्त उपलब्ध नहीं कराया जा सका.

उन्होंने कहा कि मामले में संबंधित लैब टेक्नीशियन की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो. घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.

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