चाईबासा में हाथी का कहर, महिला की मौत, पति-बेटा घायल, 4 दिन में 5 की गई जान
चाईबासा में दंतैल हाथी ने महिला को पटक कर मार डाला है. जिले में पिछले चार दिनों में पांच लोगों की मौत हो चुकी है.

Published : January 4, 2026 at 4:57 PM IST
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. गोईलकेरा प्रखंड अंतर्गत संतरा वन क्षेत्र में रविवार सुबह एक दंतैल जंगली हाथी के हमले से 47 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि उसका पति और 10 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत है.
घर के पास हुआ अचानक हमला
यह घटना गोईलकेरा थाना क्षेत्र के संतरा वन अंतर्गत अमराई कितापी गांव के तोपनोसाई टोला की है. जहां रविवार सुबह एक परिवार के सभी सदस्य अपने घर के पास मौजूद थे. तभी अचानक जंगल की ओर से निकले दंतैल हाथी ने हमला कर दिया. हाथी ने महिला को अपनी सूंड में पकड़ा और पटक कर मार डाला. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. महिला को बचाने पहुंचे उसके पति रंजन टोपनो और 10 वर्षीय बेटा भी हाथी के हमले की चपेट में आ गए. दोनों को गंभीर चोटें आईं. परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे.
घायलों को चाईबासा किया गया रेफर
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल पिता-पुत्र को पहले चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. हाथी के हमले के दौरान आसपास के खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. ग्रामीणों ने बताया कि हाथी गांव के पास काफी देर तक घूमता रहा. जिससे लोग घरों में दुबके रहे.
वन विभाग ने जारी की सतर्कता चेतावनी
घटना को लेकर ग्रामीणों द्वारा वन विभाग और पुलिस प्रशासन को अवगत कराया गया. सूचना मिलते ही वन क्षेत्र पदाधिकारी रामजी राम ने बताया कि हाथी को जंगल की ओर भगाने के लिए वनरक्षियों की टीम तैनात की गई है. वहीं उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की और हाथी को दूर रखने के लिए पटाखे भी वितरित किए गए हैं.
चार दिनों में हाथी के हमले से पांच मौतें
गौरतलब है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले चार दिनों के भीतर जंगली हाथियों के हमलों से अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है. जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इससे पहले टोंटो, मुफस्सिल और गोईलकेरा थाना क्षेत्रों में भी हाथी के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है. लगातार हो रहे हाथियों के हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है. स्थानीय लोग वन विभाग से हाथियों के स्थायी समाधान, निगरानी व्यवस्था और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं.
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