फरीदाबाद के धौज PHC के बाहर महिला की डिलीवरी, मेन गेट पर लगा था ताला, डॉक्टर-कर्मचारी भी थे नदारद
हरियाणा के फरीदाबाद में धौज PHC के बाहर महिला की डिलीवरी हुई है जिसके बाद स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाले उठे हैं.

Published : September 1, 2026 at 9:07 PM IST
|Updated : September 1, 2026 at 9:15 PM IST
फरीदाबाद : धौज गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. रविवार तड़के प्रसव पीड़ा होने पर बाली कस्बे की रहने वाली नूरजहां खान को उसके परिजन धौज PHC लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में प्रवेश करने वाले मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था. मौके पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद नहीं था. इसी दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसकी डिलीवरी स्वास्थ्य केंद्र के गेट के बाहर ही हो गई. परिजनों ने घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया है.
कोई कर्मचारी तक नहीं मिला : नूरजहां खान के पति मोहसिन खान ने बताया कि रविवार सुबह करीब 3:30 बजे उनकी पत्नी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई. इसके बाद वे परिजनों के साथ उन्हें लेकर नजदीकी धौज PHC सेंटर पहुंचे. स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद उन्होंने बिल्डिंग के अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन मुख्य गेट पर ताला लगा मिला. उन्होंने आसपास डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को तलाश किया, लेकिन वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला.
महिला की हो गई डिलीवरी : मोहसिन के अनुसार, काफी देर तक मदद नहीं मिलने के कारण उनकी पत्नी की प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती गई. आखिरकार स्वास्थ्य केंद्र के गेट के बाहर ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया. परिजनों का कहना है कि इस दौरान उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि डिलीवरी होने के बाद भी करीब आधे घंटे तक कोई स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा.
चपरासी को बुलाया गया : इसके बाद किसी तरह एक चपरासी को बुलाया गया और उसके माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र का गेट खुलवाया गया. जच्चा और बच्चे को अंदर वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया गया. मोहसिन का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद भी करीब एक घंटे तक नर्सिंग स्टाफ वहां नहीं पहुंचा. बाद में नर्सिंग स्टाफ के पहुंचने पर जच्चा और बच्चे की जांच और देखभाल शुरू की गई.

मामले में जांच की मांग : मोहसिन खान ने कहा कि यदि महिला को समय पर स्वास्थ्य केंद्र के अंदर इलाज मिल जाता तो डिलीवरी बाहर कराने की नौबत नहीं आती. उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान थोड़ी भी अधिक देरी होने पर जच्चा या बच्चे की जान को खतरा हो सकता था. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की.
कारण बताओ नोटिस जारी : हालांकि बाद में डॉक्टरों को मामले की जानकारी मिलने के बाद जच्चा और बच्चे का उपचार किया गया. स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई और उपचार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया. फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं. मामला सामने आने के बाद फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने धौज PHC के ASMO को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

लापरवाही का जिम्मेदार कौन ? : नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा गया है कि आखिर स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य गेट बंद क्यों था, उस समय डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौके पर क्यों मौजूद नहीं थे और महिला को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर डिलीवरी कराने की स्थिति क्यों बनी. स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद ही ये स्पष्ट होगा कि इस मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.
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