संजीवनी एंबुलेंस में हुई डिलिवरी, मेडिकल स्टाफ ने बचाई जच्चा बच्चा की जान
दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ गांव में संजीवनी एंबुलेंस परिवार के लिए खुशियां लेकर आई.यदि वक्त पर एंबुलेंस नहीं आती तो अनहोनी हो सकती थी.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 3, 2026 at 6:51 PM IST
दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा जिले में स्वास्थ्य विभाग की संजीवनी 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर संकट की घड़ी में जीवनदायिनी साबित हुई. समय पर मिली सहायता, त्वरित निर्णय और कर्मचारियों की सूझबूझ से एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव एंबुलेंस में ही कराया गया. इस सफल प्रयास से मां और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बच गई. घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जिले के दूरस्थ इलाकों में संजीवनी की क्या अहमियत है.
कहां की है घटना ?
कारली गांव निवासी चंपा नेताम को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन कर मदद मांगी. सूचना मिलते ही ईएमटी रविन्द्र और पायलट सुनील पाटीदार बिना समय गंवाए एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचे और गर्भवती महिला को अस्पताल के लिए रवाना किया.रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा काफी तेज हो गई.स्थिति ऐसी बन गई कि अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाना संभव नहीं था.
मेडिकल स्टाफ ने दिखाई सूझबूझ
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में ईएमटी रविन्द्र ने अपने अनुभव, प्रशिक्षण और सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल प्रसव कराने का निर्णय लिया. पायलट सुनील पाटीदार ने भी पूरी सतर्कता और सहयोग के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित वातावरण में प्रसव कराया जा सका.
सुरक्षित प्रसव के बाद दी मेडिकल सहायता
कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया. प्रसव के तुरंत बाद 108 एंबुलेंस की टीम ने मां और नवजात को प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक देखभाल प्रदान की.इसके बाद दोनों को सुरक्षित रूप से कारली उप-स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी विस्तृत जांच की.शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव ने बताया कि 108 एंबुलेंस के स्वास्थ्य कर्मियों ने जिस तत्परता और समझदारी से कार्य किया, उसी का परिणाम है कि प्रसव सुरक्षित तरीके से संपन्न हुआ.
यदि थोड़ी भी देर होती तो मां और बच्चे दोनों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था. फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा उन्हें बेहतर चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है- डॉ ध्रुव, शिशु रोग विशेषज्ञ
परिजनों ने मेडिकल स्टाफ को कहा धन्यवाद
इस घटना के बाद चंपा नेताम के परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा के ईएमटी रविन्द्र और पायलट सुनील पाटीदार का आभार व्यक्त किया.परिवार का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती और कर्मचारियों ने हिम्मत के साथ सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो सकता.आज उनके घर में नवजात की किलकारी गूंज रही है, जिसका पूरा श्रेय 108 एंबुलेंस की टीम को जाता है.
दूरस्थ इलाकों में भी पहुंच रही मेडिकल हेल्प
दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल जिले में स्वास्थ्य विभाग लगातार 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास कर रहा है. यही वजह है कि किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीण बिना देर किए 108 या 102 पर संपर्क कर रहे हैं और समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त कर रहे हैं. यह घटना न केवल 108 एंबुलेंस सेवा की प्रभावशीलता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और सेवा भावना के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे है.
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