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6 साल पुराने नशीले इंजेक्शन तस्करी मामले में महिला दोषी करार, 10 साल की सजा और एक लाख का जुर्माना

उधम सिंह नगर के विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) की अदालत ने नशीले इंजेक्शनों की तस्करी गिरफ्तार महिला माना दोषी, कारावास और जुर्माने की सुनाई सजा

District and Sessions Court Udham Singh Nagar
उधम सिंह नगर का जिला एवं सत्र न्यायालय (फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 30, 2026 at 10:40 PM IST

3 Min Read
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रुद्रपुर: प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की तस्करी के 6 साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) की अदालत ने महिला आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है. जुर्माना अदा न करने पर 3 महीने का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा.

साल 2020 में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की तस्करी के मामले में गिरफ्तार की गई महिला को 6 साल बाद अदालत ने दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है. विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) दीपाली शर्मा की अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी महिला को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है. अदालत ने ये भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करती है, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा.

क्या था मामला? अभियोजन के मुताबिक, फरवरी 2020 में रंपुरा चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खेड़ा क्षेत्र स्थित चांद मस्जिद के पास एक महिला प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शनों की बिक्री कर रही है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल एक टीम का गठन किया, जिसमें महिला कांस्टेबल को भी शामिल किया गया. पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की. इस दौरान पुलिस को देखकर संदिग्ध महिला भागने का प्रयास करने लगी, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया.

District and Sessions Court Udham Singh Nagar
जिला एवं सत्र न्यायालय उधम सिंह नगर (फोटो- ETV Bharat)

पूछताछ में उसने अपनी पहचान रुद्रपुर निवासी एक महिला के रूप में बताई. नियमानुसार महिला की तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद हुए. पुलिस ने महिला के पास से ब्यूप्रेनॉर्फिन के 108 इंजेक्शन, डायजापाम के 108 इंजेक्शन और एविल की 115 शीशियां बरामद कीं. इतनी बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन मिलने के बाद पुलिस ने सभी दवाओं को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया.

जांच पूरी होने के बाद विवेचक ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया. इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) की अदालत में लगातार चलती रही. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बरामदगी, जांच प्रक्रिया और अन्य तथ्यों से जुड़े गवाहों को अदालत में पेश किया. अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण करने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध करने में सफल रहा.

6 साल बाद मिली सजा: करीब छह साल तक चले विचारण के बाद विशेष न्यायाधीश दीपाली शर्मा ने आरोपी महिला को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कारावास और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई. न्यायालय के इस फैसले को नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.

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