काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहयोग से अब बाल सुधार गृह के बच्चों का भविष्य संवरेगा
प्रशासन के साथ साइन हुआ इंपॉर्टेंट एमओयू, समझौते के तहत बच्चों को मिलेगें ये लाभ.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 31, 2026 at 12:31 PM IST
वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और उत्तर प्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल संरक्षण केन्द्र, रामनगर, में रह रहे बच्चों के विकास के लिए एक एमओयू साइन किया है. इसका मकसद बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कला, खेल और जीवन कौशल में मदद देना है.
शुक्रवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की उपस्थिति में विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह और महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, की ओर से ज़िलाधिकारी, वाराणसी, श्री सतेन्द्र कुमार, आईएएस, ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.
इस समझौते के तहत बच्चों को मिलेगें ये लाभ:
- बीएचयू बच्चों को पढ़ाई, स्वास्थ्य और जीवन कौशल में सहयोग करेगा.
- बीएचयू के छात्रों को प्रायोगिक शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध के अवसर मिलेंगे.
- बच्चों के व्यक्तित्व, नेतृत्व और रोजगार कौशल को बढ़ावा मिलेगा.
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह पहल बच्चों को नई दिशा और आत्मविश्वास देगी। ज़िलाधिकारी सतेन्द्र कुमार ने बताया कि ऐसे बच्चे जो कठिन परिस्थितियों से गुजरे हैं, उन्हें खास ध्यान देने की जरूरत है।
इस सहयोग से बच्चों के शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य और पोषण, डिजिटल शिक्षा, करियर मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में भी मदद मिलेगी. साथ ही, बीएचयू के छात्रों को भी व्यावहारिक अनुभव मिलेगा.
एमओयू के तहत दोनों संस्थान गणित, विज्ञान और कंप्यूटर शिक्षा, प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन, इंटर्नशिप अवसरों के सृजन, और अनुसंधान परियोजनाओं के साथ साथ, शैक्षणिक गतिविधियों, व्यवसायिक और डिजिटल शिक्षा, कौशल-नेतृत्व विकास तथा खेल-शारिरिक विकास आदि के क्षेत्रों में बीएचयू की विशेषज्ञता से बाल संरक्षण संस्थानों के बच्चों के विकास के नए मार्ग खुलेंगे, वहीं, बाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के साथ कार्य करने से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रयोगिक अनुभव, अनुसंधान आदि के अवसर प्राप्त होंगे.
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