करोड़ों के GST चोरी के आरोप में बेल के बावजूद चीनी महिला एलिस ली उर्फ ली तेंगली क्यों है जेल में, जानें कहानी
9.5 करोड़ का जीएसटी फ़्रॉड मामले में हाईकोर्ट से चीनी महिला को बेल मिलने के बाद जमानतदार ने मिलने से वो जेल में है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 10:42 AM IST
मेरठ: 6 महीने पहले GST चोरी के आरोप में चीनी महिला एलिस ली उर्फ ली तेंगली गिरफ्तार की गई थी. तब से वह चौधरी चरण सिंह जिला जेल में सलाखों के पीछे ही है. हाईकोर्ट से जमानत भी मंजूर हो गई, लेकिन उसके बावजूद जेल की चहारदीवारी से बाहर नहीं आ पा रही है. क्योंकि उसके लिए दो जमानती नहीं मिल पा रहे हैं.
नोएडा में अगस्त महीने में 9.5 करोड़ की GST चोरी का मामला पकड़ में आया था. इस मामले में चीनी महिला और कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया था. डिस्प्ले बनाने वाली कंपनी की आड़ में 5 साल से टैक्स की चोरी की जा रही थी. इसके आरोप में मेरठ जीएसटी कोर्ट में पेश किया गया था.

मेरठ जीएसटी कोर्ट में सुनवाई के बाद नोएडा में TV स्क्रीन बनाने की कंपनी की आड़ में हेरफेर करते हुए जीएसटी चोरी का आरोप सिद्ध हुआ था. तब चीनी महिला एलिस ली और कंपनी के डायरेक्टर विनय कुमार को जेल भेजने का आदेश कोर्ट ने दिया था.
एलिस ली कंपनी की हैंडलर थी, वहीं साथ में गिरफ्तार किया गया विनय कुमार कंपनी का डायरेक्टर था. बाकी डायरेक्टर चीन में हैं. ऐसा जीएसटी के कर अपवंचन अधिकारी (सीजीएसटी) सुधीर प्रकाश काला ने बताया था.

ये भी जानकारी तब दी गई थी, कि गिरफ्तार किये गए भारतीय नागरिक विनय और चीनी महिला एलिस ली बेहद ही शातिर हैं. अंडर इनवॉयसिंग कर सरकार के राजस्व की हानि करने के आरोप में पकड़ी गई चीनी महिला को बीते दिनों जमानत मिली, ये जमानत हाईकोर्ट से मिली, लेकिन दो जमानती खोजे नहीं मिल पा रहे.
इस बारे में चौधरी चरण सिंह जिला कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉक्टर वीरेश राज शर्मा ने बताया कि एलिस ली को 17 फरवरी को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, लेकिन बेल मिलने के बाद 12 दिन हो चुके, लेकिन एलिस ली को नहीं छोड़ा जा सकता. क्योंकि उसकी जमानत के लिए नियम के अनुसार दो लोगों की आवश्यकता है. अभी तक कोई भी जमानती सामने नहीं आया है. डॉक्टर वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जब तक जमानती नहीं मिलेंगे, तब तक एलिस को जेल में ही रहना होगा.
डॉक्टर वीरेश राज शर्मा ने बताया कि जेल में आने के बाद शुरुआत में एलिस ली किसी से बात नहीं करती थी. साथ ही उसे हिन्दी नहीं आती थी, ऐसे में वह क्योंकि चीनी भाषा बोलती थी, जिससे कम्युनिकेशन भी ठीक से नहीं कर पाती थी.
जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि 6 महीने से जेल में बंद एलिस से उसका पति हू ली बेटी के साथ मिलने आया करते हैं, एक दो बार कई अधिवक्ता भी उससे मिले हैं. अब जब तक दो जमानती नहीं मिल जाते, तब तक तो बेल मिलने के बाद भी उसे जेल में ही रहना होगा.
ये था फ्रॉड
उत्पाद की कीमत ज्यादा होती थी, जबकि उसकी इनवॉइस कम राशि की बनाई जा रही थी. जिससे जीएसटी भी कम भरना पड़ता था. हालांकि डिस्प्ले बनाने वाली ये कंपनी जिस फर्म या पार्टी से डील करते थे, उनसे पूरे पैसे वसूले जाते थे. वीडियो डिस्प्ले यूनिट बनाने और बिक्री करने में उस वक्त 28 फीसदी जीएसटी लगती थी. बेहद ही सुनियोजित तरीके से अपने उत्पाद पर सिर्फ 18 फीसदी जीएसटी ही चुकाई थी. इतना ही नहीं ग्राहक से किसी प्रोडक्ट के 50 हजार रुपये लिए और लेकिन जब जीएसटी चुकानी होती, तो वहां इनवॉयस पर सिर्फ 5 या 6 हजार रुपये ही दर्शा कर जीएसटी की चोरी की जा रही थी. नोएडा में डिस्प्ले बनाने वाली कंपनी की आड़ में बीते 5 साल से टैक्स की चोरी की जा रही थी, तमाम साक्ष्य के बाद कोर्ट ने दोनों को जेल भेजा था.
हवाला के माध्यम से टैक्स चोरी करके रकम चीन भेजी जाती थी. इस कंपनी के दो डायरेक्टर चाइना के हैं, जो कि 49 फीसदी के पार्टनर हैं. वहीं, भारत के रहने वाले जिस विनय कुमार गिरफ्तार किया गया था, वह 51 प्रतिशत का पार्टनर है.
काबिलेगौर है कि 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के जो भी इस तरह के अपराध होते हैं, उनमें जमानत का प्रावधान नहीं होता, जिस वजह से 27 अगस्त 2025 को कोर्ट में सुनवाई के बाद जेल भेज दिया था. चीनी महिला 2019 में भारत आई औऱ तभी से इस कंपनी में नौकरी कर रही थी. इतना ही नहीं इससे पहले भी ये चीनी महिला जेल जा चुकी है.
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