ब्रिटेन ने दिखाया 'नो एंट्री' का बोर्ड, डिप्टी सीएम मौर्य लौटे जर्मनी की ओर !
बर्लिन शहर में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का क्यो कर रहे दौरा, जानिए.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 27, 2026 at 9:40 AM IST
|Updated : February 27, 2026 at 11:43 AM IST
लखनऊ: जर्मनी में चल रही एआई इंपैक्ट समिट के बीच उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निवेश कूटनीति की नई कार्यशैली अपनाते हुए अपनी पूर्व निर्धारित यूनाइटेड किंगडम यात्रा स्थगित कर दी. समिट की व्यस्तताओं और वैश्विक प्रतिनिधियों से लगातार संवाद के कारण उन्होंने जर्मनी से ही यूके के निवेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वन-टू-वन बातचीत की. इस वर्चुअल संवाद में निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक सहमति जताई, जिसे प्रदेश के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है.
कहां अच्छी संभावनाएं दिखी: जर्मनी प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री को विशेष रूप से सर्विस सेक्टर में अच्छी संभावनाएं दिखीं. ड्रोन तकनीक, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और स्मार्ट सिटी जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में अग्रणी जर्मन कंपनियों के साथ उनकी विस्तृत बैठकें हुईं. कंपनियों ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े बाजार को निवेश के लिए अनुकूल बताया.
कहां अधिक रुचि मिली: हालांकि हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के साथ सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक रुचि देखने को मिली. आईटी सेवाएं, स्किल डेवलपमेंट, हेल्थकेयर सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट से जुड़ी कंपनियों ने प्रदेश के विशाल उपभोक्ता आधार और कौशल संसाधन को निवेश का मजबूत आधार माना. इसी कड़ी में यूके के निवेशकों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, सिंगल विंडो सिस्टम और त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी साझा की गई. बातचीत सकारात्मक रही और निवेश को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी.
इस बीच जर्मनी में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक के क्षेत्र में भी प्रगति हुई और करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश पर सहमति बनी, जिससे प्रदेश में उन्नत रेलवे तकनीक सहयोग को गति मिलने की उम्मीद है. उप मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण के साथ सेवा क्षेत्र को समान प्राथमिकता देते हुए उद्योगों के लिए पारदर्शी और उद्योग-मित्र वातावरण सुनिश्चित कर रहा है.उन्होंने कहा कि निवेशकों को भूमि आवंटन से लेकर संचालन तक हर स्तर पर प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
इन क्षेत्रों पर रहा फोकस
- मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा और फुटवियर
- सेमीकंडक्टर, रक्षा और आईटी/आईटीईएस
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)
- 660+ मेगावाट डेटा सेंटर क्षमता

