'हैलो SP! I AM जज कॉलिंग, ये काम करना है', फोन करने वाला क्यों पहुंचा जेल, जानिए पूरी कहानी
बस्ती पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, आरोपी से पूछताछ कर रही है पुलिस.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 3, 2026 at 8:45 AM IST
बस्ती: जिले की पुलिस ने एक नटवरलाल को पकड़ने में सफलता हासिल की है. खास बात है यह आरोपी सीधे एसपी को अपने बातों के भंवर में फंसाने जा रहा था. फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले इस शख्स के व्यवहार को लेकर जब एसपी को शक हुआ तो उन्होंने गुपचुप इसकी जांच कराई. इससे इस नटवरलाल की कलई खुल गई. आरोपी फर्जी जज बनकर एसपी से बात कर रहा था. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं.
फर्राटेदार अंग्रेजी का अभ्यास किया: पूछताछ ने आरोपी ने पुलिस को कई जानकारी दी. आरोपी की पहचान विनय कुमार चौधरी (32), निवासी रैपुरा जंगल, थाना कोतवाली के रूप में हुई है. विनय को पता था कि प्रशासनिक अधिकारी पद और प्रतिष्ठा के दबाव में जल्दी आते हैं. उसने अपनी आवाज में 'जज' जैसी गंभीरता लाने के लिए महीनों तक इंटरनेट से इंग्लिश स्पीकिंग क्लास ली. वह अधिकारियों से शुद्ध अंग्रेजी में बात करता था ताकि किसी को उसके फर्जीवाड़े पर संदेह न हो.
जस्टिस नाम से सिम सेव किया: आरोपी ने अपने मोबाइल में एक सिम को बाकायदा 'Justice' नाम से सेव कर रखा था. जब वह किसी अधिकारी को फोन करता, तो वह बेहद सलीके से और कानूनी शब्दावली का उपयोग करते हुए किसी मामले में दबाव बनाता था. पिछले कुछ समय से जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को इस तरह के संदिग्ध फोन आ रहे थे. मामला तब गंभीर हुआ जब उसने सीधे एसपी बस्ती को फोन कर दिया. सीओ सदर सतेंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि आरोपी की गतिविधियों पर शक होने के बाद सर्विलांस सेल और कोतवाली पुलिस को सक्रिय किया गया. 1 मई 2026 की रात करीब 10:25 बजे, पुलिस ने सटीक लोकेशन के आधार पर नेशनल हाईवे के पटेल चौक से विनय को दबोच लिया.
नेपाल कनेक्शन खंगाल रही पुलिस: तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से नकद 20,000 भारतीय रुपये और 250 नेपाली रुपये बरामद किए है. इसके अलावा दो सिम वाला एंड्रॉयड मोबाइल और ब्लूटूथ ईयरफोन, आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और 3 एटीएम कार्ड समेत एक कीमती कलाई घड़ी भी जब्त की गई है. वही नेपाली मुद्रा मिलने के बाद पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या उसके तार सीमा पार के किसी गिरोह से जुड़े हैं या वह वहां भी किसी ठगी की फिराक में था.
डीएसपी क्या बोले: डीएसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि विनय ने अब तक कितने अधिकारियों से अनुचित लाभ लिया है. किन-किन लोगों से काम कराने के नाम पर धन उगाही की है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की सुसंगत धाराओं और धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे डिजिटल तकनीक और भाषा का दुरुपयोग कर अपराधी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं. अधिकारियों को सलाह दी गई है कि किसी भी आधिकारिक निर्देश की पुष्टि प्रोटोकॉल के अनुसार ही करें.
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