सैंज में स्क्रब टायफस के तीन मामले आए सामने, अस्पताल में मरीजों का चल रहा इलाज
सैंज अस्पताल में चल रहा स्क्रब टायफस मरीजों का इलाज. लक्षण दिखने पर न करें नजरअंदाज.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 3:11 PM IST
कुल्लू: जिला कुल्लू के उपमंडल बंजार के सैंज क्षेत्र में स्क्रब टायफस के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंज में स्क्रब टायफस के लक्षणों वाले मरीज जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं. वही, बीते दिन भी तीन लोग स्क्रब टायफस से पीड़ित पाए गए.
सीएचसी सैंज में तैनात डॉ. वरुण ने बताया, "बरसात के मौसम में खेतों, घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. संक्रमित चिगर नामक कीड़े के काटने से स्क्रब टायफस फैलता है. इस फैलने वाली बीमारी को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले और खेतीबाड़ी, घास काटने और जंगलों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है".

क्या है स्क्रब टायफस?
स्क्रब टायफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया (Orientia Tsutsugamushi Bacteria) से होने वाला संक्रमण है. यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती. इसका संक्रमण झाड़ियों, घास और खेतों में पाए जाने वाले बेहद छोटे चिगर माइट (लार्वा माइट) के काटने से होता है. ये परजीवी सामान्य रूप से चूहों और अन्य छोटे जीवों पर रहते हैं. मानसून के दौरान नमी और घनी वनस्पति बढ़ने से इनकी संख्या तेजी से बढ़ जाती है. यही कारण है कि खेतों, बागों, जंगलों और झाड़ियों में काम करने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक रहता है.

स्क्रब टायफस के लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी, ठंड लगना और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर जांच और उपचार न मिलने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है.

लक्षण दिखने पर न करें नजरअंदाज
वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लक्षण सामने आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने की अपील की है. स्वास्थ्य विभाग ने घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाते समय पूरी बाजू के कपड़े पहनने, आसपास साफ-सफाई रखने और झाड़ियों की नियमित कटाई करने की सलाह दी है. साथ ही लोगों से स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकों की सलाह लेने का आग्रह किया गया है.

समय पर जांच और उपचार जरूरी
सीएमओ कुल्लू ने डॉ. रंजीत ठाकुर ने कहा, "कम से कम पांच मिनट तक अच्छी तरह उबालकर और ठंडा करके पीने की सलाह दी है. तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी, ठंड लगना और त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण होने पर तुरंत जांच करवाएं. समय पर पहचान और उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है".

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