Monsoon Alert : 1500 किमी लंबी ट्रफ लाइन सक्रिय, राजस्थान में अगले 24 से 48 घंटों में मानसून का प्रवेश
मौसम विभाग ने गुरुवार को राजस्थान के 25 से ज्यादा जिलों में अलर्ट जारी किया है.

Published : July 2, 2026 at 9:31 AM IST
|Updated : July 2, 2026 at 9:53 AM IST
जयपुर : राजस्थान में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री सामान्य से 3-4 दिन की देरी से होने जा रही है. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से मानसून को गति मिल गई है और अगले 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में इसके प्रवेश की संभावना है. राहत की बात यह है कि मानसून की दस्तक के साथ ही अच्छी बारिश का दौर शुरू होगा और लगातार करीब दो सप्ताह तक प्रदेश में व्यापक वर्षा होने के आसार हैं. इससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस लोगों को परेशान कर सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में करीब 1500 किलोमीटर लंबी मानसून ट्रफ सक्रिय बनी हुई है. इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी की ओर से आने वाली मानसूनी शाखा मजबूत हुई है. यही वजह है कि राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों के दौरान मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन गई हैं. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार मानसून की शुरुआत अच्छी रहेगी और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में औसत से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है.
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कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज बारिश और आंधी की चेतावनी : मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भीलवाड़ा, कोटा, टोंक, बूंदी, जयपुर, अजमेर, दौसा और सवाई माधोपुर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, धूलभरी आंधी तथा हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. चित्तौड़गढ़ जिले के लिए भी इसी तरह का अलर्ट जारी किया गया है.
— मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) July 2, 2026
इसके अलावा अलवर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, बारां, झालावाड़, प्रतापगढ़, उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, पाली, ब्यावर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सीकर, झुंझुनू, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की संभावना व्यक्त की गई है.
— मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर (@IMDJaipur) July 1, 2026
जुलाई के पहले दो सप्ताह रहेंगे बारिश वाले : मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी जयपुर में सामान्य तौर पर जुलाई की शुरुआत में मानसून पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री दो से तीन दिन की देरी से होने की संभावना है. अनुमान है कि 4 या 5 जुलाई तक मानसून राजधानी में पहुंच जाएगा. मानसून आने से पहले भी अच्छी बारिश के संकेत हैं, जबकि दस्तक के बाद जुलाई के पहले सप्ताह में औसत से अधिक बारिश होने का अनुमान है. जुलाई के दूसरे सप्ताह, यानी 8 से 14 जुलाई के बीच भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होगी और दो से तीन दिन भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है. लगातार बारिश के कारण तापमान सामान्य से नीचे रहेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
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तीसरे और चौथे हफ्ते में कमजोर पड़ेगा बारिश का दौर : मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के तीसरे सप्ताह में पूर्वी हवाओं का प्रभाव कमजोर पड़ने लगेगा, जिससे बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है. इस दौरान वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण उमस बढ़ेगी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वहीं जुलाई के चौथे सप्ताह, यानी 25 से 31 जुलाई के बीच बारिश का दौर और कमजोर रहने की संभावना है. विभाग का अनुमान है कि इस अवधि में सामान्य से करीब 50 प्रतिशत तक कम बारिश हो सकती है. बारिश कम होने के कारण तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
जून में औसत से ज्यादा बारिश, लेकिन पिछले साल से काफी कम : इस वर्ष जून महीने में राजस्थान में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. जून की सामान्य औसत वर्षा 62.92 मिलीमीटर के मुकाबले इस बार 72.30 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 8.56 प्रतिशत अधिक है. हालांकि यदि पिछले साल की तुलना करें तो इस बार जून में बारिश काफी कम रही. वर्ष 2025 में जून के दौरान 171.57 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 172.65 प्रतिशत अधिक थी. वहीं जुलाई 2025 में औसत 204.54 मिलीमीटर के मुकाबले 340.35 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी, यानी सामान्य से 66.40 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी. ऐसे में इस बार जुलाई के प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
जयपुर में बदला मौसम, बारिश से मिली राहत : राजधानी जयपुर में गुरुवार सुबह हल्की बूंदाबांदी के साथ अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहे और सुबह 9 बजे तक धूप नहीं निकली. मौसम विभाग ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. बुधवार दोपहर बाद भी जयपुर में मौसम ने अचानक करवट ली थी. तेज बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली. हालांकि जगतपुरा सहित कई कॉलोनियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी बन गई. बारिश के कारण शहर के अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई.
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जैसलमेर में मानसून का इंतजार, किसानों की बढ़ी चिंता : प्रदेश के पश्चिमी जिले जैसलमेर में अब भी किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों ने जिले की चिंता बढ़ा दी है. जनवरी से जून 2026 तक जिले में केवल 35.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले एक दशक में इस अवधि की सबसे कम वर्षा है.
जून महीने में भी केवल 19.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जिससे यह पिछले पांच वर्षों का सबसे सूखा जून साबित हुआ. बारिश नहीं होने के कारण खेत खाली पड़े हैं और खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित होने लगी है. किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर रहीं और शुष्क हवाओं के कारण मानसूनी हवाओं को अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिल सकीं. अब पूरे जिले की उम्मीद मुख्य मानसून पर टिकी है. यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों के साथ-साथ आमजन के लिए भी जल संकट और कृषि संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
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