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सीमांचल के इलाकों में वज्रपात से होने वाली मौत में आएगी कमी, पूर्णिया में लगा रहा DWR रडार

पूर्णिया में अब 100 किमी क्षेत्र में 2-3 घंटे पहले मौसम चेतावनी मिलेगी. इससे वज्रपात से मौतें कम होंगी और किसानों की फसलें बचेंगी. पढ़ें-

DWR Radar in Purnea
पूर्णिया में DWR रडार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 2, 2026 at 8:22 AM IST

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पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया के मौसम विभाग में डोप्लर वेदर रडार (DWR) लगाने का काम तेजी से चल रहा है. इस रडार की मदद से पूर्णिया, सीमांचल के साथ-साथ 100 किलोमीटर तक के क्षेत्र में दो से तीन घंटे पहले मौसम का पूर्वानुमान मिल सकेगा. इससे वज्रपात से होने वाली मौतों और किसानों की फसलों के नुकसान को रोका जा सकेगा.

2-3 घंटे पहले मिलेगी चेतावनी: मौसम विभाग के स्टेशन इंचार्ज बीरेंद्र कुमार ने बताया कि नया रडार पूर्णिया एवं आसपास के क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश की जानकारी ब्लॉक और पंचायत स्तर तक देगा. लोग समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकेंगे. खेत में कटी हुई फसलों को भी अचानक बारिश से बचाया जा सकेगा.

पूर्णिया में DWR रडार (ETV Bharat)

वज्रपात और फसल क्षति पर अंकुश: स्टेशन इंचार्ज ने बताया कि क्षेत्र में अक्सर वज्रपात की घटनाएं देखी जाती हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली जाती है. साथ ही कटे अनाज को खेत में रखने के बाद अचानक हुई बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. नए रडार से इन समस्याओं में काफी कमी आने की उम्मीद है.

"पूर्णिया में DWR रडार लगाया जा रहा है, जो दो से तीन घंटा पूर्व यह पता लगा सकता है कि मौसम कैसा रहेगा. पूर्णिया और सीमांचल के क्षेत्र में 100 किलोमीटर रेंज तक मौसम कैसा रहेगा इसकी जानकारी ये देगा."- बीरेंद्र कुमार, स्टेशन इंचार्ज, मौसम विभाग

DWR Radar in Purnea
पूर्णिया के मौसम विभाग की पहल (ETV Bharat)

बंगाल और झारखंड के हिस्सों को भी फायदा: यह रडार न सिर्फ बिहार के सीमांचल बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ हिस्सों तक 100 किलोमीटर की रेंज में मौसम की निगरानी करेगा. इससे सीमा क्षेत्र के लोगों को भी मौसम की सटीक जानकारी समय पर मिल सकेगी.

क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक: सहायक वैज्ञानिक राकेश कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में वज्रपात से होने वाली मौतें कम होंगी और किसानों की फसलें भी सुरक्षित रहेंगी. रडार से प्राप्त डेटा के आधार पर सटीक फोरकास्ट जारी किया जाएगा, जिससे आम जनजीवन और कृषि कार्यों में सुधार होगा.

"अब पूर्णिया के सीमांचल के साथ-साथ 100 किलोमीटर की दूरी तक के लोगों को राहत मिलेगी. आने वाले दिनों में वज्रपात से होने वाली मौत कम होगी साथ ही फसल भी बचेगी."-राकेश कुमार, सहायक वैज्ञानिक

DWR Radar in Purnea
पूर्णिया में DWR रडार (ETV Bharat)

जल्द शुरू होगा रडार का संचालन: मौसम विभाग में रडार लगाने का काम तेज गति से चल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही यह पूरी तरह से कार्यान्वित हो जाएगा और क्षेत्रवासियों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.

DWR Radar in Purnea
2-3 घंटे पहले मौसम चेतावनी मिलेगी (ETV Bharat)

जन सुरक्षा और कृषि संरक्षण में नया अध्याय: यह आधुनिक रडार पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. समय पर चेतावनी से न सिर्फ मानवीय क्षति रोकी जा सकेगी बल्कि किसानों की मेहनत भी बच सकेगी.

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