खतरे के मुहाने पर हर्षिल! धराली आपदा के समय भागीरथी पर बनी झील अब भी मुसीबत
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर आरोप लगाया कि उन्होंने झील खत्म करने के बजाय सिर्फ खानापूर्ति की, मॉनसून में हर्षिल को खतरा हो सकता है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 15, 2026 at 12:21 PM IST
उत्तरकाशी: बीते साल अगस्त माह में धराली और हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा ने बड़ी तबाही मचा दी थी. इसी आपदा के दौरान हर्षिल के समीप भागीरथी नदी में एक झील बन गई थी, जिसका जलस्तर नौ माह बाद भी कम नहीं हुआ है. स्थानीय लोग इसे आने वाले मॉनसून सीजन में बड़ा खतरा मान रहे हैं.
धराली आपदा के समय बनी झील अब भी मुसीबत: हालांकि, उस दौरान सिंचाई विभाग की ओर से नदी को चैनलाइज करने का कार्य किया गया था. लेकिन वहां पर योजनागत कार्य न होने के कारण मुहाने से नदी का पानी वापस झील में जा रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगया कि हर्षिल में सुरक्षात्मक कार्य न होने के कारण आगामी बरसात में यह बड़ी आपदा का कारण बन सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द ही हर्षिल क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग की है, ताकि समय रहते हर्षिल क्षेत्र को बचाया जा सके.

एक किलोमीटर तक फैली है झील: स्थानीय निवासी पूर्व प्रधान बसंती नेगी, शीशपाल सिंह, गोविंद और सचिन राणा का कहना है कि आपदा को नौ माह का समय बीत गया है, लेकिन हर्षिल में भागीरथी नदी में बनी झील का जलस्तर कम नहीं हुआ है. आजकल नदी में पानी की मात्रा कम है. अभी भी करीब एक किमी में झील फैली हुई है.

झील से पानी की निकासी नहीं हो पाई: इन लोगों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की ओर से वहां पर योजनागत रूप से कार्य नहीं किया गया. विभाग की मशीनरी ने मात्र नदी को चैनालाइज कर दोनों ओर मलबे के बड़े ढेर लगा दिए हैं. झील से निकलने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई. इस कारण वहां से निकलने वाला पानी मलबे से टकराकर पीछे झील की ओर से ही जा रहा है.

बरसात में आपदा का कारण बन सकती है भागीरथी की झील: स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात में तेलगाड़ नदी के ऊफान पर आने के कारण यह नदी किनारे एकत्रित मलबे और नदी के बहाव को धक्का मारेगा. इससे पूरे हर्षिल कस्बे को बरसात में खतरा बना हुआ है. वहां पर कस्बे की सुरक्षा के लिए कुछ वायरक्रेट लगाकर इतिश्री कर दी गई. लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते जल्द ही सुरक्षात्मक कार्य नहीं करता है तो आने वाले बरसात में यहां बड़ा खतरा पैदा हो सकता है. उन्होंने जिला प्रशासन से जल्द ही समय पर सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने की मांग की.

सिंचाई विभाग का क्या कहना है: सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल का कहना है कि-
झील को खोलने के लिए नदी को चैनलाइज किया गया है. अन्य सुरक्षात्मक कार्य भी किए जा रहे हैं.
-सचिन सिंघल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग-
भागीरथी पर बनी झील पर वो अपनी नजरें बनाए हुए हैं और उस पर उनका अध्ययन जारी है. लिहाजा, रिपोर्ट आने के बाद ही वो इस पूरे मामले पर बेहतर जानकारी साझा कर पाएंगे.
-मनीष मेहता, वैज्ञानिक, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी-
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