'नल जल योजना' के बाद भी गंदा पानी पीने को मजबूर, 'Yellow Water' से कब मिलेगा छुटकारा?
कैमूर के गुदरी गांव में गर्मी से पहले ही पानी की समस्या शुरू हो गई है. ग्रामीणों ने डीएम से गुहार लगाई है. पढ़ें..

Published : February 10, 2026 at 6:59 AM IST
कैमूर (भभुआ): बिहार के कैमूर में जलसंकट ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है. जिले के अधौरा पहाड़ी पर गर्मी आने से पहले ही संकट बढ़ने लगा है. हालत ये है कि लोग गंदे पानी पीने को मजबूर है. जिस वजह से बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं. इसको लेकर गुदड़ी गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है.
शुद्ध पेयजल के लिए जद्दोजहद: पिछले दिनों अपनी समस्या को लेकर गांव के लोग डीएम के पास पहुंचे थे और शुद्ध पेयजल के लिए गुहाई लगाई थी. ग्रामीणों ने कैमूर डीएम नितिन कुमार सिंह को आवेदन देकर गांव में टैंकर से साफ पानी भेजने की मांग की. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में पानी का घनघोर संकट आ गया है, इसलिए हम लोग डीएम साहब से गुहार लगाने आए हैं.
महिलाओं ने डीएम से लगाई गुहार: समाहरणालय पहुंची ग्रामीण सीता मुनि देवी ने बताया कि वे लोग आदिवासी (जनजाति) समुदाय से आते हैं. महिला-पुरुष, बच्चे और पशु पक्षी को नदी-नाले का गंदा पानी पीना पड़ रहा है. उस पानी को पीने से लोग बीमार भी पड़ते हैं. अगर यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं, जब हम लोग किसी गंभीर बीमारी का शिकार हो जाएंगे. इसलिए हम लोग जिलाधिकारी से मांग करते हैं कि हमलोगों के जीवन यापन के लिए टैंकर से पानी हमारे गुदरी गांव में भेजवाया जाए.
'नल जल से पानी मिलना बंद': हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नल जल योजना के तहत बिछा हुआ है. उससे पानी भी आता था लेकिन पिछले कुछ दिनों से पानी नहीं आ रहा है. जिस वजह से ग्रामीणों को गांव से दो किलोमीटर दूर जाकर नदी का पानी लेकर पीना पड़ता है.

पीला रंग का है गंदा पानी: ये लोग अपने साथ बोतल में भरकर गंदा पानी भी लाए. पानी को देखकर ही लगता है कि यह पीने लायक नहीं है. इसका रंग पीला है. लोग बताते हैं कि वे लोग इसी गंदे पानी पीने को कुछ समय से मजबूर है. अगर इसी तरह गंदा पानी पीते रहे तो पूरा गांव गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाएंगे.
पहाड़ी पर है 108 गांव: अधौरा पहाड़ी पर 108 से भी ज्यादा गांव है. ज्यादातर गांव में पानी की समस्या बनी रहती है. खासकर भीषण गर्मी के दिनों में लोग चुआ का पानी पीते हैं लेकिन इस बार अभी गर्मी आने से पहले ही पहाड़ी पर जल संकट मंडराने लगा है. अभी तो गर्मी की शुरुआत होने वाली है लेकिन समस्या विकराल रूप लेती जा रही है.

"हर साल यही समस्या रहती है. गर्मी आते ही पानी का संकट होने लगता है. हमलोग अभी डीएम साहब के पास आए हैं. टैंकर से साफ पानी भेजवाने की गुहार लगाई है. हमलोग चाहते हैं कि साफ पानी मिले, क्योंकि गंदा पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं."- सीता मुनि देवी, ग्रामीण, गुदड़ी गांव
दूर से भरकर लाते हैं पानी: अधौरा प्रखंड के गुदड़ी गांव में शुद्ध पेयजल सबसे बड़ी समस्या है. जिस वजह से ग्रामीणों खासकर महिलाओं को दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है. जलसंकट के कारण लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है. यहां रहने वाले ज्यादातर लोग जनजातीय समुदाय से आते हैं.

पानी पीले रंग का क्यों?: असल में पानी का रंग पीला तब होता है, जब उसमें लोहा (आयरन), मैंगनीज या टैनिन जैसे खनिजों की उपस्थिति हो. पुराने पाइप में जंग लगने या भूजल में प्राकृतिक रूप से भी इसकी मात्रा अधिक पाई जाती है. ऐसे पानी पीने से पाचन संबंधी समस्या, पेट दर्द और त्वचा की समस्या होती है. पीलिया जैसी बीमारी भी हो सकती है.
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