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नदी को पुनर्जीवित करने जन आंदोलन, कलेक्टर SP सहित नेता नदी में उतरे, बदली तांदुला की तस्वीर

बालोद में नीर चेतना अभियान की शुरुआत हुई है. इसे जन आंदोलन का रूप देने के लिए कलेक्टर और SP ने भी सफाई अभियान चलाया.

Balod Neer Chetna Abhiyan
बालोद में नीर चेतना अभियान की शुरुआत हुई है (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : December 31, 2025 at 8:57 PM IST

3 Min Read
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बालोद: जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी, जिस पर बालोद के साथ-साथ दुर्ग, भिलाई और बेमेतरा जैसे जिले निर्भर हैं, समय के साथ प्रदूषण और अव्यवस्था का शिकार हो गई थी. नदी में जगह-जगह गंदगी, प्लास्टिक कचरा और जलकुंभी फैल गई थी. अब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम जनता के सहयोग से “नीर चेतना अभियान” की शुरुआत की गई है. पहले चरण में प्रशासन ने युद्ध स्तर पर नदी की सफाई करवाई और अब इसे जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है. महज कुछ ही दिनों में नदी की तस्वीर बदलती हुई नजर आई है. अभियान के तहत लोगों ने रोजाना थोड़ा-थोड़ा श्रमदान करने का संकल्प भी लिया है.

नदी को पुनर्जीवित करने जन आंदोलन, कलेक्टर SP सहित नेता नदी में उतरे (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

फैली हुई थी जलकुंभी: कभी शान से कल-कल बहने वाली तांदुला नदी शहर के बढ़ते दबाव और प्रदूषण के कारण अपना अस्तित्व खोती नजर आ रही थी. नदी के किनारे और भीतर प्लास्टिक कचरा, शराब की बोतलें और जलकुंभी फैली हुई थी. छिटपुट सफाई से कोई खास बदलाव नहीं हो पा रहा था, लेकिन इस बार बड़े स्तर पर चलाए गए अभियान से नदी की सूरत पूरी तरह बदल गई. तांदुला नदी का धार्मिक और सामाजिक महत्व भी है, और इसे साफ व जीवित रखना जिले की उन्नति का प्रतीक माना जाता है. सफाई के दौरान भारी मात्रा में कचरा बाहर निकाला गया.

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प्रशासन ने युद्ध स्तर पर नदी की सफाई करवाई (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जनप्रतिनिधि भी आए आगे: छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने कहा कि नदियों को बचाने के लिए यह एक बहुत ही सकारात्मक और जरूरी प्रयास है. उन्होंने इसे जन आंदोलन बताते हुए कहा कि समय-समय पर सभी को इसमें भाग लेना चाहिए. नदियों का धार्मिक महत्व है और हम इन्हें पूजते हैं.

बीजेपी जिलाध्यक्ष ने बताया भविष्य के लिए जरूरी: भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि प्रशासन को जनता का अच्छा सहयोग मिल रहा है. तांदुला नदी जिले की लाइफलाइन है और अन्य जिले भी इसी पर निर्भर हैं. नदी की सफाई से भविष्य में जलस्तर सुधारने में मदद मिलेगी.

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नदी में जगह-जगह गंदगी, प्लास्टिक कचरा और जलकुंभी फैल गई थी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जल संरक्षण में नदियों की अहम भूमिका: जनपद क्षेत्र के उपाध्यक्ष दुर्गानंद साहू ने कहा कि नदियां जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. यह सौभाग्य की बात है कि वे इस जन आंदोलन का हिस्सा हैं. आने वाले दशकों तक इस अभियान का सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा.

कलेक्टर और एसपी भी उतरे नदी में: नीर चेतना अभियान के तहत बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल स्वयं नदी में उतरकर सफाई करते नजर आए. प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस जवानों ने भी श्रमदान किया.

बालोद में गिरता जलस्तर चिंता का विषय है. तांदुला नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से पहले जलकुंभी हटाई गई और अब जन आंदोलन के रूप में अभियान चलाया जा रहा है.- दिव्या मिश्रा, कलेक्टर

सफाई के बाद नदी में स्पष्ट बदलाव दिख रहा है. यह सोच में बदलाव की शुरुआत है और निरंतर प्रयास से स्वच्छ जल और सुंदर नदी तट देखने को मिलेगा.- योगेश पटेल, एसपी

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नदी को पुनर्जीवित करने जन आंदोलन, कलेक्टर SP सहित नेता नदी में उतरे (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

SP के साथ पुलिस के जवान भी लोगों के साथ मदद करते और साफ सफाई करते नजर आए. वहीं कलेक्टर के साथ उनके सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी आंदोलन का हिस्सा बने.

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