प्रमुख सचिव पंचायती राज को अवमानना कार्रवाई की चेतावनी, कार्रवाई पूरी करने का निर्देश
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया आदेश.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 2, 2026 at 10:16 PM IST
प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव व अधिकारियों को अगली सुनवाई से पहले आदेश नहीं करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की चेतावनी दी है. यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने जितेंद्र सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है.
जनहित याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि विपक्षी संख्या नौ के विरुद्ध कार्रवाई में जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि उसे बचाया जा सके. मामला 27 अक्टूबर 2025 से कोर्ट में लंबित है और अब तक कई आदेश हो चुके हैं. कोर्ट ने पाया कि विपक्षियों की ओर से पेश जानकारी केवल तारीखों और औपचारिक कार्यवाहियों का उल्लेख था, जबकि 22 जुलाई 2025 से एक साल बीत जाने के बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई.
कोर्ट ने कहा कि यह रवैया याची के इस आरोप को बल देता है कि विपक्षी संख्या नौ को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. कोर्ट ने पंचायती राज विभाग के विशेष सचिव को एक सितंबर तक आदेश न होने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था. विशेष सचिव की ओर से उपस्थित होने की छूट मांगी गई, बताया गया कि उनके बेटे को डेंगू है इसलिए वह उपस्थित नहीं हो सकते.
कोर्ट ने पाया कि छूट के प्रार्थना पत्र में भी आदेश करने की कोई मंशा नहीं दिखाई गई. सरकारी वकील ने बताया कि वास्तविक आदेश प्रमुख सचिव पंचायती राज को करना है. कोर्ट ने प्रमुख सचिव व संबंधित स्वीकृति देने वाले अन्य अधिकारियों को अगली सुनवाई से पहले आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया और पालन न करने पर अवमानना कार्यवाही की चेतावनी दी.

