बिहार से UMEED पोर्टल पर 12000 से अधिक वक्फ की संपत्तियां रजिस्टर्ड, जानें पूरी डिटेल
वक्फ संपत्तियों पर रार के बीच बिहार में 12 हजार संपत्तियों की सूची दर्ज की गई है. पढ़ें पूरी खबर

Published : July 3, 2026 at 2:27 PM IST
पटना : केंद्र सरकार के वक्फ कानून को लेकर बिहार में खूब राजनीति हुई थी. बिहार में वक्फ कानून का विरोध भी खूब हुआ लेकिन इस कानून के बाद बिहार से 12 हजार से अधिक संपत्तियों को UMEED पोर्टल पर दर्ज कराया गया है.
सत्ता पक्ष के लोगों का कहना है कि यह अच्छी पहल है. एनडीए सरकार की मंशा है वक्फ की संपत्तियां सुरक्षित रहे और उसका बेहतर इस्तेमाल किया सके. शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैयद अफजल अब्बास का कहना है के वक्फ कानून को लेकर कई पॉइंट्स पर अभी विरोध है लेकिन संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन करना एक अच्छी पहल है. हालांकि विपक्ष का कहना है कि बीजेपी की नजर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर है.
शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड ने रजिस्टर्ड करायी संपत्ति : वक्फ संपत्तियों को UMEED पोर्टल पर दर्ज कराने की समय सीमा 30 जून को समाप्त हो गयी है. पहले 5 जून ही तय किया गया था लेकिन शिया और सुन्नी वक्त बोर्ड के डिमांड पर इसकी समय सीमा 30 जून तक बढ़ाई गई. बिहार से 12 हजार से अधिक संपत्तियों को UMEED पोर्टल पर दर्ज कराया गया है.
वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, बिहार स्टेट सुन्नी वक्फ बोर्ड के अंतर्गत 281 इस्टेट की 6700 संपत्तियां पंजीकृत हुई हैं. वहीं शिया वक्फ बोर्ड की 307 इस्टेट की 5955 संपत्तियां पंजीकृत हुई हैं. बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो बिहार में शत प्रतिशत वक्फ संपत्तियों को UMEED पोर्टल पर दर्ज करा दिया गया है.
'यह अच्छी पहल है' : शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैयद अफजल अब्बास का कहना है कि उम्मीद पोर्टल पर वक्फ कानून के आने के बाद ही संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हुआ है और यह अच्छी पहल है. पहले भी वक्फ बोर्ड का अपना पोर्टल था लेकिन यह केंद्र सरकार की तरफ से पहल हुई है. इससे यह साफ हो जाएगा कि वक्फ बोर्ड के पास कितनी संपत्ति है.
''हालांकि यह ध्यान रखना होगा कि गलती से कोई संपत्ति चढ़ा नहीं दी जाए जिससे बाद में लोगों को परेशानी हो. उम्मीद पोर्टल को लेकर हम लोगों को किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन वक्फ कानून के कुछ प्वाइंट्स पर आपत्ति थी जो अभी भी है.''- सैयद अफजल अब्बास, पूर्व अध्यक्ष, शिया वक्फ बोर्ड
RJD ने पूछे सवाल : इधर, आरजेडी प्रवक्ता आरजू खान का कहना है कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति रजिस्टर्ड हो गई यह अच्छी बात है. क्या इसके बाद बीजेपी की सोच बदलेगी? बीजेपी की तो पहले से नजर वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर रही है.
जेडीयू प्रवक्ता निहोरा यादव का कहना है कि वक्फ बोर्ड की संपत्ति उम्मीद पोर्टल पर रजिस्टर होने से सुरक्षित हो सकेगी और बेहतर इस्तेमाल भी किया जा सकेगा. निहोड़ा यादव ने कहा कि रजिस्टर्ड इसलिए कराया गया है ताकि पहले जो वक्फ की संपत्तियां के साथ गड़बड़ी की गई है उसे दुरुस्त किया जा सके. विपक्ष के पास आरोप लगाने के सिवा कोई काम नहीं है.
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