झारखंड स्थापना दिवस पर रांची सजी सांस्कृतिक रंगों में, शहर की दीवारों पर उकेरी जा रही है राज्य की पारंपरिक पहचान
झारखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती को लेकर रांची में उत्सव का माहौल नजर आ रहा है. जगह-जगह वॉल पेंटिंग बनाई जा रही है.

Published : November 14, 2025 at 2:08 PM IST
रांचीः झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रांची इस बार विशेष रंगों में रंग चुकी है. राज्य सरकार इस वर्ष स्थापना दिवस को खास बनाने की तैयारी में जुटी है और इसी क्रम में शहर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. मुख्य कार्यक्रम स्थल मोरहाबादी मैदान में 15 और 16 नवंबर तक भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां झारखंड की कला, संस्कृति, इतिहास और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा. साथ ही मुख्य समारोह भी यहीं आयोजित की जाएगी. जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं.
जगह-जगह की जा रही वॉल पेंटिंग
स्थापना दिवस से ठीक पहले शुक्रवार को राजधानी रांची के विभिन्न हिस्सों में वॉल पेंटिंग अभियान चलाया गया. इन वॉल पेंटिंग्स में झारखंड की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को बड़े ही कौशल और सृजनात्मकता के साथ चित्रों के माध्यम से उकेरा गया है. शहर की दीवारें अब सिर्फ दीवारें नहीं रह गईं, बल्कि एक जीवंत कैनवास बन गई हैं, जहां झारखंड की संस्कृति, परंपरा और लोककला बोलती हुई नजर आ रही है.
आकर्षक पेंटिंग देख लोग हो रहे मंत्रमुग्ध
इन चित्रों में सोहराय, खोवड़ाई, जापानीज स्वराज पेंटिंग स्टाइल, आदिवासी जीवनशैली, वन्यजीव, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रतीक जैसी कई कलात्मक झलकियां देखने को मिल रही हैं. कलाकारों ने झारखंड की धरती, जनजातीय संस्कृति, लोककथाओं और प्रकृति से जुड़े भावों को इतनी खूबसूरती से रंगों में पिरोया है कि राह चलते लोग भी आकर्षित हो रहे हैं.
वॉल पेंटिंग बनाने के लिए तीन स्थानों का चयन
इस अभियान के लिए तीन प्रमुख स्थानों आयुक्त कार्यालय (कचहरी) परिसर, मोरहाबादी चिल्ड्रेन पार्क की चहारदीवारी और जाकिर हुसैन पार्क की चहारदीवारी को चुना गया है. इन जगहों पर प्रोफेशनल कलाकार अपनी पेंटिंग्स के माध्यम से झारखंड की समृद्ध परंपरा को नई पहचान दे रहे हैं. कलाकारों का कहना है कि यह सिर्फ पेंटिंग नहीं है, बल्कि झारखंड की आत्मा को दीवारों पर जीवंत करने का प्रयास है.
वॉल पेंटिंग के माध्यम से कलाकारों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि झारखंड केवल खनिज-संपदा का प्रदेश नहीं, बल्कि अपनी अनूठी संस्कृति, जनजातीय परंपरा, प्राकृतिक सौंदर्य और लोककला की भूमि है. राजधानी रांची की दीवारों पर उकेरी गई हर आकृति, हर रंग और हर रेखा झारखंड की सांस्कृतिक गहराई को दर्शाती है.
स्थापना दिवस को लेकर शहर में उत्सव जैसा माहौल
स्थापना दिवस को लेकर शहर में उत्सव जैसा माहौल है. मोरहाबादी में लगने वाली प्रदर्शनी में इस बार विशेष आकर्षण के तौर पर हस्तशिल्प, आदिवासी कलाकृतियां, स्थानीय उत्पाद, सरकारी विभागों की उपलब्धियां और विकास से जुड़े मॉडल भी शामिल होंगे. इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य और प्रदर्शनी भी झारखंड की पहचान को और निखारेगी.

लोगों को राज्य की संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
सरकार का उद्देश्य इस वर्ष स्थापना दिवस को सिर्फ एक औपचारिक आयोजन न रखते हुए, उसे जनभागीदारी और सांस्कृतिक चेतना से जोड़ना है. इसी कारण वॉल पेंटिंग का यह स्वरूप आम नागरिकों को भी झारखंड की संस्कृति के साथ जोड़ रहा है.
कुल मिलाकर रांची इन दिनों रंगों, कलाओं और संस्कृति के उत्सव में डूबी हुई है. स्थापना दिवस के मौके पर शहर की दीवारें और मोरहाबादी का मैदान झारखंड की जीवंत पहचान को एक नए रूप में पेश कर रहा है.
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