दिल्ली मेडिकल काउंसिल के चुनाव में मतदान कल, जानिए किन-किन के बीच है मुकाबला
दिल्ली मेडिकल काउंसिल में कुल 25 सदस्य होते हैं. इनमें से आठ सदस्यों का चुनाव सीधे दिल्ली मेडिकल काउंसिल के सदस्य करते हैं.


Published : May 30, 2026 at 5:03 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) के 31 मई को होने वाले चुनाव को लेकर राजधानी के डॉक्टरों के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं. रविवार को डीएमसी की आठ सीटों के लिए मतदान होगा. डीएमसी चुनाव को लेकर के जीटीबी अस्पताल के मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर एवं डीएमसी के सदस्य डॉक्टर कुलदीप कुमार ने कहा कि जितनी भी मेडिकल काउंसिल और संगठन हैं. ये सभी जिस काम के लिए बनाए गए थे. उन्होंने उस काम पर कभी ध्यान नहीं दिया. डीएमसी के डेढ़ साल से भंग होने और उसके पदाधिकारियों के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद इसे भंग किया गया था. इससे साफ होता है कि यह जो बॉडी सरकार की मदद करने के लिए और मेडिकल प्रोफेशन में अच्छे डॉक्टर आए डॉक्टरों की क्वालिटी बनी रहे इसको लेकर काम करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन यहां पर उसको करप्शन का अड्डा बना दिया गया.
बड़े डॉक्टरों के बीच डीएमसी के चुनाव को लेकर बड़ी जद्दोजहद रहती है. इसके पीछे उनका प्रयास यह रहता है कि वह चुनकर डीएमसी में आए और कॉरपोरेट ग्रुप को लाभ पहुंचा सकें. डॉक्टरों के खिलाफ आने वाले मामलों में आखिर क्यों डिसीजन में देरी होती है. डीएमसी में मेडिकल नेग्लिजेंस के केस आते हैं, उनमें बहुत कम कार्रवाई होती है. डॉक्टर के प्रोफेशन को कंज्यूमर एक्ट के अंदर ला दिया गया है. इसके खिलाफ जो लोग चुनाव लड़ रहे हैं इन्होंने कभी आवाज नहीं उठाई. इसी तरह के अधिकतर लोग इस बार भी चुनाव मैदान में हैं.
डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन में देरी भी है चुनाव में मुद्दा
यूसीएमएस टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर कुलदीप कुमार ने यह भी बताया कि डीएमसी के चुनाव में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन को लेकर के आ रही परेशानी है. एक-एक डेढ़ महीना डॉक्टरों को रजिस्ट्रेशन के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं, तब जाकर कहीं डीएमसी में रजिस्ट्रेशन होता है. इन सभी मुद्दों को लेकर के चुनाव हो रहा है. उन्होंने बताया कि डीएमसी चुनाव में कल 9 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. मतदान शास्त्री पार्क स्थित डीएमसी मुख्यालय में होगा. डॉक्टर कुलदीप कुमार ने कहा कि मेरा मुद्दा यही है कि अच्छे लोग डीएमसी में चुनकर आने चाहिए जो कि काम करें, जिस काम के लिए उनको चुना जा रहा है, वही काम करें ना कि वहां बैठ करके कॉरपोरेट ग्रुप के लोगों या भ्रष्ट लोगों के लिए काम करना शुरू करें.
आठ सीटों के लिए 38 लोग चुनाव मैदान में
इस चुनाव में काउंसिल की आठ सीटों के लिए कुल 38 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें से 24 उम्मीदवार तीन अलग-अलग पैनलों ( टीम सेवा, टीम परिवर्तन और टीम संकल्प ) से संयुक्त रूप से चुनावी मैदान में हैं. इनमें एक पैनल को भाजपा समर्थित माना जा रहा है. वहीं, एक पैनल को कॉर्पोरेट हॉस्पिटल ग्रुप द्वारा समर्थित माना जा रहा है. जबकि एक पैनल खुद को सिर्फ डॉक्टरों द्वारा समर्थित होने का दावा कर रहा है. उस ग्रुप का कहना है कि वह किसी भी पॉलिटिकल पार्टी से संबंधित नहीं है, उसे सिर्फ छोटे क्लिनिक और नर्सिंग होम चलाने वाले व डॉक्टरों के हित के लिए लड़ने वाले डॉक्टरों के रूप में समर्थन प्राप्त है. अगर हम डीएमसी चुनाव मैदान में उतरे पैनल टीम कर्मा की बात करें तो यह पैनल खुद के डॉक्टरों द्वारा समर्थित होने का दावा करता है. साथ ही यह भी कहता है कि हम बिना की किसी कॉर्पोरेट और बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के सिर्फ डॉक्टरों के हित में काम करने के लिए चुनावी मैदान में हैं.
31 मई को डीएमसी के शास्त्री पार्क स्थित ऑफिस में मतदान होगा. इसमें डीएमसी में रजिस्टर्ड और अपनी मेंम्बरशिप का रिन्यूअल करा चुके 92 हजार डॉक्टर मतदाता मतदान के लिए वैध हैं. ये लोग ही आठ सीटों के लिए 54 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. बता दें कि डीएमसी में कुल 25 सदस्य होते हैं. इनमें से आठ सदस्यों का चुनाव सीधे डीएमसी के सदस्य करते हैं. इसके अलावा दिल्ली के 12 मेडिकल कॉलेजों से एक-एक प्रतिनिधि चुनकर भेजा जाता है. चार सदस्य दिल्ली सरकार नॉमिनेट करती है. इसके अलावा एक सदस्य को दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य चुनकर भेजते हैं. दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की सीट पर डीएमसी के पूर्व रजिस्ट्रार गिरीश त्यागी चुनाव जीतकर आ चुके हैं.
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